गयाजी में 6 बिहार बटालियन एनसीसी में बुधवार को रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर बहनों और बच्चों ने देश की सुरक्षा में तैनात जवानों की कलाइयों पर राखियां बांधीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मातृशक्ति दुर्गावाहिनी की बहनों और दो निजी स्कूलों के बच्चों ने किया। उन्होंने सबसे पहले 6 बिहार बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पंकज कुमार की कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद अन्य बहनों और बच्चों ने बटालियन के अधिकारियों और जवानों को राखियां पहनाईं। राखी बांधते समय बहनों ने जवानों के सुरक्षित रहने और उनकी निरंतर सफलता की कामना की। । कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पंकज कुमार ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह विश्वास, सुरक्षा और जिम्मेदारी के संकल्प को भी दर्शाता है। सैनिक देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हुए राष्ट्र की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। ऐसे आयोजनों से सैनिकों का मनोबल बढ़ता है, क्योंकि उन्हें यह अहसास होता है कि देश की जनता उनके साथ खड़ी है। सैनिकों के लिए रक्षाबंधन भावनात्मक रूप से विशेष महत्व रखता कर्नल कुमार ने आगे कहा कि परिवार से दूर रहकर देश की सेवा करने वाले सैनिकों के लिए रक्षाबंधन जैसे कार्यक्रम भावनात्मक रूप से विशेष महत्व रखते हैं। बहनों की ओर से बांधी गई राखी उनके लिए स्नेह, सम्मान और सामाजिक समर्थन का संदेश लेकर आती है। कर्नल पंकज कुमार ने एनसीसी के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनसीसी का लक्ष्य युवाओं में केवल अनुशासन विकसित करना नहीं है, बल्कि उनमें देशभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा की भावना को भी मजबूत करना है। जवानों ने भी बच्चों को स्नेह दिया
कार्यक्रम के दौरान जवानों और बच्चों के बीच खास आत्मीयता देखने को मिली। बच्चों ने उत्साह के साथ जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी और उनके साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। जवानों ने भी बच्चों को स्नेह दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान मौजूद बहनों ने कहा कि देश की रक्षा करने वाले जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का इससे बेहतर अवसर नहीं हो सकता। गयाजी में 6 बिहार बटालियन एनसीसी में बुधवार को रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर बहनों और बच्चों ने देश की सुरक्षा में तैनात जवानों की कलाइयों पर राखियां बांधीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मातृशक्ति दुर्गावाहिनी की बहनों और दो निजी स्कूलों के बच्चों ने किया। उन्होंने सबसे पहले 6 बिहार बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पंकज कुमार की कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद अन्य बहनों और बच्चों ने बटालियन के अधिकारियों और जवानों को राखियां पहनाईं। राखी बांधते समय बहनों ने जवानों के सुरक्षित रहने और उनकी निरंतर सफलता की कामना की। । कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पंकज कुमार ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह विश्वास, सुरक्षा और जिम्मेदारी के संकल्प को भी दर्शाता है। सैनिक देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हुए राष्ट्र की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। ऐसे आयोजनों से सैनिकों का मनोबल बढ़ता है, क्योंकि उन्हें यह अहसास होता है कि देश की जनता उनके साथ खड़ी है। सैनिकों के लिए रक्षाबंधन भावनात्मक रूप से विशेष महत्व रखता कर्नल कुमार ने आगे कहा कि परिवार से दूर रहकर देश की सेवा करने वाले सैनिकों के लिए रक्षाबंधन जैसे कार्यक्रम भावनात्मक रूप से विशेष महत्व रखते हैं। बहनों की ओर से बांधी गई राखी उनके लिए स्नेह, सम्मान और सामाजिक समर्थन का संदेश लेकर आती है। कर्नल पंकज कुमार ने एनसीसी के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनसीसी का लक्ष्य युवाओं में केवल अनुशासन विकसित करना नहीं है, बल्कि उनमें देशभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा की भावना को भी मजबूत करना है। जवानों ने भी बच्चों को स्नेह दिया
कार्यक्रम के दौरान जवानों और बच्चों के बीच खास आत्मीयता देखने को मिली। बच्चों ने उत्साह के साथ जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी और उनके साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। जवानों ने भी बच्चों को स्नेह दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान मौजूद बहनों ने कहा कि देश की रक्षा करने वाले जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का इससे बेहतर अवसर नहीं हो सकता।

