भारतीय टीम 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए ऐसे खिलाड़ियों को तैयार करना चाहती है, जो जरूरत के मुताबिक अलग-अलग भूमिकाएं निभा सकें। ईशान किशन इस योजना में अहम हो सकते हैं। न्यूजीलैंड दौरे के आखिरी दो वनडे के लिए उन्हें उपकप्तान बनाया गया है। इन मैचों में टेस्ट सीरीज के लिए चुने गए खिलाड़ी नहीं खेलेंगे। इनमें टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल भी शामिल हैं। ईशान को उपकप्तानी देना इसलिए अहम है, क्योंकि इससे संकेत मिलता है कि चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट उन्हें भविष्य की टीम में बड़ी जिम्मेदारी के लिए देख रहे हैं। ईशान एक साथ तीन भूमिकाएं निभा सकते हैं ईशान की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह टीम की जरूरत के हिसाब से बल्लेबाजी क्रम बदल सकते हैं। साथ ही विकेटकीपिंग भी कर सकते हैं। इससे 15 खिलाड़ियों की सीमित वर्ल्ड कप टीम में उन्हें शामिल करने का फायदा बढ़ जाता है। दोहरा शतक लगाने के बाद भी 2023 वर्ल्ड कप नहीं खेल पाए ईशान ने दिसंबर 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ 126 गेंदों पर 200 रन बनाए थे। उस समय यह वनडे क्रिकेट का सबसे तेज दोहरा शतक था। इसके बावजूद वह 2023 वर्ल्ड कप की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं बना सके। इसकी वजह रोहित शर्मा और शुभमन गिल की ओपनिंग जोड़ी थी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के बाद ईशान ने टी-20 में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। वह ओपनिंग के साथ तीसरे नंबर पर भी बल्लेबाजी कर चुके हैं। वनडे में भी उन्होंने मिडिल ऑर्डर में अपनी उपयोगिता साबित की है। अफगानिस्तान के खिलाफ नंबर-4 पर बल्लेबाजी करते हुए 79 गेंदों पर 125 रन बनाए थे। यह इस फॉर्मेट में मिडिल ऑर्डर पर उनका पहला शतक था। ओपनिंग में ज्यादा सफल रहे हैं ईशान वनडे में ओपनर के तौर पर ईशान ने 9 पारियों में 61.87 की औसत से रन बनाए हैं। वहीं, दूसरे बल्लेबाजी क्रमों पर उनका औसत 34 रहा है और स्ट्राइक रेट 97.45 है। न्यूजीलैंड दौरे पर खुद को साबित करने का मौका ईशान रविवार और सोमवार को ऑकलैंड के ईडन पार्क में हुई भारतीय वनडे टीम की प्रैक्टिस में शामिल नहीं थे। उस समय वह हैमिल्टन में पांचवां टी-20 इंटरनेशनल खेल रहे थे। इस मुकाबले में उन्होंने 32 गेंदों पर 61 रन की तेज पारी खेली। न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे और पांचवें वनडे में उनका खेलना लगभग तय माना जा रहा है। इसकी वजह यह है कि शुभमन गिल और केएल राहुल टेस्ट सीरीज के लिए टीम से जुड़ने रवाना होंगे। रोहित की वापसी से जायसवाल के लिए रास्ता मुश्किल रोहित शर्मा ने पिछले चार वनडे मैचों में दो शतक और एक 92 रन की पारी खेलकर अपनी जगह मजबूत की है। इससे पहले उनकी टीम में जगह को लेकर सवाल थे और यशस्वी जायसवाल को ओपनिंग का विकल्प माना जा रहा था। जायसवाल ने जून में चेन्नई में अफगानिस्तान के खिलाफ नाबाद 110 रन बनाए थे। वह वनडे की शुरुआती 6 पारियों में दो शतक लगाने वाले भारत के इकलौते बल्लेबाज हैं। इसके बावजूद उस मुकाबले के बाद उन्हें न तो वनडे खेलने का मौका मिला और न ही टीम में जगह। वर्ल्ड कप के लिए टीम चुनते समय सिर्फ एक विशेषज्ञ रिजर्व ओपनर रखना चयनकर्ताओं के लिए मुश्किल हो सकता है। इसकी वजह यह है कि जायसवाल मुख्य रूप से ओपनिंग करते हैं। उन्होंने 41 लिस्ट-A मैचों में सिर्फ तीन बार टॉप-2 से नीचे बल्लेबाजी की है। साथ ही वह गेंदबाजी या विकेटकीपिंग का विकल्प भी नहीं देते। ——————————————– यह खबर भी पढ़ें… युवराज बोले- सूर्यवंशी, अभिषेक, ईशान को वनडे में शामिल करें:टीम से बाहर रखकर उनके टैलेंट के साथ नाइंसाफी हो रही पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी को वनडे टीम में शामिल करने की पैरवी की है। उन्होंने कहा कि इन्हें 50 ओवर क्रिकेट में मौका न देना उनके टैलेंट के साथ नाइंसाफी है। पूरी खबर पढ़ें… भारतीय टीम 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए ऐसे खिलाड़ियों को तैयार करना चाहती है, जो जरूरत के मुताबिक अलग-अलग भूमिकाएं निभा सकें। ईशान किशन इस योजना में अहम हो सकते हैं। न्यूजीलैंड दौरे के आखिरी दो वनडे के लिए उन्हें उपकप्तान बनाया गया है। इन मैचों में टेस्ट सीरीज के लिए चुने गए खिलाड़ी नहीं खेलेंगे। इनमें टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल भी शामिल हैं। ईशान को उपकप्तानी देना इसलिए अहम है, क्योंकि इससे संकेत मिलता है कि चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट उन्हें भविष्य की टीम में बड़ी जिम्मेदारी के लिए देख रहे हैं। ईशान एक साथ तीन भूमिकाएं निभा सकते हैं ईशान की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह टीम की जरूरत के हिसाब से बल्लेबाजी क्रम बदल सकते हैं। साथ ही विकेटकीपिंग भी कर सकते हैं। इससे 15 खिलाड़ियों की सीमित वर्ल्ड कप टीम में उन्हें शामिल करने का फायदा बढ़ जाता है। दोहरा शतक लगाने के बाद भी 2023 वर्ल्ड कप नहीं खेल पाए ईशान ने दिसंबर 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ 126 गेंदों पर 200 रन बनाए थे। उस समय यह वनडे क्रिकेट का सबसे तेज दोहरा शतक था। इसके बावजूद वह 2023 वर्ल्ड कप की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं बना सके। इसकी वजह रोहित शर्मा और शुभमन गिल की ओपनिंग जोड़ी थी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के बाद ईशान ने टी-20 में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। वह ओपनिंग के साथ तीसरे नंबर पर भी बल्लेबाजी कर चुके हैं। वनडे में भी उन्होंने मिडिल ऑर्डर में अपनी उपयोगिता साबित की है। अफगानिस्तान के खिलाफ नंबर-4 पर बल्लेबाजी करते हुए 79 गेंदों पर 125 रन बनाए थे। यह इस फॉर्मेट में मिडिल ऑर्डर पर उनका पहला शतक था। ओपनिंग में ज्यादा सफल रहे हैं ईशान वनडे में ओपनर के तौर पर ईशान ने 9 पारियों में 61.87 की औसत से रन बनाए हैं। वहीं, दूसरे बल्लेबाजी क्रमों पर उनका औसत 34 रहा है और स्ट्राइक रेट 97.45 है। न्यूजीलैंड दौरे पर खुद को साबित करने का मौका ईशान रविवार और सोमवार को ऑकलैंड के ईडन पार्क में हुई भारतीय वनडे टीम की प्रैक्टिस में शामिल नहीं थे। उस समय वह हैमिल्टन में पांचवां टी-20 इंटरनेशनल खेल रहे थे। इस मुकाबले में उन्होंने 32 गेंदों पर 61 रन की तेज पारी खेली। न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे और पांचवें वनडे में उनका खेलना लगभग तय माना जा रहा है। इसकी वजह यह है कि शुभमन गिल और केएल राहुल टेस्ट सीरीज के लिए टीम से जुड़ने रवाना होंगे। रोहित की वापसी से जायसवाल के लिए रास्ता मुश्किल रोहित शर्मा ने पिछले चार वनडे मैचों में दो शतक और एक 92 रन की पारी खेलकर अपनी जगह मजबूत की है। इससे पहले उनकी टीम में जगह को लेकर सवाल थे और यशस्वी जायसवाल को ओपनिंग का विकल्प माना जा रहा था। जायसवाल ने जून में चेन्नई में अफगानिस्तान के खिलाफ नाबाद 110 रन बनाए थे। वह वनडे की शुरुआती 6 पारियों में दो शतक लगाने वाले भारत के इकलौते बल्लेबाज हैं। इसके बावजूद उस मुकाबले के बाद उन्हें न तो वनडे खेलने का मौका मिला और न ही टीम में जगह। वर्ल्ड कप के लिए टीम चुनते समय सिर्फ एक विशेषज्ञ रिजर्व ओपनर रखना चयनकर्ताओं के लिए मुश्किल हो सकता है। इसकी वजह यह है कि जायसवाल मुख्य रूप से ओपनिंग करते हैं। उन्होंने 41 लिस्ट-A मैचों में सिर्फ तीन बार टॉप-2 से नीचे बल्लेबाजी की है। साथ ही वह गेंदबाजी या विकेटकीपिंग का विकल्प भी नहीं देते। ——————————————– यह खबर भी पढ़ें… युवराज बोले- सूर्यवंशी, अभिषेक, ईशान को वनडे में शामिल करें:टीम से बाहर रखकर उनके टैलेंट के साथ नाइंसाफी हो रही पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी को वनडे टीम में शामिल करने की पैरवी की है। उन्होंने कहा कि इन्हें 50 ओवर क्रिकेट में मौका न देना उनके टैलेंट के साथ नाइंसाफी है। पूरी खबर पढ़ें…
स्पोर्ट्स | दैनिक भास्कर

