मोतिहारी के सुगौली प्रखंड के सुगांव स्थित भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं के विरोध में छात्रों ने करीब 20 घंटे तक भूख हड़ताल की। छात्रों ने विद्यालय में खराब भोजन, साफ-सफाई की कमी और बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को लेकर नाराजगी जताई। मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की टीम विद्यालय पहुंची और छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। सदर एसडीएम अरुण कुमार, सहायक कल्याण निदेशक ललन ऋषि समेत कई अधिकारी विद्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जांच के दौरान छात्रों की ओर से लगाए गए कई आरोप सही पाए गए। तय मेन्यू के अनुसार नहीं मिल रहा था खाना भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता है। छात्रों का आरोप था कि भोजन की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। खाने को लेकर लगातार शिकायत के बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। छात्रों की शिकायत सुनने के बाद अधिकारियों ने भोजन की व्यवस्था को लेकर तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। भोजन बनाने वाली टीम को बदलने का निर्णय लिया गया, ताकि छात्रों को मानक के अनुरूप भोजन मिल सके। मेस कमेटी करेगी खाने की निगरानी भोजन की गुणवत्ता में सुधार के लिए विद्यालय में छात्रों की मेस कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया। यह कमेटी प्रतिदिन बनने वाले भोजन की गुणवत्ता और निर्धारित मेन्यू के अनुसार खाना मिलने की निगरानी करेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्रों को सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। भोजन की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। टूटे नल, खराब RO से लेकर इंटरनेट तक की समस्या निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कई अन्य बुनियादी कमियां भी सामने आईं। छात्रों ने बताया कि परिसर में लगे कई नल टूटे हुए हैं। RO सिस्टम खराब है, जिससे पेयजल को लेकर परेशानी होती है। विद्यालय में इंटरनेट की सुविधा का भी अभाव है। इसके अलावा साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। शौचालय और विद्यालय परिसर की स्वच्छता को लेकर भी छात्रों ने शिकायत की। तीन दिन पहले सीढ़ी से गिरकर घायल हुआ था छात्र छात्रों ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि करीब तीन दिन पहले सीढ़ी की रेलिंग टूटी होने के कारण एक छात्र नीचे गिरकर घायल हो गया था। इस घटना के बाद भी रेलिंग की मरम्मत नहीं होने से छात्रों में नाराजगी थी। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान सीढ़ी की रेलिंग समेत विद्यालय की अन्य जरूरी मरम्मत तत्काल कराने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने मौके पर दिए सुधार के निर्देश स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने विद्यालय की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल, RO मशीन, टूटे नल और सीढ़ी की रेलिंग की मरम्मत जल्द कराने को कहा गया। अधिकारियों ने कहा कि जिन समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव है, उन्हें तत्काल दूर कराया जाएगा। वहीं, विभागीय स्तर से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजने की कार्रवाई की जाएगी। DM को भेजी जाएगी कुप्रबंधन की रिपोर्ट सदर एसडीएम अरुण कुमार ने कहा कि विद्यालय में निरीक्षण के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं और कुप्रबंधन की विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लिया गया है और व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उन्हें सरकार के निर्धारित मानकों के अनुसार बेहतर भोजन, सुरक्षित वातावरण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। भूख हड़ताल के बाद प्रशासन हरकत में करीब 20 घंटे तक भूख हड़ताल के बाद अधिकारियों के पहुंचने और समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिलने से छात्रों को राहत मिली। छात्रों ने कहा कि उनका उद्देश्य विद्यालय में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित कराना है, ताकि उन्हें पढ़ाई के साथ रहने और खाने की अच्छी सुविधा मिल सके। प्रशासन ने भी विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि भविष्य में छात्रों की मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उनका समय पर समाधान किया जाए। मोतिहारी के सुगौली प्रखंड के सुगांव स्थित भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं के विरोध में छात्रों ने करीब 20 घंटे तक भूख हड़ताल की। छात्रों ने विद्यालय में खराब भोजन, साफ-सफाई की कमी और बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को लेकर नाराजगी जताई। मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की टीम विद्यालय पहुंची और छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। सदर एसडीएम अरुण कुमार, सहायक कल्याण निदेशक ललन ऋषि समेत कई अधिकारी विद्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जांच के दौरान छात्रों की ओर से लगाए गए कई आरोप सही पाए गए। तय मेन्यू के अनुसार नहीं मिल रहा था खाना भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता है। छात्रों का आरोप था कि भोजन की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। खाने को लेकर लगातार शिकायत के बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। छात्रों की शिकायत सुनने के बाद अधिकारियों ने भोजन की व्यवस्था को लेकर तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। भोजन बनाने वाली टीम को बदलने का निर्णय लिया गया, ताकि छात्रों को मानक के अनुरूप भोजन मिल सके। मेस कमेटी करेगी खाने की निगरानी भोजन की गुणवत्ता में सुधार के लिए विद्यालय में छात्रों की मेस कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया। यह कमेटी प्रतिदिन बनने वाले भोजन की गुणवत्ता और निर्धारित मेन्यू के अनुसार खाना मिलने की निगरानी करेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्रों को सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। भोजन की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। टूटे नल, खराब RO से लेकर इंटरनेट तक की समस्या निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कई अन्य बुनियादी कमियां भी सामने आईं। छात्रों ने बताया कि परिसर में लगे कई नल टूटे हुए हैं। RO सिस्टम खराब है, जिससे पेयजल को लेकर परेशानी होती है। विद्यालय में इंटरनेट की सुविधा का भी अभाव है। इसके अलावा साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। शौचालय और विद्यालय परिसर की स्वच्छता को लेकर भी छात्रों ने शिकायत की। तीन दिन पहले सीढ़ी से गिरकर घायल हुआ था छात्र छात्रों ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि करीब तीन दिन पहले सीढ़ी की रेलिंग टूटी होने के कारण एक छात्र नीचे गिरकर घायल हो गया था। इस घटना के बाद भी रेलिंग की मरम्मत नहीं होने से छात्रों में नाराजगी थी। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान सीढ़ी की रेलिंग समेत विद्यालय की अन्य जरूरी मरम्मत तत्काल कराने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने मौके पर दिए सुधार के निर्देश स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने विद्यालय की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल, RO मशीन, टूटे नल और सीढ़ी की रेलिंग की मरम्मत जल्द कराने को कहा गया। अधिकारियों ने कहा कि जिन समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव है, उन्हें तत्काल दूर कराया जाएगा। वहीं, विभागीय स्तर से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजने की कार्रवाई की जाएगी। DM को भेजी जाएगी कुप्रबंधन की रिपोर्ट सदर एसडीएम अरुण कुमार ने कहा कि विद्यालय में निरीक्षण के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं और कुप्रबंधन की विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लिया गया है और व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उन्हें सरकार के निर्धारित मानकों के अनुसार बेहतर भोजन, सुरक्षित वातावरण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। भूख हड़ताल के बाद प्रशासन हरकत में करीब 20 घंटे तक भूख हड़ताल के बाद अधिकारियों के पहुंचने और समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिलने से छात्रों को राहत मिली। छात्रों ने कहा कि उनका उद्देश्य विद्यालय में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित कराना है, ताकि उन्हें पढ़ाई के साथ रहने और खाने की अच्छी सुविधा मिल सके। प्रशासन ने भी विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि भविष्य में छात्रों की मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उनका समय पर समाधान किया जाए।

