मोतिहारी पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार पाकिस्तान से जुड़े हैं। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य आरोपी अंकित भी शामिल है। यह गिरोह शहर में किराए के कमरे में साइबर फ्रॉड का ट्रेनिंग कैंप चला रहा था। कल्याणपुर थाना के अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि एक साइबर अपराधी का सीधा संबंध पाकिस्तान से है। उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी एसपी स्वर्ण प्रभात को दी। एसपी के निर्देश पर चकिया डीएसपी संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया। एटीएम के पास से मुख्य आरोपी अंकित को गिरफ्तार किया
पुलिस टीम ने धरमपुर स्थित एक एटीएम के पास से मुख्य आरोपी अंकित को गिरफ्तार किया। उसके मोबाइल फोन की जांच करने पर उसमें पाकिस्तान के कई नंबर पाए गए। पूछताछ में अंकित ने बताया कि उसे पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से सोशल मीडिया के जरिए ठगी के निर्देश मिलते थे और वह उन्हीं के अनुसार काम करता था। अंकित की निशानदेही पर पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र के हनुमानगढ़ी स्थित एक किराए के मकान पर छापा मारा। वहां से साहिल और युवराज नामक दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। दोनों ने खुलासा किया कि इस ठिकाने का उपयोग नए लड़कों को साइबर ठगी का प्रशिक्षण देने के लिए किया जाता था। प्रशिक्षण के बाद उन्हें ठगी के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा जाता था। भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाते थे
इसके बाद, पुलिस टीम ने पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया स्थित मझौलिया थाना क्षेत्र में भी छापेमारी की और चुन्नू उर्फ अतुल को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह में नौ से अधिक युवक शामिल हैं, जो विभिन्न जिलों में सक्रिय रहकर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाते थे। पूछताछ में यह भी पता चला कि गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से जुड़े रहते थे। ठगी की रकम को पाकिस्तान भेजा जाता था
ठगी की गई रकम को क्यूआर कोड के जरिए मंगाया जाता था। आरोपी इस रकम को निकालकर कैश डिपॉजिट मशीन (CDM) के माध्यम से पाकिस्तान वापस भेज देते थे। इस काम के लिए उन्हें लगभग 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था। चकिया डीएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में पाकिस्तान के नंबरों से चैट और कॉलिंग के साक्ष्य मिले हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है और अन्य आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है। मोतिहारी पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार पाकिस्तान से जुड़े हैं। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य आरोपी अंकित भी शामिल है। यह गिरोह शहर में किराए के कमरे में साइबर फ्रॉड का ट्रेनिंग कैंप चला रहा था। कल्याणपुर थाना के अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि एक साइबर अपराधी का सीधा संबंध पाकिस्तान से है। उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी एसपी स्वर्ण प्रभात को दी। एसपी के निर्देश पर चकिया डीएसपी संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया। एटीएम के पास से मुख्य आरोपी अंकित को गिरफ्तार किया
पुलिस टीम ने धरमपुर स्थित एक एटीएम के पास से मुख्य आरोपी अंकित को गिरफ्तार किया। उसके मोबाइल फोन की जांच करने पर उसमें पाकिस्तान के कई नंबर पाए गए। पूछताछ में अंकित ने बताया कि उसे पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से सोशल मीडिया के जरिए ठगी के निर्देश मिलते थे और वह उन्हीं के अनुसार काम करता था। अंकित की निशानदेही पर पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र के हनुमानगढ़ी स्थित एक किराए के मकान पर छापा मारा। वहां से साहिल और युवराज नामक दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। दोनों ने खुलासा किया कि इस ठिकाने का उपयोग नए लड़कों को साइबर ठगी का प्रशिक्षण देने के लिए किया जाता था। प्रशिक्षण के बाद उन्हें ठगी के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा जाता था। भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाते थे
इसके बाद, पुलिस टीम ने पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया स्थित मझौलिया थाना क्षेत्र में भी छापेमारी की और चुन्नू उर्फ अतुल को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह में नौ से अधिक युवक शामिल हैं, जो विभिन्न जिलों में सक्रिय रहकर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाते थे। पूछताछ में यह भी पता चला कि गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से जुड़े रहते थे। ठगी की रकम को पाकिस्तान भेजा जाता था
ठगी की गई रकम को क्यूआर कोड के जरिए मंगाया जाता था। आरोपी इस रकम को निकालकर कैश डिपॉजिट मशीन (CDM) के माध्यम से पाकिस्तान वापस भेज देते थे। इस काम के लिए उन्हें लगभग 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था। चकिया डीएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में पाकिस्तान के नंबरों से चैट और कॉलिंग के साक्ष्य मिले हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है और अन्य आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है।


