झारखंड में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 695 डॉक्टरों को अनुपस्थित बताकर जारी की गई सूची पर विवाद खड़ा हो गया है। विभाग ने 15 दिन के भीतर जवाब मांगते हुए बर्खास्तगी की चेतावनी दी है। विभाग के मुताबिक इनमें से 631 डॉक्टरों की सूची वरीयता के आधार पर की गई है, जो वर्षों से काम नहीं कर रहे हैं। वहीं जेपीएससी से नियुक्त 64 डॉक्टरों ने ज्वाइन ही नहीं किया। जबकि हकीकत बिल्कुल विपरीत है। इस सूची में ऐसे डॉक्टर भी हैं, जिनकी सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। वहीं कई ऐसे डॉक्टर हैं, जो सालों से अस्पतालों में मरीज देख रहे हैं। नियमित रूप से वेतन उठा रहे हैं। सरकारी आदेश पर उनका तबादला भी हुआ है। ऐसे में इस सूची को लेकर डॉक्टरों में भारी आक्रोश है। डॉक्टरों के वॉट्सएप ग्रुप पर कई डॉक्टर बता रहे हैं कि वे कहां पदस्थापित हैं, जबकि सरकारी सूची में उन्हें लापता बता दिया गया है। रांची में 20, चतरा में 13 और कोडरमा में 18 ऐसे डॉक्टर मिले हैं, जो अभी ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन सूची के हिसाब से गायब हैं। जानिए…सरकारी सूची की हकीकत डॉ. मानकी कृष्णमोहन शाही – टाटीसिलवे के रहने वाले डॉ. शाही की वर्ष 2022 में ड्यूटी पर जाने के दौरान सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बावजूद इनका नाम लापता डॉक्टरों की सूची में है। ये डॉक्टर कार्यरत सूची में चतरा के दो पूर्व उपाधीक्षक भी डॉ. पंकज कुमार- सदर अस्पताल चतरा के उपाधीक्षक रहे। 30 जून को जामताड़ा के नारायणपुर पीएचसी में चिकित्सा पदाधिकारी पद पर तबादला हुआ। वहां वेतन मिल रहा। डॉ. राजीव राजन- सदर अस्पताल चतरा के उपाधीक्षक रहे। जून 2023 में रिम्स रांची और फिर सिमडेगा ट्रांसफर हुआ। अभी सिमडेगा में चिकित्सा पदाधिकारी हैं। डॉक्टर कार्यरत हैं तो सूचना दें
सूची में शामिल डॉक्टरों को हटाया नहीं गया है, बल्कि 15 दिन में आपत्ति मांगी गई है। जो कार्यरत हैं, वे विभाग को सूचना दें। उनका नाम सूची से हटा दिया जाएगा। संभावना है कि कई डॉक्टर कार्यरत होंगे। लेकिन कई ऐसे भी डॉक्टर हैं, जो दो-दो जगह सेवा दे रहे हैं। -डॉ. अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग झारखंड में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 695 डॉक्टरों को अनुपस्थित बताकर जारी की गई सूची पर विवाद खड़ा हो गया है। विभाग ने 15 दिन के भीतर जवाब मांगते हुए बर्खास्तगी की चेतावनी दी है। विभाग के मुताबिक इनमें से 631 डॉक्टरों की सूची वरीयता के आधार पर की गई है, जो वर्षों से काम नहीं कर रहे हैं। वहीं जेपीएससी से नियुक्त 64 डॉक्टरों ने ज्वाइन ही नहीं किया। जबकि हकीकत बिल्कुल विपरीत है। इस सूची में ऐसे डॉक्टर भी हैं, जिनकी सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। वहीं कई ऐसे डॉक्टर हैं, जो सालों से अस्पतालों में मरीज देख रहे हैं। नियमित रूप से वेतन उठा रहे हैं। सरकारी आदेश पर उनका तबादला भी हुआ है। ऐसे में इस सूची को लेकर डॉक्टरों में भारी आक्रोश है। डॉक्टरों के वॉट्सएप ग्रुप पर कई डॉक्टर बता रहे हैं कि वे कहां पदस्थापित हैं, जबकि सरकारी सूची में उन्हें लापता बता दिया गया है। रांची में 20, चतरा में 13 और कोडरमा में 18 ऐसे डॉक्टर मिले हैं, जो अभी ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन सूची के हिसाब से गायब हैं। जानिए…सरकारी सूची की हकीकत डॉ. मानकी कृष्णमोहन शाही – टाटीसिलवे के रहने वाले डॉ. शाही की वर्ष 2022 में ड्यूटी पर जाने के दौरान सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बावजूद इनका नाम लापता डॉक्टरों की सूची में है। ये डॉक्टर कार्यरत सूची में चतरा के दो पूर्व उपाधीक्षक भी डॉ. पंकज कुमार- सदर अस्पताल चतरा के उपाधीक्षक रहे। 30 जून को जामताड़ा के नारायणपुर पीएचसी में चिकित्सा पदाधिकारी पद पर तबादला हुआ। वहां वेतन मिल रहा। डॉ. राजीव राजन- सदर अस्पताल चतरा के उपाधीक्षक रहे। जून 2023 में रिम्स रांची और फिर सिमडेगा ट्रांसफर हुआ। अभी सिमडेगा में चिकित्सा पदाधिकारी हैं। डॉक्टर कार्यरत हैं तो सूचना दें
सूची में शामिल डॉक्टरों को हटाया नहीं गया है, बल्कि 15 दिन में आपत्ति मांगी गई है। जो कार्यरत हैं, वे विभाग को सूचना दें। उनका नाम सूची से हटा दिया जाएगा। संभावना है कि कई डॉक्टर कार्यरत होंगे। लेकिन कई ऐसे भी डॉक्टर हैं, जो दो-दो जगह सेवा दे रहे हैं। -डॉ. अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग

