शाजापुर में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मालवा प्रांत के 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग (व्यवसायी) का समापन प्रकट उत्सव के साथ हुआ। छत्रपति शिवाजी स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने अपने प्रशिक्षण का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। शाम 5 बजे से शुरू हुए इस कार्यक्रम में शिक्षार्थियों ने योग, दंड-योग, समता और व्यायाम की विभिन्न रचनाओं का प्रदर्शन किया। घोष दल (बैंड) की धुन और सामूहिक गीतों ने पूरे मैदान को देशभक्ति के माहौल से भर दिया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि बीच में तेज आंधी और बारिश होने के बावजूद करीब 300 शिक्षार्थी अपने स्थान पर अडिग डटे रहे, जिसकी लोगों ने काफी सराहना की। संघ का ध्येय: व्यक्ति निर्माण और समाज संगठन मुख्य वक्ता मध्य क्षेत्र कार्यवाह अशोक अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि संघ का मूल उद्देश्य व्यक्ति निर्माण के जरिए समाज को संगठित करना है। उन्होंने स्वयंसेवकों को अनुशासन, सेवा और समर्पण का पाठ पढ़ाया। साथ ही, उन्होंने संघ के पंच परिवर्तन-परिवार प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य और स्वदेशी भाव-को अपनाने का आह्वान किया। भारत की वैश्विक भूमिका पर चर्चा अशोक अग्रवाल ने जोर दिया कि अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के दम पर भारत विश्व का मार्गदर्शन करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए भारत का विश्वगुरु बनना जरूरी है। मुख्य अतिथि गोवर्धनलाल गुवाहाटिया ने भी राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता के लिए संघ के प्रयासों की प्रशंसा की। ईंधन बचत और पर्यावरण का संदेश इस आयोजन के जरिए समाज को ईंधन संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का संदेश भी दिया गया। संघ के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों के बजाय बसों और सामूहिक वाहनों से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे, जो सामाजिक सहभागिता की एक अनूठी मिसाल रही। कार्यक्रम में वर्ग कार्यवाह राधेश्याम पाटीदार ने प्रतिवेदन पढ़ा, जबकि वर्ग सर्वाधिकारी प्रवीण सैनी और जिला संघ चालक हुकम धनगर सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।


