खगड़िया जिले के परबत्ता अंचलाधिकारी हरिनाथ राम ने अगुवानी घाट पर नाव परिचालन ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले तीन अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई समाहरणालय खगड़िया के आदेश की अवहेलना और आपदा प्रबंधन अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में की गई है। अंचलाधिकारी ने इस संबंध में परबत्ता थाना को पत्र भेजा है। जानकारी के अनुसार, समाहरणालय खगड़िया के 06 मई 2026 के ज्ञापांक 1024/गो० के आलोक में अगुवानी घाट-अजगैबीनाथ खंड में नावों के माध्यम से यात्रियों का आवागमन कराया जा रहा है। भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद अगुवानी-सुल्तानगंज घाट पर यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। दंडाधिकारियों और अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी यात्रियों की सुरक्षित और सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए घाट पर विभिन्न दंडाधिकारियों और अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। अंचलाधिकारी हरिनाथ राम ने 08 मई 2026 को दोपहर 1 बजे और शाम 6:30 बजे अगुवानी घाट का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिनियुक्त तीन अधिकारी अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। अनुपस्थित अधिकारियों में नगर पंचायत परबत्ता के कनीय अभियंता रंजन तिवारी, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी अनीश कुमार और प्रखंड कल्याण पदाधिकारी रजनीश कुमार शामिल हैं। प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए अंचलाधिकारी ने अपने पत्र में कहा है कि घाट पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा मानकों के अनुरूप मजिस्ट्रेट एवं अधिकारियों की तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना एवं जान-माल की क्षति को रोका जा सके। संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति से किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रही, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने परबत्ता थाना अध्यक्ष से आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं सरकारी आदेश की अवहेलना से संबंधित सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण नाव परिचालन व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी। अगुवानी घाट से अजगैबीनाथ घाट के बीच इन दिनों बड़ी संख्या में लोग नाव के माध्यम से आवागमन कर रहे हैं। ऐसे में प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। खगड़िया जिले के परबत्ता अंचलाधिकारी हरिनाथ राम ने अगुवानी घाट पर नाव परिचालन ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले तीन अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई समाहरणालय खगड़िया के आदेश की अवहेलना और आपदा प्रबंधन अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में की गई है। अंचलाधिकारी ने इस संबंध में परबत्ता थाना को पत्र भेजा है। जानकारी के अनुसार, समाहरणालय खगड़िया के 06 मई 2026 के ज्ञापांक 1024/गो० के आलोक में अगुवानी घाट-अजगैबीनाथ खंड में नावों के माध्यम से यात्रियों का आवागमन कराया जा रहा है। भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद अगुवानी-सुल्तानगंज घाट पर यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। दंडाधिकारियों और अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी यात्रियों की सुरक्षित और सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए घाट पर विभिन्न दंडाधिकारियों और अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। अंचलाधिकारी हरिनाथ राम ने 08 मई 2026 को दोपहर 1 बजे और शाम 6:30 बजे अगुवानी घाट का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिनियुक्त तीन अधिकारी अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। अनुपस्थित अधिकारियों में नगर पंचायत परबत्ता के कनीय अभियंता रंजन तिवारी, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी अनीश कुमार और प्रखंड कल्याण पदाधिकारी रजनीश कुमार शामिल हैं। प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए अंचलाधिकारी ने अपने पत्र में कहा है कि घाट पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा मानकों के अनुरूप मजिस्ट्रेट एवं अधिकारियों की तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना एवं जान-माल की क्षति को रोका जा सके। संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति से किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रही, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने परबत्ता थाना अध्यक्ष से आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं सरकारी आदेश की अवहेलना से संबंधित सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण नाव परिचालन व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी। अगुवानी घाट से अजगैबीनाथ घाट के बीच इन दिनों बड़ी संख्या में लोग नाव के माध्यम से आवागमन कर रहे हैं। ऐसे में प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।


