जबलपुर में ‘माय भारत’ युवा कार्यक्रम शुरू:छह जिलों से आए 132 कश्मीरी युवा 5 दिन जानेंगे MP की संस्कृति, खान-पान और रहन-सहन

जबलपुर में ‘माय भारत’ युवा कार्यक्रम शुरू:छह जिलों से आए 132 कश्मीरी युवा 5 दिन जानेंगे MP की संस्कृति, खान-पान और रहन-सहन

जबलपुर में मंगलवार को ‘माय भारत’ छठवें कश्मीरी-मध्य प्रदेश युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम यूथ हॉस्टल जबलपुर में शुरू किया गया। इसका उद्घाटन धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. मनोज सिन्हा ने किया। इस कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के छह जिलों- पुलवामा, श्रीनगर, बड़गाम, बारामुल्ला और कुपवाड़ा से आए 132 युवा-युवतियों ने भाग लिया। अगले पांच दिनों तक कश्मीर और मध्य प्रदेश के युवा एक-दूसरे की संस्कृति, खान-पान, भाषा और रहन-सहन को जानेंगे और समझेंगे। इस अवसर पर डॉ. मनोज सिन्हा के साथ प्रोफेसर डॉ. निशांत पाठक, जिला युवा अधिकारी हर्षल तलसकर, मनीष चौहान और रमेश परिहार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। एक-दूसरे के शहरों-परंपराओं को जानने का मौका मिलेगा कुलपति डॉ. मनोज सिन्हा ने कहा कि भारत सरकार का ‘वतन को जानो’ कार्यक्रम युवाओं को आपस में जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा करना नहीं, बल्कि विचारों, संस्कृतियों और अनुभवों का आदान-प्रदान करना है। उन्होंने जोर दिया कि जब छात्र-छात्राएं एक-दूसरे के शहरों और परंपराओं को करीब से देखते हैं, तो उन्हें यह एहसास होता है कि भाषाएं, परंपराएं और रहन-सहन भले ही अलग हों, लेकिन राष्ट्र के प्रति समर्पण और देश की प्रगति की सोच समान है। अवसरों की कमी के कारण युवा कर रहे नशा कश्मीर से आई प्रतिभागी सुनैना गुलजार ने युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती के रूप में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को बताया। उन्होंने कहा कि गलत संगति और अवसरों की कमी के कारण कई युवा नशे की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त, रोजगार के सीमित अवसरों के कारण मानसिक दबाव और अवसाद जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। सुनैना ने ‘माय भारत’ कार्यक्रम को युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया, जो उन्हें सकारात्मक दिशा और नए अवसर प्रदान करता है। उन्होंने सुझाव दिया कि आने वाले वर्षों में कश्मीर में पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और बढ़ावा मिलना चाहिए। सुनैना ने कहा कि देश के अन्य राज्यों से अधिक लोगों को कश्मीर जाना चाहिए और वहां की संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता तथा लोगों से जुड़ना चाहिए। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और एक सकारात्मक माहौल बनेगा।

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