सहरसा हॉस्टल से लापता 3 छात्र 48 घंटे में मिले:तीनों तीसरी कक्षा के, मानसी स्टेशन पर मिले, कहा-पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था

सहरसा हॉस्टल से लापता 3 छात्र 48 घंटे में मिले:तीनों तीसरी कक्षा के, मानसी स्टेशन पर मिले, कहा-पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था

सहरसा के काशनगर बाजार स्थित कैरियर मेकर आवासीय विद्यालय के हॉस्टल से लापता हुए तीसरी कक्षा के तीनों छात्रों को पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। बच्चों के सुरक्षित मिलने से उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। रविवार शाम 5 बजे सिमरी बख्तियारपुर थाना में आयोजित प्रेसवार्ता में एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने बताया कि बच्चों के गायब होने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुल आठ अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। लगातार खोजबीन और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने तीनों बच्चों को खगड़िया जिले के मानसी रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बरामद किया। हॉस्टल में पढ़ाई करने में मन नहीं लग रहा था
एसडीपीओ ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में बच्चों ने पुलिस को बताया कि उनका हॉस्टल में पढ़ाई करने में मन नहीं लग रहा था, इसी कारण वे बिना किसी को बताए हॉस्टल से निकल गए थे। पुलिस ने सभी बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। गौरतलब है कि 4 जून की अहले सुबह कैरियर मेकर आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में रह रहे फतेहपुर निवासी विजय यादव के पुत्र आदित्य कुमार, मंगनमा निवासी राकेश मुखिया के पुत्र शिवम कुमार तथा बसनही थाना क्षेत्र के मंगवार गांव निवासी अरविंद मंडल के पुत्र नीरज कुमार अचानक लापता हो गए थे। मुख्य बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरे में तीनों बच्चों को एक साथ जाते हुए देखा गया था। काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने पर काशनगर थाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए
इधर, मामले की जांच के दौरान विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही भी उजागर हुई। सर्किल इंस्पेक्टर राजीव कुमार झा द्वारा की गई जांच में पाया गया कि आवासीय विद्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था नहीं थी और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं थे। इसे लेकर अभिभावकों ने नाराजगी जताई है और उनका कहना है कि आवासीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। फिलहाल पुलिस बच्चों को उनके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। बच्चों की सकुशल बरामदगी पर परिजनों ने पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। सहरसा के काशनगर बाजार स्थित कैरियर मेकर आवासीय विद्यालय के हॉस्टल से लापता हुए तीसरी कक्षा के तीनों छात्रों को पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। बच्चों के सुरक्षित मिलने से उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। रविवार शाम 5 बजे सिमरी बख्तियारपुर थाना में आयोजित प्रेसवार्ता में एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने बताया कि बच्चों के गायब होने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुल आठ अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। लगातार खोजबीन और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने तीनों बच्चों को खगड़िया जिले के मानसी रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बरामद किया। हॉस्टल में पढ़ाई करने में मन नहीं लग रहा था
एसडीपीओ ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में बच्चों ने पुलिस को बताया कि उनका हॉस्टल में पढ़ाई करने में मन नहीं लग रहा था, इसी कारण वे बिना किसी को बताए हॉस्टल से निकल गए थे। पुलिस ने सभी बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। गौरतलब है कि 4 जून की अहले सुबह कैरियर मेकर आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में रह रहे फतेहपुर निवासी विजय यादव के पुत्र आदित्य कुमार, मंगनमा निवासी राकेश मुखिया के पुत्र शिवम कुमार तथा बसनही थाना क्षेत्र के मंगवार गांव निवासी अरविंद मंडल के पुत्र नीरज कुमार अचानक लापता हो गए थे। मुख्य बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरे में तीनों बच्चों को एक साथ जाते हुए देखा गया था। काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने पर काशनगर थाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए
इधर, मामले की जांच के दौरान विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही भी उजागर हुई। सर्किल इंस्पेक्टर राजीव कुमार झा द्वारा की गई जांच में पाया गया कि आवासीय विद्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था नहीं थी और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं थे। इसे लेकर अभिभावकों ने नाराजगी जताई है और उनका कहना है कि आवासीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। फिलहाल पुलिस बच्चों को उनके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। बच्चों की सकुशल बरामदगी पर परिजनों ने पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।  

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