‘2019 के बाद उद्धव जी ने मुझे कभी आमंत्रित नहीं किया’, Maharashtra के एक कार्यक्रम में Devendra Fadnavis और Uddhav Thackeray के बीच दिखी हल्की-फुल्की नोकझोंक

‘2019 के बाद उद्धव जी ने मुझे कभी आमंत्रित नहीं किया’, Maharashtra के एक कार्यक्रम में Devendra Fadnavis और Uddhav Thackeray के बीच दिखी हल्की-फुल्की नोकझोंक

महाराष्ट्र की राजनीति अक्सर अपनी तीखी बयानबाजी, राजनीतिक उठापटक और ध्रुवीकरण के लिए जानी जाती है, लेकिन इसके बीच दादर स्थित सावरकर स्मारक में एक ऐसा अनूठा नजारा देखने को मिला जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। मौका था मराठी राजनीतिक कार्टूनों के इतिहास को संजोने वाली पुस्तक ‘महाराष्ट्राच्या हास्यरेषा’ (Maharashtrachya Hasyaresha) के विमोचन समारोह का। कार्टूनिस्ट प्रशांत कुलकर्णी द्वारा संपादित इस पुस्तक के विमोचन मंच पर राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे एक साथ नजर आए। हालांकि इस मंच से किसी राजनीतिक गठबंधन या सुलह के संदेश तो नहीं मिले, लेकिन नेताओं के बीच तीखी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बीच गूंजे ठहाकों और मजेदार चुटकुलों ने माहौल को बेहद हल्का और खुशनुमा बना दिया।

राज्य के अहम मुद्दों पर चल रहे राजनीतिक मतभेदों और खींचतान के बीच, इन तीन प्रमुख नेताओं का एक साथ आना चर्चा का विषय बन गया। हालाँकि, यहाँ किसी राजनीतिक सुलह के संकेत तो नहीं दिखे, लेकिन नेताओं के बीच काफी हल्की-फुल्की और मजेदार बातचीत जरूर देखने को मिली।

राज ठाकरे की टिप्पणी: फडणवीस 2029 तक मुख्यमंत्री बने रहें

कार्यक्रम की शुरुआत संस्कृति मंत्री आशीष शेलार के संबोधन से हुई, जिन्होंने राज ठाकरे का निमंत्रण स्वीकार करने के लिए फडणवीस की तारीफ की। शेलार ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को अपने मतभेदों से ऊपर उठकर कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक साथ आना चाहिए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राज ठाकरे ने कहा कि उन्हें फडणवीस को बार-बार आमंत्रित करने में खुशी होगी, बशर्ते शेलार यह सुनिश्चित करें कि मुख्यमंत्री 2029 तक अपने पद पर बने रहें।राज ठाकरे के इस मजेदार जवाब पर वहां मौजूद दर्शक हंस पड़े और तालियां बजाने लगे। इससे कार्यक्रम का माहौल काफी खुशनुमा और दोस्ताना हो गया।

‘2019 के बाद उद्धव जी ने मुझे कभी आमंत्रित नहीं किया’: फडणवीस की बात सुनकर हंस पड़े दर्शक

कार्यक्रम में सबसे अंत में बोलने वाले देवेंद्र फडणवीस ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ अपनी पुरानी मुलाकातों को याद करते हुए उन पर एक मजेदार तंज कसा।

पुस्तक में कार्टूनिस्टों के योगदान और इतिहास को संजोने के लिए कुलकर्णी की तारीफ करते हुए फडणवीस ने कहा कि इस विमोचन कार्यक्रम का हिस्सा बनकर उन्हें बहुत खुशी हुई। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें राज ठाकरे की ओर से व्यक्तिगत निमंत्रण मिला था।

उन्होंने मंच पर बैठने की व्यवस्था को लेकर भी एक मजेदार टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने मंच के बाईं ओर से अपना भाषण दिया, जबकि उन्होंने दाईं ओर से सभा को संबोधित किया। “बाकी सब लोग बाईं (Left) ओर चले गए हैं, इसलिए मैं दाईं (Right) ओर आ गया हूँ,” फडणवीस ने कहा, जिस पर वहां मौजूद लोग हंस पड़े। शेलार की इस टिप्पणी का जवाब देते हुए कि राज ठाकरे जब भी बुलाते हैं, फडणवीस तुरंत पहुंच जाते हैं, उन्होंने उद्धव ठाकरे के साथ अपने पुराने संबंधों को याद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं आशीष जी को बताना चाहता हूँ कि 2019 से पहले, जब भी उद्धव जी मुझे बुलाते थे या कहीं आमंत्रित करते थे, तो मैं चला जाता था। लेकिन उसके बाद, उन्होंने मुझे कभी नहीं बुलाया।” अपनी बात खत्म करते हुए फडणवीस ने एक और मजेदार टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सबसे आखिर में बोलने का फायदा यह है कि राज ठाकरे को उनकी बातों का जवाब देने का मौका ही नहीं मिलेगा।

एक ऐसा कार्यक्रम जिसने राजनीतिक विरोधियों को एक साथ ला खड़ा किया
‘महाराष्ट्राच्या हास्यरेषा’ (Maharashtrachya Hasyaresha) के विमोचन कार्यक्रम ने तीन ऐसे नेताओं को एक मंच पर ला दिया, जो महाराष्ट्र की राजनीति में अहम पदों पर रहे हैं और जिनका आपस में एक जटिल राजनीतिक इतिहास रहा है।

प्रशांत कुलकर्णी द्वारा संपादित यह किताब मराठी राजनीतिक कार्टूनों के विकासक्रम को दर्शाती है और राज्य की राजनीतिक व सांस्कृतिक चर्चाओं में कार्टूनिस्टों के योगदान को मान्यता देती है।

Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *