अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर हरियाणा की सियासत गरमा गई है। सोमवार को 10 प्रमुख किसान संगठनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कुरुक्षेत्र में तीन-दिवसीय विशाल धरने का आगाज़ किया। भारी सुरक्षा घेरे और पुलिस बल की तैनाती के बीच हजारों की संख्या में किसान सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
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हजारों किसान सुबह ताऊ देवी लाल पार्क में एकत्रित हुए और बाद में पैदल ही मुख्यमंत्री के शिविर कार्यालय की ओर बढ़े, लेकिन जिंदल चौक के पास पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जहां पुलिस ने अवरोधक लगा रखे थे।
इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे। पुलिस बल को भी बड़ी संख्या में मौके पर तैनात किया गया।
किसान नेताओं ने कहा कि धरना तीन दिनों तक जारी रहेगा।
किसान नेता मनदीप सिंह सिरसा ने कहा कि प्रमुख मांगों में से एक यह है कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौता रद्द किया जाए। उन्होंने बताया कि अन्य मांगों में किसानों के बिजली बिल माफ करना और फसल क्षति के लिए मुआवजा देना शामिल है।
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मुख्य मांगें: अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौते पर रार
किसान नेता मनदीप सिंह सिरसा ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों के खिलाफ भी है। किसानों की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: किसानों की सबसे बड़ी मांग है कि अमेरिका के साथ होने वाले कृषि संबंधी व्यापारिक समझौतों को तुरंत रद्द किया जाए। किसानों को डर है कि इससे देसी बाजार पर बुरा असर पड़ेगा।
बिजली बिल माफी: राज्य के किसानों के बकाया बिजली बिलों को पूरी तरह माफ करने की मांग।
फसल मुआवजा: प्राकृतिक आपदाओं या अन्य कारणों से हुई फसल क्षति के लिए उचित और तुरंत मुआवजा देने की अपील।


