NET-JRF Success Story: सीकर जिले के नीमकाथाना क्षेत्र के थोई रूपपुरा गांव निवासी प्रो. सुरेश कुमार वर्मा ने अपनी मेहनत और लगन से नया कीर्तिमान स्थापित किया है। रसायन विज्ञान के इस प्रोफेसर ने जून 1999 से फरवरी 2026 तक राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) को 50 बार उत्तीर्ण कर इतिहास रच दिया।
इतनी बार NET-JRF एग्जाम किया क्लियर
प्रो. वर्मा ने अपने NET के सफर में 18 बार जेआरएफ (JRF) भी हासिल किया है। खास बात यह है कि वे 14 बार ऑल इंडिया रैंक-1, तीन बार रैंक-2 और चार बार रैंक-3 पर रहे हैं। इतना ही नहीं वे लगभग हर बार ऑल इंडिया टॉप-20 में अपनी जगह बनाने में सफल रहे। उन्होंने मात्र 24 वर्ष की उम्र में पहला NET एग्जाम दिया था और तभी से सफलता का सिलसिला जारी है।
GATE परीक्षा भी 25 बार हुए पास
प्रो. सुरेश वर्मा ने इंजीनियरिंग की प्रतिष्ठित परीक्षा GATE को भी 25 बार उत्तीर्ण किया है। इस परीक्षा में वे तीन बार अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल कर चुके हैं। लगातार इतने वर्षों तक उच्च स्तर की परीक्षाओं में सफलता हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान
उनकी उपलब्धियों को देखते हुए उनका नाम लंदन स्थित वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हो चुका है। वर्तमान में वे राजकीय कन्या महाविद्यालय चौमूं में केमिस्ट्री के प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।
4 पुस्तकें हो चुकी प्रकाशित
प्रो. वर्मा की ऑर्गेनिक केमिस्ट्री पर चार पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अलावा उनके 19 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र भी प्रकाशित हुए हैं। शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उनका योगदान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।


