प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बनासकांठा में एक रोडशो के साथ अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे की शुरुआत की। यहाँ 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत की गई या उन्हें आगे बढ़ाया गया। इन घोषणाओं में कृषि, परिवहन, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, डेयरी विकास और बाल कल्याण जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जिनमें से कई परियोजनाएं उत्तर गुजरात पर केंद्रित हैं। इसके बाद, 31 अक्टूबर को वे केवड़िया के एकता नगर पहुंचेंगे, जहां वे सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ समारोह में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में ‘भारत पर्व 2026’ का उद्घाटन, आकर्षक रोशनी वाली सजावट और 400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की शुरुआत शामिल होगी।
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बनासकांठा में डेयरी विकास और कृषि मुख्य केंद्र हैं। बनासकांठा कार्यक्रम का एक प्रमुख हिस्सा भिल्डी में स्थित ‘भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर’ (BBBRC) है। 127 एकड़ में फैला यह केंद्र, पशु प्रजनन, आनुवंशिक सुधार और उन्नत प्रजनन तकनीकों के लिए एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (उत्कृष्टता केंद्र) के रूप में स्थापित किया गया है। यह देश का अपनी तरह का पहला केंद्र है जो कांकरेज नस्ल के मवेशियों को समर्पित है। इससे नस्ल सुधार की गति 10 से 20 गुना तक बढ़ने की उम्मीद है।
डेयरी क्षेत्र में, बनास डेयरी द्वारा संचालित दो बायो-CNG प्लांट भी विकसित किए जाएंगे। थराद और राधनपुर में स्थित इन संयंत्रों में क्रमशः प्रतिदिन 75 मीट्रिक टन और 100 मीट्रिक टन गोबर को प्रोसेस करने की क्षमता होगी।
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कृषि बुनियादी ढांचा भी एक मुख्य फोकस है। मोदी ‘एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड’ (कृषि बुनियादी ढांचा कोष) के तहत पूरी हो चुकी 521 परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनकी कुल लागत लगभग 4,950 करोड़ रुपये है। इन सुविधाओं में गोदाम, साइलो, कोल्ड स्टोरेज यूनिट, कोल्ड चेन, पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस और एकीकृत प्रसंस्करण केंद्र शामिल हैं। इस कार्यक्रम में सनादार में एक विस्तारित आलू प्रसंस्करण संयंत्र और पालनपुर में अल्ट्रा-हाई-टेम्परेचर उत्पादों के लिए एक ‘ऑटोमेटेड स्टोरेज एंड रिट्रीवल सिस्टम’ (स्वचालित भंडारण और पुनर्प्राप्ति प्रणाली) का उद्घाटन भी शामिल है। इसके अलावा, बागवानी के लिए स्वीकृत 12 क्लस्टरों में जमीनी स्तर पर काम शुरू होगा। लगभग 1.46 लाख हेक्टेयर में फैले इन क्लस्टरों से 1.3 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इनमें से उत्तर गुजरात के दो क्लस्टर आलू उत्पादन पर केंद्रित होंगे। साथ ही, मोदी देश भर के किसानों को वित्तीय सहायता के रूप में PM-KISAN की 24वीं किस्त भी जारी करेंगे, जो 19,000 करोड़ रुपये की होगी।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में ‘एकता दिवस’ के कार्यक्रमों का आयोजन
31 अक्टूबर को, प्रधानमंत्री मोदी एकता नगर स्थित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ जाएंगे। वहां वे सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और उसके बाद ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ समारोह में शामिल होंगे। इस दौरे के दौरान ‘भारत पर्व 2026’ का भी उद्घाटन किया जाएगा। यह उत्सव 15 नवंबर तक चलेगा, जिसमें विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सांस्कृतिक परंपराएं, लोक प्रदर्शन, क्षेत्रीय व्यंजन, हस्तशिल्प और पर्यटन आकर्षण देखने को मिलेंगे। आगंतुक ‘एकता प्रकाश पर्व’ का भी आनंद ले सकेंगे। यह राष्ट्रीय एकता, विविधता, सांस्कृतिक विरासत और प्रगति की थीम पर आधारित एक विशेष प्रकाश प्रदर्शन (इल्यूमिनेशन डिस्प्ले) है। इसमें ‘प्राचीन भारत से आधुनिक भारत’ की थीम पर बना 530 मीटर लंबा ‘वैली ऑफ फ्लावर्स रोड’ और ‘भारत की विविधता में एकता’ की थीम पर बना 180 मीटर लंबा ‘ग्लो टनल’ शामिल है। इन प्रदर्शनों में 1.5 करोड़ से अधिक LED लाइटों का इस्तेमाल किया गया है।
एकता नगर को 400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं मिलेंगी
एकता नगर में नागरिक सुविधाओं और पर्यटन से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन या लोकार्पण किया जाएगा। 400 करोड़ रुपये से अधिक की इन परियोजनाओं में सीवेज और जल उपचार संयंत्र, फसाड लाइटिंग (इमारतों की बाहरी सजावटी लाइटिंग), नर्मदा घाट का सौंदर्याकरण, एक IRCTC होटल और अन्य पर्यटन सुविधाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री गोरा-भंड्रा रोड के विकास, एक एकीकृत ‘जीरो-वेस्ट’ स्मार्ट ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना, खलवानी इको-टूरिज्म विकास, और कैक्टस व बटरफ्लाई गार्डन के एकीकृत विकास कार्यों की आधारशिला भी रखेंगे। दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ समारोह के हिस्से के रूप में आयोजित ‘एकता परेड’ के साथ होगा। इसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, राज्य पुलिस बल और केंद्रीय पुलिस संगठन हिस्सा लेंगे, जो अपने अनुशासन और पेशेवर कौशल का प्रदर्शन करेंगे। इस वर्ष की परेड में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों के प्रयासों और पहले प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा व विकास की ओर हुए बदलाव को भी प्रमुखता से दर्शाया जाएगा।

