गयाजी में पितृपक्ष मेले का आज(28 सितंबर 2026) चौथा दिन है। पिंडदान के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आ रहे हैं। प्रेतशिला, रामशिला, सीताकुंड, देवघाट, विष्णुपद मंदिर समेत प्रमुख पिंडवेदी और धार्मिक स्थलों पर भीड़ उमड़ पड़ी है। देश-विदेश से आए तीर्थयात्रियों ने प्रमुख पिंडवेदियों पर पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध कर्म किया। प्रेतशिला, रामकुंड, रामशिला और काकबली पर पिंडदान का खास महत्व है। प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, 26 से 27 सितंबर को 3 लाख 95 हजार श्रद्धालु गयाजी पहुंचे हैं। मेडिकल कैंपों में 9,768 लोगों का इलाज 27 सितंबर को 9 हजार 768 श्रद्धालुओं ने मेडिकल सुविधा ली। अब तक मेडिकल सहायता लेने वालों की संख्या 11 हजार 471 हो गई है। भीड़ के बीच बुजुर्ग और बीमार श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर सेवा भी इस्तेमाल हो रही है। शनिवार को 70 लोगों ने व्हीलचेयर ली। अब तक 98 श्रद्धालु इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। 87 परिवारों को अपनों से मिलाया भीड़ के बीच बिछड़ने वाले लोगों को उनके परिवार से मिलाने का काम भी खोया-पाया सेल कर रहा है। शनिवार को 87 परिवारों को उनके बिछड़े परिजनों से मिलाया गया। अब तक 101 लोग अपने परिवार से दोबारा जुड़ चुके हैं। पितृपक्ष में अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में यह सुविधा परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गंगाजल उपलब्ध गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी में शनिवार को 781 श्रद्धालुओं ने ठहरने की सुविधा ली। अब तक 992 लोग यहां रुक चुके हैं। रविवार का आंकड़ा सोमवार को बताया जाएगा। वहीं, श्रद्धालुओं को गंगाजल उपलब्ध कराने का काम भी जारी है। शनिवार को 4,546 पैकेट गंगाजल बांटे गए। अब तक 4,898 पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। पितृवाटिका में पौधरोपण भी जारी मेला क्षेत्र में पितृवाटिका को हरा-भरा करने का काम भी चल रहा है। शनिवार को 33 पौधे लगाए गए। अब तक यहां 74 पौधे रोपे जा चुके हैं। पितृपक्ष के शुरुआती दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। आने वाले दिनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में मेडिकल सहायता, ठहरने, खोया-पाया और दूसरी सुविधाओं की व्यवस्था पर लगातार दबाव रहेगा। गयाजी में पितृपक्ष मेले का आज(28 सितंबर 2026) चौथा दिन है। पिंडदान के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आ रहे हैं। प्रेतशिला, रामशिला, सीताकुंड, देवघाट, विष्णुपद मंदिर समेत प्रमुख पिंडवेदी और धार्मिक स्थलों पर भीड़ उमड़ पड़ी है। देश-विदेश से आए तीर्थयात्रियों ने प्रमुख पिंडवेदियों पर पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध कर्म किया। प्रेतशिला, रामकुंड, रामशिला और काकबली पर पिंडदान का खास महत्व है। प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, 26 से 27 सितंबर को 3 लाख 95 हजार श्रद्धालु गयाजी पहुंचे हैं। मेडिकल कैंपों में 9,768 लोगों का इलाज 27 सितंबर को 9 हजार 768 श्रद्धालुओं ने मेडिकल सुविधा ली। अब तक मेडिकल सहायता लेने वालों की संख्या 11 हजार 471 हो गई है। भीड़ के बीच बुजुर्ग और बीमार श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर सेवा भी इस्तेमाल हो रही है। शनिवार को 70 लोगों ने व्हीलचेयर ली। अब तक 98 श्रद्धालु इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। 87 परिवारों को अपनों से मिलाया भीड़ के बीच बिछड़ने वाले लोगों को उनके परिवार से मिलाने का काम भी खोया-पाया सेल कर रहा है। शनिवार को 87 परिवारों को उनके बिछड़े परिजनों से मिलाया गया। अब तक 101 लोग अपने परिवार से दोबारा जुड़ चुके हैं। पितृपक्ष में अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में यह सुविधा परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गंगाजल उपलब्ध गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी में शनिवार को 781 श्रद्धालुओं ने ठहरने की सुविधा ली। अब तक 992 लोग यहां रुक चुके हैं। रविवार का आंकड़ा सोमवार को बताया जाएगा। वहीं, श्रद्धालुओं को गंगाजल उपलब्ध कराने का काम भी जारी है। शनिवार को 4,546 पैकेट गंगाजल बांटे गए। अब तक 4,898 पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। पितृवाटिका में पौधरोपण भी जारी मेला क्षेत्र में पितृवाटिका को हरा-भरा करने का काम भी चल रहा है। शनिवार को 33 पौधे लगाए गए। अब तक यहां 74 पौधे रोपे जा चुके हैं। पितृपक्ष के शुरुआती दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। आने वाले दिनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में मेडिकल सहायता, ठहरने, खोया-पाया और दूसरी सुविधाओं की व्यवस्था पर लगातार दबाव रहेगा।

