45 लाख लूट मामले में अपराधी की नहीं हुई गिरफ्तारी:अब पोस्टर के भरोसे गयाजी पुलिस; 10 हजार के इनाम की घोषणा हुई

45 लाख लूट मामले में अपराधी की नहीं हुई गिरफ्तारी:अब पोस्टर के भरोसे गयाजी पुलिस; 10 हजार के इनाम की घोषणा हुई

गयाजी में 27 मई की शाम गुरुआ बाजार में ज्वेलर्स से 45 लाख की लूट हुई थी। इस मामले में शामिल 5 बदमाशों का जिला पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से फोटो सार्वजनिक किया है। साथ ही इनाम की भी घोषणा की है। बता दें कि जिले का गुरुआ प्रखंड बाजार एक बार फिर बदमाशों की गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा था। 27 मई की ढलती शाम करीब साढ़े सात बजे, जब बाजार में चहल-पहल थी, तब बेखौफ बदमाशों ने ज्वेलर्स प्रभाकर वर्णवाल को निशाना बनाया था। प्रभाकर दुकान बंद कर घर को जा रहे थे। अपराधियों ने न सिर्फ 40 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात और 5 लाख रुपए नगद लूट लिए थे, बल्कि दहशत फैलाने के लिए ताबड़तोड़ फायरिंग भी की थी। विरोध करने पर बदमाशों ने व्यवसायी प्रभाकर वर्णवाल की जांघ में गोली मार दी थी, जो आर-पार हो गई थी। वारदात को अंजाम देकर बदमाश बड़े आराम से बाइक पर सवार होकर फरार हो गए थे। एसएसपी सुशील कुमार की गठित विशेष जांच टीम (SIT) अब तक इस मामले में एक भी ठोस सुराग या लीड ढूंढने में नाकाम रही है। ​लठ परेड’ भी रही बेअसर सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए गुरुआ प्रखंड और उसके आसपास के इलाकों से कई कुख्यात बदमाशों और संदेहास्पद युवकों को हिरासत में लिया था। पुलिसिया भाषा में कहें तो इन बदमाशों की ‘लठ परेड’ (कड़ाई से पूछताछ) भी कराई गई। लेकिन अपराधियों का नेटवर्क पुलिस की इस पारंपरिक रणनीति पर भारी पड़ गया। लंबी पूछताछ और कड़ाई के बावजूद पुलिस को कोई भी सुराग हाथ नहीं लगा। थक-हारकर पुलिस ने उन सभी संदिग्धों को छोड़ दिया। ​45 मिनट तक रेकी, चेहरे पर गमछा ​इस वारदात की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि बदमाशों ने बेहद पेशेवर तरीके से इस घटना की प्लानिंग की थी। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले अपराधी करीब 45 मिनट तक बाजार में ही घूम-घूमकर रेकी कर रहे थे। सभी अपराधियों ने पुलिस और सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए अपने चेहरे पर गमछा लपेट रखा था। अपराधियों की इसी फुलप्रूफ प्लानिंग के आगे पुलिस की आधुनिक सर्विलांस और खुफिया तंत्र पस्त नजर आ रहा है। 13 साल पहले हुई थी 5 लाख की लूट बता दें कि 13 साल बाद फिर उसी ज्वेलर्स के साथ वही खूनी कहानी दोहराई गई है।​ज्वेलर्स प्रभाकर वर्णवाल के साथ हुआ यह हादसा कोई पहला नहीं है। ठीक 13 साल पहले भी अपराधियों ने उनके साथ 5 लाख रुपये की लूट की वारदात को अंजाम दिया था। उस समय अपराधियों ने दिनदहाड़े कार सवार प्रभाकर वर्णवाल पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी और उनसे 5 लाख रुपए लूट लिए थे। 13 साल पहले की उस वारदात के घाव अभी भरे भी नहीं थे कि अपराधियों ने एक बार फिर उन्हें और उनके परिवार को दहशत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया। व्यवसायी वर्ग में इस बात को लेकर आक्रोश है। ​अब पोस्टर और इनाम का सहारा, पहचान गुप्त रखने का दावा ​जब जमीनी स्तर पर SIT को कोई कामयाबी नहीं मिली, तो अब गया पुलिस ने तकनीकी और सोशल मीडिया का सहारा लिया है। पुलिस ने अपराधियों के सीसीटीवी फुटेज से तस्वीरें निकालकर सार्वजनिक किया है। ‘अपराधी की तलाश’ शीर्षक से जारी इस विज्ञापन में गया पुलिस ने अपराधियों की सूचना देने वाले को 10,000 रुपए का नगद इनाम देने की घोषणा की है। ​पुलिस ने इसके लिए विशेष मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर (9031826211 और 9031826274) भी जारी किए हैं। पुलिस का दावा है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। हालांकि, अब देखना यह है कि जो काम हाईटेक एसआईटी (SIT) और पुलिस की कड़ाई नहीं कर सकी, क्या वह काम पुलिस के ये पोस्टर और 10 हजार का इनाम कर पाएंगे। गयाजी में 27 मई की शाम गुरुआ बाजार में ज्वेलर्स से 45 लाख की लूट हुई थी। इस मामले में शामिल 5 बदमाशों का जिला पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से फोटो सार्वजनिक किया है। साथ ही इनाम की भी घोषणा की है। बता दें कि जिले का गुरुआ प्रखंड बाजार एक बार फिर बदमाशों की गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा था। 27 मई की ढलती शाम करीब साढ़े सात बजे, जब बाजार में चहल-पहल थी, तब बेखौफ बदमाशों ने ज्वेलर्स प्रभाकर वर्णवाल को निशाना बनाया था। प्रभाकर दुकान बंद कर घर को जा रहे थे। अपराधियों ने न सिर्फ 40 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात और 5 लाख रुपए नगद लूट लिए थे, बल्कि दहशत फैलाने के लिए ताबड़तोड़ फायरिंग भी की थी। विरोध करने पर बदमाशों ने व्यवसायी प्रभाकर वर्णवाल की जांघ में गोली मार दी थी, जो आर-पार हो गई थी। वारदात को अंजाम देकर बदमाश बड़े आराम से बाइक पर सवार होकर फरार हो गए थे। एसएसपी सुशील कुमार की गठित विशेष जांच टीम (SIT) अब तक इस मामले में एक भी ठोस सुराग या लीड ढूंढने में नाकाम रही है। ​लठ परेड’ भी रही बेअसर सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए गुरुआ प्रखंड और उसके आसपास के इलाकों से कई कुख्यात बदमाशों और संदेहास्पद युवकों को हिरासत में लिया था। पुलिसिया भाषा में कहें तो इन बदमाशों की ‘लठ परेड’ (कड़ाई से पूछताछ) भी कराई गई। लेकिन अपराधियों का नेटवर्क पुलिस की इस पारंपरिक रणनीति पर भारी पड़ गया। लंबी पूछताछ और कड़ाई के बावजूद पुलिस को कोई भी सुराग हाथ नहीं लगा। थक-हारकर पुलिस ने उन सभी संदिग्धों को छोड़ दिया। ​45 मिनट तक रेकी, चेहरे पर गमछा ​इस वारदात की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि बदमाशों ने बेहद पेशेवर तरीके से इस घटना की प्लानिंग की थी। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले अपराधी करीब 45 मिनट तक बाजार में ही घूम-घूमकर रेकी कर रहे थे। सभी अपराधियों ने पुलिस और सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए अपने चेहरे पर गमछा लपेट रखा था। अपराधियों की इसी फुलप्रूफ प्लानिंग के आगे पुलिस की आधुनिक सर्विलांस और खुफिया तंत्र पस्त नजर आ रहा है। 13 साल पहले हुई थी 5 लाख की लूट बता दें कि 13 साल बाद फिर उसी ज्वेलर्स के साथ वही खूनी कहानी दोहराई गई है।​ज्वेलर्स प्रभाकर वर्णवाल के साथ हुआ यह हादसा कोई पहला नहीं है। ठीक 13 साल पहले भी अपराधियों ने उनके साथ 5 लाख रुपये की लूट की वारदात को अंजाम दिया था। उस समय अपराधियों ने दिनदहाड़े कार सवार प्रभाकर वर्णवाल पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी और उनसे 5 लाख रुपए लूट लिए थे। 13 साल पहले की उस वारदात के घाव अभी भरे भी नहीं थे कि अपराधियों ने एक बार फिर उन्हें और उनके परिवार को दहशत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया। व्यवसायी वर्ग में इस बात को लेकर आक्रोश है। ​अब पोस्टर और इनाम का सहारा, पहचान गुप्त रखने का दावा ​जब जमीनी स्तर पर SIT को कोई कामयाबी नहीं मिली, तो अब गया पुलिस ने तकनीकी और सोशल मीडिया का सहारा लिया है। पुलिस ने अपराधियों के सीसीटीवी फुटेज से तस्वीरें निकालकर सार्वजनिक किया है। ‘अपराधी की तलाश’ शीर्षक से जारी इस विज्ञापन में गया पुलिस ने अपराधियों की सूचना देने वाले को 10,000 रुपए का नगद इनाम देने की घोषणा की है। ​पुलिस ने इसके लिए विशेष मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर (9031826211 और 9031826274) भी जारी किए हैं। पुलिस का दावा है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। हालांकि, अब देखना यह है कि जो काम हाईटेक एसआईटी (SIT) और पुलिस की कड़ाई नहीं कर सकी, क्या वह काम पुलिस के ये पोस्टर और 10 हजार का इनाम कर पाएंगे।  

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