भागलपुर के बड़ी खंजरपुर दुर्गा स्थान में दुर्गापूजा की परंपरा करीब 60 साल पुरानी है। हिंद ए युवा संघ की ओर से आयोजित होने वाली पूजा आसपास के इलाके के लोगों के लिए खास महत्व रखती है। हर साल यहां पंडाल को अलग-अलग थीम पर तैयार किया जाता है। इस बार पंडाल को इस्कॉन मंदिर की तर्ज पर गेटअप दिया गया है। मंदिर की शैली में की गई सजावट श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। पूजा के दौरान पंडाल में दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। हर साल कुछ नया करने की कोशिश आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, यहां हर साल पंडाल की सजावट में कुछ नया करने का प्रयास किया जाता है। पिछले साल राजस्थान की तर्ज पर पंडाल तैयार किया गया था, जबकि इस बार इस्कॉन मंदिर की थीम चुनी गई है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को हर साल एक नया अनुभव देना और पूजा के आयोजन को खास बनाना है। पंडाल की भव्य सजावट करीब छह दशक से चली आ रही इस परंपरा ने बड़ी खंजरपुर दुर्गा स्थान को इलाके के प्रमुख पूजा स्थलों में शामिल किया है। नवरात्र के दौरान आसपास के मोहल्लों के लोग यहां मां दुर्गा के दर्शन करने पहुंचते हैं। परिवार के साथ आने वाले श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ पंडाल की सजावट भी देखते हैं। बहुत खास है दुर्गा पूजा बड़ी खंजरपुर और आसपास के इलाकों में दुर्गापूजा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि लोगों के एक साथ जुटने का अवसर भी है। हर साल पंडाल की नई थीम लोगों के बीच चर्चा का विषय बनती है। आयोजन समिति की ओर से परंपरा को बनाए रखते हुए सजावट में बदलाव किया जाता है। इस बार इस्कॉन मंदिर की तर्ज पर तैयार पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंच रहे लोगों के बीच पूजा को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। भागलपुर के बड़ी खंजरपुर दुर्गा स्थान में दुर्गापूजा की परंपरा करीब 60 साल पुरानी है। हिंद ए युवा संघ की ओर से आयोजित होने वाली पूजा आसपास के इलाके के लोगों के लिए खास महत्व रखती है। हर साल यहां पंडाल को अलग-अलग थीम पर तैयार किया जाता है। इस बार पंडाल को इस्कॉन मंदिर की तर्ज पर गेटअप दिया गया है। मंदिर की शैली में की गई सजावट श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। पूजा के दौरान पंडाल में दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। हर साल कुछ नया करने की कोशिश आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, यहां हर साल पंडाल की सजावट में कुछ नया करने का प्रयास किया जाता है। पिछले साल राजस्थान की तर्ज पर पंडाल तैयार किया गया था, जबकि इस बार इस्कॉन मंदिर की थीम चुनी गई है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को हर साल एक नया अनुभव देना और पूजा के आयोजन को खास बनाना है। पंडाल की भव्य सजावट करीब छह दशक से चली आ रही इस परंपरा ने बड़ी खंजरपुर दुर्गा स्थान को इलाके के प्रमुख पूजा स्थलों में शामिल किया है। नवरात्र के दौरान आसपास के मोहल्लों के लोग यहां मां दुर्गा के दर्शन करने पहुंचते हैं। परिवार के साथ आने वाले श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ पंडाल की सजावट भी देखते हैं। बहुत खास है दुर्गा पूजा बड़ी खंजरपुर और आसपास के इलाकों में दुर्गापूजा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि लोगों के एक साथ जुटने का अवसर भी है। हर साल पंडाल की नई थीम लोगों के बीच चर्चा का विषय बनती है। आयोजन समिति की ओर से परंपरा को बनाए रखते हुए सजावट में बदलाव किया जाता है। इस बार इस्कॉन मंदिर की तर्ज पर तैयार पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंच रहे लोगों के बीच पूजा को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।

