कानपुर में 4 दिन से लापता एलएलबी सेकेंड ईयर की छात्रा रुचि पाल (23) का शव रेलवे ट्रैक किनारे झाड़ियों में मिला। पिता का कहना है कि लगातार पुलिस से उसकी तलाश कराने की गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करने के बाद प्रभावी ढंग से तलाश नहीं की। खुद इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और रेलवे ट्रैक के आसपास तलाश शुरू की। इसी दौरान ट्रैक पर रुचि की चप्पल मिली। चप्पल लेकर परिजन पुलिस के पास पहुंचे तो पुलिस ने उसे पहचानने के लिए सबूत मांगा। बाद में पुलिस के साथ रेलवे ट्रैक किनारे खोजबीन की गई तो चप्पल से करीब 200 मीटर दूर झाड़ियों में रुचि का क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। पूरा मामला शुक्रवार को गोविंदनगर के दबोली वेस्ट का है। सूचना पर फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने समय रहते बेटी की तलाश नहीं की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शक के आधार पर जिन दो युवकों के नंबर पुलिस को दिए गए थे, उन्हें चौकी बुलाकर पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। रोज दो कोचिंग पढ़ाने जाती थी रुचि दबौली वेस्ट निवासी विमल पाल फैक्ट्री एरिया में चाय की दुकान चलाते हैं। परिवार में पत्नी गुड्डी देवी, बेटी रुचि पाल और बेटा विनय पाल हैं। पिता विमल पाल के मुताबिक, रुचि रोज की तरह 28 सितंबर की शाम करीब छह बजे कोचिंग पढ़ाने के लिए घर से निकली थी। वह शाम 6:30 से 7:30 बजे तक पहली और 7:30 से 8:30 बजे तक दूसरी कोचिंग पढ़ाती थी। इसके बाद करीब नौ बजे तक घर लौट आती थी। उस दिन रात दस बजे तक रुचि घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसके मोबाइल पर फोन किया, लेकिन फोन बंद मिला। इसके बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू कर दी। रात करीब 12 बजे तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिजनों ने 112 नंबर पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की।
चौकी के चक्कर लगाते रहे परिजन, सीसीटीवी भी खुद खंगाले पिता का आरोप है कि उसी रात परिजन रतनलाल चौकी पहुंचे और बेटी के लापता होने की तहरीर दी। वहां से उन्हें फैक्ट्री एरिया चौकी जाने के लिए कहा गया। परिजन वहां पहुंचे तो आरोप है कि पुलिस ने बाद में आने की बात कही। अगले दिन सुबह परिजन दोबारा चौकी पहुंचे और बेटी की तलाश कराने की गुहार लगाई। पिता का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने इलाके में हत्या की घटना होने की बात कहकर बाद में देखने को कहा। इसके बाद परिवार के लोग खुद क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालते रहे। दबौली वेस्ट में लगे एक कैमरे में रुचि जाती हुई दिखाई दी, लेकिन इसके बाद के कैमरों में उसका कोई सुराग नहीं मिला।
डायरी में मिले नंबरों से पुलिस तक पहुंची जांच परिजनों के मुताबिक, अगले दिन उन्हें रुचि की डायरी मिली, जिसमें ओमवीर नाम के युवक का मोबाइल नंबर लिखा था। परिवार ने ओमवीर से संपर्क किया तो उसने बताया कि करीब एक साल पहले उसकी रुचि से बातचीत होती थी। उसने आदर्श मिश्रा नाम के युवक से रुचि की बातचीत होने की जानकारी देते हुए उसका नंबर भी दिया। परिजनों ने आदर्श से बात की तो उसने बताया कि रुचि उसके साथ कोचिंग पढ़ती थी, लेकिन बाद में उसका रुचि से कोई संपर्क नहीं रहा। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने दोनों युवकों के नंबर पुलिस को दिए। इसके बाद पुलिस ने दोनों को चौकी बुलाकर पूछताछ की और बाद में छोड़ दिया।
चप्पल मिलने पर पुलिस ने मांगा सबूत, फिर झाड़ियों में मिला शव शुक्रवार को परिजन एक बार फिर रेलवे ट्रैक के आसपास रुचि की तलाश करने पहुंचे। वहां उन्हें रुचि की चप्पल मिली। परिजन चप्पल लेकर थाने पहुंचे और पुलिस को इसकी जानकारी दी। पिता का आरोप है कि चौकी प्रभारी ने चप्पल देखकर कहा कि ऐसी चप्पल बहुत होती हैं, क्या सबूत है कि यह रुचि की ही चप्पल है। इसके बाद परिजनों के दबाव पर पुलिस उनके साथ रेलवे ट्रैक के आसपास तलाश करने पहुंची। चप्पल मिलने वाली जगह से करीब 200 मीटर दूर झाड़ियों में रुचि का क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। शव देखते ही परिजन बिलख पड़े। मौके पर फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता बोले- चार दिन तक बेटी को खोजते रहे, पुलिस सबूत मांगती रही पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पिता विमल पाल ने कहा कि चार दिन तक वह बेटी की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे। पुलिस से लगातार खोजबीन कराने की गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिस खुद तलाश करने के बजाय उनसे सबूत मांगती रही। उनका आरोप है कि यदि पुलिस ने समय रहते रेलवे ट्रैक और आसपास के इलाके में तलाश की होती तो शायद उनकी बेटी की जान बच सकती थी। बेटी कहती थी- वकील बनकर पापा को चाय की दुकान नहीं लगाने दूंगी रुचि एलएलबी द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और वकील बनना चाहती थी। पिता ने बताया कि बेटी पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर थी। वह अक्सर कहती थी, “पापा, वकील बनने के बाद आपको चाय की दुकान नहीं लगाने दूंगी।” बेटी के शव को पोस्टमार्टम हाउस में देखकर पिता की आंखों से आंसू छलक पड़े। मां बोलीं- हंसते हुए घर से निकली थी, अर्थी पर लौटेगी नहीं सोचा था रुचि की मां गुड्डी देवी बेटी को याद कर फफक पड़ीं। उन्होंने कहा कि बेटी घर से निकलते समय चाय पीकर हंसते हुए गई थी। उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि बेटी इस तरह वापस लौटेगी। यह कहते ही मां बिलख पड़ीं। परिजनों ने किसी तरह उन्हें संभाला। डीसीपी बोले- पुलिस पर लापरवाही के आरोपों की होगी जांच डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि युवती का शव रेलवे ट्रैक किनारे झाड़ियों में मिला है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस पर लगाए गए लापरवाही के आरोपों की जांच कराई जाएगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर बीएनएस की धारा 103 में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

