शेखपुरा में 2 बच्चों के मर्डर में 4 दोस्त गिरफ्तार:20 हजार रुपए के विवाद में गला दबाकर मार डाला, बोरे में मिला था बॉडी

शेखपुरा में 2 बच्चों के मर्डर में 4 दोस्त गिरफ्तार:20 हजार रुपए के विवाद में गला दबाकर मार डाला, बोरे में मिला था बॉडी

शेखपुरा में 2 बच्चों की हत्या कर बोरे में फेंके गए शवों के मामले का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। इस घटना में शामिल मृतकों के 4 दोस्तों – लोकेश रविदास उर्फ छोटू, धर्मवीर रविदास, संदीप कुमार और दिलशान रविदास को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। अंकुश (12) और पीयूष (13) दोनों बच्चों के शव गांव के पोखर से बरामद किए गए थे। मामले के खुलासे के लिए SDPO डॉ. राकेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। जांच में FSL, डॉग स्क्वाड और जिला तकनीकी सेल की भी मदद ली गई थी। गिरफ्तारी और घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब जानें पूरा मामला… शेखपुरा में मंगलवार 19 मई की सुबह तालाब किनारे बोरे में 2 बच्चों की लाश मिली थी। मृतकों की पहचान अंकुश पासवान (12) और पीयूष राउत (13) के रूप में हुई। पुलिस को घटना के दिन से शक था कि किसी ने बच्चों की हत्या करने के बाद बॉडी तालाब किनारे फेंक दी है। पूरा विवाद चोरी के 20,000 रुपये को लेकर हुआ था। इस डबल हत्याकांड में शामिल कसार गांव के ही मृतकों के चार दोस्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपी और मृतक आपस में दोस्त शुक्रवार शाम को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने मामले का विस्तृत खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपी और मृतक आपस में दोस्त थे और मिलकर आसपास के इलाकों में चोरी करते थे। SP के अनुसार, चोरी के 20,000 रुपये मृतक पीयूष कुमार के पास जमा थे। लोकेश रविदास उर्फ छोटू, धर्मवीर रविदास, सनोज कुमार का बेटा संदीप कुमार और दिलशान कुमार लगातार पीयूष से इन पैसों की मांग कर रहे थे, लेकिन पीयूष पैसे देने से टाल दे रहा था। अन्य दोस्तों के साथ मिलकर गला दबा हत्या कर दी इसी विवाद के चलते 16 मई की शाम को पीयूष कुमार, अंकुश कुमार और सभी आरोपी कसार गांव के पास स्थित पंच पोखरा के आहार पर बैठकर ताड़ी पी रहे थे। पैसों को लेकर फिर से झगड़ा शुरू हुआ, जिसके बाद लोकेश ने अन्य दोस्तों के साथ मिलकर दोनों बच्चों का गला दबाकर हत्या कर दी। जबकि संदीप और दिलशान ने पीयूष का पैर पकड़ा और सभी मिलकर पीयूष का गला दबाकर मार दिया। यह सब देखकर साथ में ताड़ी पी रहे हैं अंकुश के द्वारा इसका विरोध किया जाने लगा और पूरे घटना की जानकारी घर जाकर बताने की धमकी दी। तो अंकुश कुमार का भी गला दबाकर वही मार दिया गया। दोनों के शव को छिपाने के लिए प्लास्टिक के बोरा इसके साथ ही रस्सी लाया गया। बॉडी मिलने के बाद सभी गांव छोड़कर फरार हो गए थे प्लास्टिक के बोरा संदीप कुमार के द्वारा अपने घर से लाया गया। जिसके बाद दोनों को बोरा में भरने के बाद डूबाने के लिए पत्थर और गंध से बचने के लिए रूम स्प्रे को बोरा में भरकर पोखरा में फेंक दिया गया और सभी अपने घर चले गए। 19 तारीख को मृतक के शव मिलने के बाद सभी गांव छोड़कर फरार हो गए थे। सनोज लिखा नाम आरोपियों तक पहुंचने में मददगार – SP SP बलिराम कुमार चौधरी ने बताया कि अनुसंधान के क्रम में SIT को शव के बोरा में बंद कर फेंकने वाली बोरा के ऊपर सनोज लिखा नाम ही आरोपियों तक पहुंचने में मददगार हुआ। पुलिस द्वारा उसके घर में इसी प्रकार के और बोरा बरामद किए गए। इस बारे में पुलिस द्वारा पूछे जाने पर वह आनाकानी करने लगा और अपने बेटे के यहां नहीं रहने की जानकारी दी। लेकिन उसके मोबाइल नंबर का लोकेशन प्राप्त करते हुए पुलिस हथियारों तक पहुंचने में सफल हुई। SP ने बताया कि घटना में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राकेश कुमार शेखपुरा अंचल पुलिस निरीक्षक राजीव कुमार ,नगर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, तकनीकी शाखा के पुलिस निरीक्षक अवधेश कुमार, कसार थानाध्यक्ष संतोष कुमार, मनोज कुमार, जय राम, परवेज हैदर खान ,रोशन कुमार, विवेक रोशन सिपाही रविंद्र मांझी विनोद कुमार रवि आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शेखपुरा में 2 बच्चों की हत्या कर बोरे में फेंके गए शवों के मामले का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। इस घटना में शामिल मृतकों के 4 दोस्तों – लोकेश रविदास उर्फ छोटू, धर्मवीर रविदास, संदीप कुमार और दिलशान रविदास को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। अंकुश (12) और पीयूष (13) दोनों बच्चों के शव गांव के पोखर से बरामद किए गए थे। मामले के खुलासे के लिए SDPO डॉ. राकेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। जांच में FSL, डॉग स्क्वाड और जिला तकनीकी सेल की भी मदद ली गई थी। गिरफ्तारी और घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब जानें पूरा मामला… शेखपुरा में मंगलवार 19 मई की सुबह तालाब किनारे बोरे में 2 बच्चों की लाश मिली थी। मृतकों की पहचान अंकुश पासवान (12) और पीयूष राउत (13) के रूप में हुई। पुलिस को घटना के दिन से शक था कि किसी ने बच्चों की हत्या करने के बाद बॉडी तालाब किनारे फेंक दी है। पूरा विवाद चोरी के 20,000 रुपये को लेकर हुआ था। इस डबल हत्याकांड में शामिल कसार गांव के ही मृतकों के चार दोस्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपी और मृतक आपस में दोस्त शुक्रवार शाम को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने मामले का विस्तृत खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपी और मृतक आपस में दोस्त थे और मिलकर आसपास के इलाकों में चोरी करते थे। SP के अनुसार, चोरी के 20,000 रुपये मृतक पीयूष कुमार के पास जमा थे। लोकेश रविदास उर्फ छोटू, धर्मवीर रविदास, सनोज कुमार का बेटा संदीप कुमार और दिलशान कुमार लगातार पीयूष से इन पैसों की मांग कर रहे थे, लेकिन पीयूष पैसे देने से टाल दे रहा था। अन्य दोस्तों के साथ मिलकर गला दबा हत्या कर दी इसी विवाद के चलते 16 मई की शाम को पीयूष कुमार, अंकुश कुमार और सभी आरोपी कसार गांव के पास स्थित पंच पोखरा के आहार पर बैठकर ताड़ी पी रहे थे। पैसों को लेकर फिर से झगड़ा शुरू हुआ, जिसके बाद लोकेश ने अन्य दोस्तों के साथ मिलकर दोनों बच्चों का गला दबाकर हत्या कर दी। जबकि संदीप और दिलशान ने पीयूष का पैर पकड़ा और सभी मिलकर पीयूष का गला दबाकर मार दिया। यह सब देखकर साथ में ताड़ी पी रहे हैं अंकुश के द्वारा इसका विरोध किया जाने लगा और पूरे घटना की जानकारी घर जाकर बताने की धमकी दी। तो अंकुश कुमार का भी गला दबाकर वही मार दिया गया। दोनों के शव को छिपाने के लिए प्लास्टिक के बोरा इसके साथ ही रस्सी लाया गया। बॉडी मिलने के बाद सभी गांव छोड़कर फरार हो गए थे प्लास्टिक के बोरा संदीप कुमार के द्वारा अपने घर से लाया गया। जिसके बाद दोनों को बोरा में भरने के बाद डूबाने के लिए पत्थर और गंध से बचने के लिए रूम स्प्रे को बोरा में भरकर पोखरा में फेंक दिया गया और सभी अपने घर चले गए। 19 तारीख को मृतक के शव मिलने के बाद सभी गांव छोड़कर फरार हो गए थे। सनोज लिखा नाम आरोपियों तक पहुंचने में मददगार – SP SP बलिराम कुमार चौधरी ने बताया कि अनुसंधान के क्रम में SIT को शव के बोरा में बंद कर फेंकने वाली बोरा के ऊपर सनोज लिखा नाम ही आरोपियों तक पहुंचने में मददगार हुआ। पुलिस द्वारा उसके घर में इसी प्रकार के और बोरा बरामद किए गए। इस बारे में पुलिस द्वारा पूछे जाने पर वह आनाकानी करने लगा और अपने बेटे के यहां नहीं रहने की जानकारी दी। लेकिन उसके मोबाइल नंबर का लोकेशन प्राप्त करते हुए पुलिस हथियारों तक पहुंचने में सफल हुई। SP ने बताया कि घटना में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राकेश कुमार शेखपुरा अंचल पुलिस निरीक्षक राजीव कुमार ,नगर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, तकनीकी शाखा के पुलिस निरीक्षक अवधेश कुमार, कसार थानाध्यक्ष संतोष कुमार, मनोज कुमार, जय राम, परवेज हैदर खान ,रोशन कुमार, विवेक रोशन सिपाही रविंद्र मांझी विनोद कुमार रवि आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।  

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