गयाजी में बिहार ग्रामीण बैंक ने आज ‘प्रहार कैंपेन’ नाम का एक विशेष समझौता अभियान शुरू किया है। बैंक के एजीएम रीजनल मैनेजर विकास कुमार ने एपी कॉलोनी स्थित बैंक में आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पुराने एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) खाताधारकों को कर्ज से राहत दिलाना और बैंक को एनपीए मुक्त बनाना है। विकास कुमार ने बताया कि बैंक ने एक विशेष समझौता परिपत्र लागू किया है। इसके तहत उन सभी ऋणधारकों को लाभ मिलेगा, जिन्होंने बैंक से किसी भी योजना के अंतर्गत ऋण लिया था और उनका खाता किसी कारणवश एनपीए श्रेणी में चला गया। बैंक अब ऐसे ग्राहकों को न्यूनतम राशि में समझौता कर कर्ज से मुक्त होने का सुनहरा अवसर प्रदान कर रहा है। खाताधारक को राहत मिलने की उम्मीद उन्होंने जानकारी दी कि अकेले गया में 80 हजार से अधिक ऐसे ऋणधारक हैं, जिनके खाते एनपीए हो चुके हैं। इन सभी को इस विशेष अभियान के तहत राहत मिलने की उम्मीद है। बैंक प्रबंधन का प्रयास है कि सालों से कर्ज के बोझ और बैंक नोटिस के कारण परेशान पुराने खाताधारकों को आर्थिक और मानसिक तनाव से मुक्ति मिल सके। एजीएम रीजनल मैनेजर विकास कुमार ने यह भी बताया कि जिले में 25 हजार से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) खाते भी एनपीए हो चुके हैं। इस अभियान के तहत केसीसी धारकों को भी विशेष छूट का लाभ मिलेगा। उन्होंने इसे किसानों और आम ऋणधारकों के लिए एक बड़ा अवसर बताया, क्योंकि बैंक की ओर से दी जा रही छूट लगभग ऋण माफी के समान है। विकास कुमार ने सभी पुराने ऋणधारकों से अपील की कि वे बिना किसी डर या झिझक के बैंक शाखाओं में पहुंचें और अपने ऋण का समझौता कराकर इस योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि ऋणमुक्त होने के बाद ग्राहकों का क्रेडिट स्कोर सुधर जाएगा, जिससे भविष्य में उन्हें दोबारा बैंक से आसानी से लोन मिल सकेगा। चाहे व्यवसाय शुरू करना हो, खेती के लिए ऋण लेना हो या किसी अन्य जरूरत के लिए बैंक सहायता चाहिए हो, बेहतर क्रेडिट स्कोर से सभी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल यह विशेष समझौता अभियान जून महीने तक चलाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इसकी अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकती है। गयाजी में बिहार ग्रामीण बैंक ने आज ‘प्रहार कैंपेन’ नाम का एक विशेष समझौता अभियान शुरू किया है। बैंक के एजीएम रीजनल मैनेजर विकास कुमार ने एपी कॉलोनी स्थित बैंक में आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पुराने एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) खाताधारकों को कर्ज से राहत दिलाना और बैंक को एनपीए मुक्त बनाना है। विकास कुमार ने बताया कि बैंक ने एक विशेष समझौता परिपत्र लागू किया है। इसके तहत उन सभी ऋणधारकों को लाभ मिलेगा, जिन्होंने बैंक से किसी भी योजना के अंतर्गत ऋण लिया था और उनका खाता किसी कारणवश एनपीए श्रेणी में चला गया। बैंक अब ऐसे ग्राहकों को न्यूनतम राशि में समझौता कर कर्ज से मुक्त होने का सुनहरा अवसर प्रदान कर रहा है। खाताधारक को राहत मिलने की उम्मीद उन्होंने जानकारी दी कि अकेले गया में 80 हजार से अधिक ऐसे ऋणधारक हैं, जिनके खाते एनपीए हो चुके हैं। इन सभी को इस विशेष अभियान के तहत राहत मिलने की उम्मीद है। बैंक प्रबंधन का प्रयास है कि सालों से कर्ज के बोझ और बैंक नोटिस के कारण परेशान पुराने खाताधारकों को आर्थिक और मानसिक तनाव से मुक्ति मिल सके। एजीएम रीजनल मैनेजर विकास कुमार ने यह भी बताया कि जिले में 25 हजार से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) खाते भी एनपीए हो चुके हैं। इस अभियान के तहत केसीसी धारकों को भी विशेष छूट का लाभ मिलेगा। उन्होंने इसे किसानों और आम ऋणधारकों के लिए एक बड़ा अवसर बताया, क्योंकि बैंक की ओर से दी जा रही छूट लगभग ऋण माफी के समान है। विकास कुमार ने सभी पुराने ऋणधारकों से अपील की कि वे बिना किसी डर या झिझक के बैंक शाखाओं में पहुंचें और अपने ऋण का समझौता कराकर इस योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि ऋणमुक्त होने के बाद ग्राहकों का क्रेडिट स्कोर सुधर जाएगा, जिससे भविष्य में उन्हें दोबारा बैंक से आसानी से लोन मिल सकेगा। चाहे व्यवसाय शुरू करना हो, खेती के लिए ऋण लेना हो या किसी अन्य जरूरत के लिए बैंक सहायता चाहिए हो, बेहतर क्रेडिट स्कोर से सभी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल यह विशेष समझौता अभियान जून महीने तक चलाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इसकी अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकती है।


