आगरा नगर निगम में महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह की अध्यक्षता में सोमवार को जनरल सदन की बैठक राष्ट्रगान के साथ शुरू की गई। नगरायुक्त समेत तमाम अधिकारियों की मौजूदगी में पार्षदों ने एजेंडे से कई प्रस्ताव हटाने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। पिछले सदन में अधिकारियों के न आने पर हंगामा हुआ था। इस बार पार्षद हेमंत प्रजापति ने अधिकारियों पर नाराजगी जताई। वहीं विपक्षी पार्षदों ने कहा कि सदन को गलत दिशा में ले जाया जा रहा है। आज के एजेंडे पर बात होनी चाहिए। हंगामे पर महापौर ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “हमने सदन के लिए कॉल किया था। 15 दिन में तैयारी कर लेनी चाहिए थी। अधिकारी सदन में क्यों नहीं आए, इसका जवाब इन्हें देना होगा। बैठक शुरू होते ही विपक्षी पार्षदों ने सदन में शोर-शराबा शुरू कर दिया। पार्षदों का आरोप था कि बिना बताए उनके क्षेत्र के विकास कार्यों से जुड़े अहम प्रस्ताव एजेंडे से हटा दिए गए। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षद आमने-सामने आ गए। पार्षदों ने कहा कि जनता के कामों को नजरअंदाज किया जा रहा है। कई वार्डों के नाली, सड़क और सफाई से जुड़े प्रस्ताव गायब हैं। हंगामे के बीच महापौर ने सभी को शांत कराने की कोशिश की। करीब 20 मिनट तक चले हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी। बैठक में शहर के विकास से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर चर्चा हो रही है।


