200 छात्र 40 KM पैदल चलकर शिकायत करने पहुंचे:बक्सर में अधिकारियों ने सुनी समस्या, जांच कमेटी बनी; टीचर पर ChatGPT से पढ़ाने का आरोप

200 छात्र 40 KM पैदल चलकर शिकायत करने पहुंचे:बक्सर में अधिकारियों ने सुनी समस्या, जांच कमेटी बनी; टीचर पर ChatGPT से पढ़ाने का आरोप

बक्सर जिले के डॉ. भीमराव अंबेडकर कल्याण छात्रावास के 200 से ज्यादा छात्र रविवार को मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर 40 किलोमीटर पैदल चलकर जिला मुख्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने उनकी समस्याएं सुनीं और कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिला प्रशासन ने शिकायतों पर जांच समिति बनाई और जिला कल्याण पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। छात्रों ने बताया कि भूगोल के शिक्षक विकेश कुमार चैटजीपीटी से पढ़ाते हैं और उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं है। बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकी छात्रों ने पर्याप्त शिक्षकों, समय पर पाठ्यक्रम, लाइब्रेरी, प्रयोगशाला और स्मार्ट क्लास की मांग की। भोजन व्यवस्था पर भी शिकायतें मिलीं; छात्र अजय कुमार ने बताया कि खाने में कीड़े मिलते हैं। 450 बच्चों के लिए सिर्फ 150 थालियां होने से छात्रों को देर रात 11-12 बजे तक खाना पड़ता है। वहीं, छात्र ज्ञान प्रकाश ने आरोप लगाया कि छात्रावास की रसोइया का भाई ड्राइवर के रूप में काम करता है। छात्र के अनुसार, रसोइया से शिकायत करने पर ड्राइवर बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकी देता है। इन आरोपों की प्रशासनिक स्तर पर जांच की बात कही गई है। बिजली-पानी से लेकर जर्जर भवन तक की शिकायत छात्रों ने छात्रावास में पर्याप्त बिजली और लाइट, स्वच्छ पेयजल, शौचालयों की सफाई, फ्लश और नल की व्यवस्था कराने की मांग की। उन्होंने जर्जर भवन की मरम्मत, पर्याप्त ड्रेस, खेल सामग्री और समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की भी मांग रखी। छात्रों ने छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की ओर भी अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया। छात्रों ने छात्रावास में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था, लाइब्रेरी, लैब, कंप्यूटर एवं कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास और बेहतर कक्षा संचालन की मांग की। उनका आरोप था कि नियमित शिक्षण कक्ष के बजाय कई बार दूसरे कमरों में पढ़ाया जाता है। छात्रों ने बक्सर शहर में छात्रावास की व्यवस्था किए जाने की मांग भी रखी। प्रशासन ने गठित की जांच समिति जिला प्रशासन के अनुसार, विद्यालय में पिछले कुछ दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है। इस दौरान भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का संचालन जनरेटर के माध्यम से किए जाने की बात कही गई है। छात्रों के जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद उनकी सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा की। जिला पदाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए छात्रों की शिकायतों की जांच और नियमानुकूल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उप विकास आयुक्त, बक्सर की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है। प्रशासन ने सुरक्षित वापस हॉस्टल भेजा समिति जिले में विभाग द्वारा संचालित सभी छात्रावासों का निरीक्षण कर आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, भोजन, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करेगी। मामले में जिला कल्याण पदाधिकारी, बक्सर से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। प्रशासन ने कहा है कि जांच में जो भी कमियां या जिम्मेदारी सामने आएगी, उसके आधार पर नियमानुकूल कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों की शिकायतें सुनने के बाद प्रशासन ने उनके लिए भोजन और पानी की व्यवस्था कराई तथा बस से उन्हें सुरक्षित वापस छात्रावास भेजा। अब जांच समिति की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और छात्रावास की व्यवस्थाओं में किन स्तरों पर सुधार की आवश्यकता है। बक्सर जिले के डॉ. भीमराव अंबेडकर कल्याण छात्रावास के 200 से ज्यादा छात्र रविवार को मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर 40 किलोमीटर पैदल चलकर जिला मुख्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने उनकी समस्याएं सुनीं और कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिला प्रशासन ने शिकायतों पर जांच समिति बनाई और जिला कल्याण पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। छात्रों ने बताया कि भूगोल के शिक्षक विकेश कुमार चैटजीपीटी से पढ़ाते हैं और उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं है। बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकी छात्रों ने पर्याप्त शिक्षकों, समय पर पाठ्यक्रम, लाइब्रेरी, प्रयोगशाला और स्मार्ट क्लास की मांग की। भोजन व्यवस्था पर भी शिकायतें मिलीं; छात्र अजय कुमार ने बताया कि खाने में कीड़े मिलते हैं। 450 बच्चों के लिए सिर्फ 150 थालियां होने से छात्रों को देर रात 11-12 बजे तक खाना पड़ता है। वहीं, छात्र ज्ञान प्रकाश ने आरोप लगाया कि छात्रावास की रसोइया का भाई ड्राइवर के रूप में काम करता है। छात्र के अनुसार, रसोइया से शिकायत करने पर ड्राइवर बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकी देता है। इन आरोपों की प्रशासनिक स्तर पर जांच की बात कही गई है। बिजली-पानी से लेकर जर्जर भवन तक की शिकायत छात्रों ने छात्रावास में पर्याप्त बिजली और लाइट, स्वच्छ पेयजल, शौचालयों की सफाई, फ्लश और नल की व्यवस्था कराने की मांग की। उन्होंने जर्जर भवन की मरम्मत, पर्याप्त ड्रेस, खेल सामग्री और समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की भी मांग रखी। छात्रों ने छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की ओर भी अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया। छात्रों ने छात्रावास में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था, लाइब्रेरी, लैब, कंप्यूटर एवं कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास और बेहतर कक्षा संचालन की मांग की। उनका आरोप था कि नियमित शिक्षण कक्ष के बजाय कई बार दूसरे कमरों में पढ़ाया जाता है। छात्रों ने बक्सर शहर में छात्रावास की व्यवस्था किए जाने की मांग भी रखी। प्रशासन ने गठित की जांच समिति जिला प्रशासन के अनुसार, विद्यालय में पिछले कुछ दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है। इस दौरान भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का संचालन जनरेटर के माध्यम से किए जाने की बात कही गई है। छात्रों के जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद उनकी सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा की। जिला पदाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए छात्रों की शिकायतों की जांच और नियमानुकूल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उप विकास आयुक्त, बक्सर की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है। प्रशासन ने सुरक्षित वापस हॉस्टल भेजा समिति जिले में विभाग द्वारा संचालित सभी छात्रावासों का निरीक्षण कर आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, भोजन, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करेगी। मामले में जिला कल्याण पदाधिकारी, बक्सर से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। प्रशासन ने कहा है कि जांच में जो भी कमियां या जिम्मेदारी सामने आएगी, उसके आधार पर नियमानुकूल कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों की शिकायतें सुनने के बाद प्रशासन ने उनके लिए भोजन और पानी की व्यवस्था कराई तथा बस से उन्हें सुरक्षित वापस छात्रावास भेजा। अब जांच समिति की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और छात्रावास की व्यवस्थाओं में किन स्तरों पर सुधार की आवश्यकता है।  

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