रांची से दिल्ली जा रही रेडबर्ड एयरवेज प्रा. लि. की एयर एंबुलेंस सोमवार शाम चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र स्थित कसियातू जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। एयर एंबुलेंस ने शाम 7:11 बजे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। 7:34 बजे कोलकाता एटीसी से संपर्क टूट गया। रात 8:05 बजे रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर सक्रिय किया गया। देर रात तक सभी शव बरामद कर लिए गए। बारिश, अंधेरा और जोरदार धमाका प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम को हल्की बारिश हो रही थी और बीच-बीच में बिजली चमक रही थी। अधिकतर लोग घरों में थे। शाम करीब 7:45 बजे अचानक तेज धमाका हुआ। कुछ सेकेंड के लिए आसमान में तेज उजाला फैल गया। ग्रामीण पथलपनिया जंगल की ओर दौड़े। बारिश और अंधेरे के बीच खोजबीन शुरू हुई। करीब दो घंटे बाद जंगल में विमान का मलबा बिखरा मिला। टॉर्च की रोशनी में दूर-दूर तक टुकड़े दिखाई दिए। कुछ शव मलबे में फंसे थे, जबकि कुछ दूर गिरे मिले। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और इलाके को घेरकर सर्च अभियान चलाया। विमान में कौन-कौन थे सवार विमान में सात लोग सवार थे: चतरा एसपी सुमित अग्रवाल ने सभी के शव बरामद होने की पुष्टि की। छह दिन पहले 65% तक झुलस गए थे संजय चंदवा निवासी व्यवसायी संजय कुमार छह दिन पहले अपने लाइन होटल में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में 65% तक झुलस गए थे। पैर फिसलने से वे आग की चपेट में आ गए थे। उन्हें रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर दिल्ली रेफर किया गया था। संजय कुमार के दो बेटे हैं— शुभम (17) और शिवम (13)। 8 लाख पहले दिए, 2.50 लाख बाद में चुकाए परिजनों के अनुसार, एयर एंबुलेंस कंपनी को पहले ही 8 लाख रुपए दिए जा चुके थे। तय किराये के अनुसार 2.50 लाख रुपए और बकाया थे। आरोप है कि शेष राशि नहीं मिलने पर कंपनी ने उड़ान भरने से मना कर दिया। इसके बाद परिजन चंदवा लौटे और पैसे की व्यवस्था कर दोबारा रांची पहुंचे। शेष 2.50 लाख रुपए देने के बाद ही विमान ने उड़ान भरी। हादसे के तीन संभावित कारण प्रारंभिक रिपोर्ट में खराब मौसम को संभावित कारण माना जा रहा है। सोमवार शाम अचानक तेज हवा और झमाझम बारिश शुरू हो गई थी। विमान अपने निर्धारित रूट से दाईं ओर डायवर्ट हो गया था। विशेषज्ञों के अनुसार संभावित कारण हो सकते हैं: तकनीकी खराबी – इंजन फेल या सिस्टम में गड़बड़ी। खराब मौसम – तेज हवा, कम दृश्यता या तूफानी हालात। मानवीय त्रुटि – निर्णय लेने में चूक या कंट्रोल में गलती। जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा।


