गयाजी के 6 लोगों की शनिवार शाम हजारीबाग में कार एक्सीडेंट में मौत हुई थी। सभी एक ही परिवार के थे। तेतरिया गांव में रविवार को झारखंड से 4 की लाशें पहुंची। जिसमें 2 बेटियां और उनके मां-पिता शामिल हैं। परिवार में बस अब सिर्फ एक 14 साल का बेटा रंजीत ही बचा है। घर से चारों की अर्थियां एक साथ उठी और उनका अंतिम संस्कार हुआ। रंजीत ने अपनी 2 छोटी बहनें सोनी-सोहानी और मां रूबी देवी-पिता शिव कुमार मांझी को मुखाग्नि दी। मुखाग्नि देते वक्त रंजीत के हाथ कांप रहे थे और आंसू रुक नहीं रहे थे। जिसने भी यह दृश्य देखा, उसकी भी आंखें भर आईं। लोगों के पास ढाढस बंधाने के लिए शब्द नहीं थे। वहीं, 2 लाशें मसूरी बाग गांव में पहुंची। इनमें एक शिव कुमार भुइयां के ससुर कृत मांझी हैं और दूसरा कृत मांझी का पोता प्रेम है। इनका भी अंतिम संस्कार हुआ है। तेतरिया और मसूरी बाग दोनों आमस थाना क्षेत्र में पड़ते हैं। 12 साल का बेटा रंजीत कार में सवार नहीं था जब हादसा हुआ था तब 12 साल का रंजीत धनबाद में था, वो अपने परिवार के साथ कार में सवार नहीं था। हादसे के बाद उसे काफी देर तक उसे सच्चाई नहीं बताई गई थी। अंत में परिजन ने किसी तरह उसे पूरी बात बताई। उसे जैसे ही पता चला कि उसकी बहनें और मां-पिता नहीं रहे, वो खुद को संभाल नहीं पा रहा था। रंजीत अभी अपनी दादी के पास है। 9वीं क्लास में पढ़ाई करता है।
सरकार से हर सहायता का भरोसा मृतक शिव कुमार भुइया की मां बुधनी देवी अपने बेटे-बहू और पोतियों की मौत से बदहवास है। बधुनी देवी से बात करने की कोशिश की गई, पर वो कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थीं। घटना की सूचना मिलते ही शेरघाटी विधायक की पत्नी बबिता देवी गांव पहुंचीं। परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने सरकार की ओर से हर संभव सहायता दिलाने का भरोसा भी दिया। वहीं, पूर्व मंत्री संतोष सुमन ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह बेहद हृदय विदारक घटना है। पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी।
कार 30 फीट गहरी खाई में गिरी थी कार 30 फीट गहरी खाई में गिर गई थी। हादसे का पता तब चला, जब एक राहगीर की नजर नीचे गाड़ी पर पड़ी। इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। तब तक कार सवारों ने दम तोड़ दिया था। शादी समारोह में रिश्तेदार के घर जाना था, लेकिन इससे पहले ही कार अनियंत्रित हो गई। और हजारीबाग के चौपारण थाना क्षेत्र दनुआ जंगल-घाटी के पास खाई में गिर गई। मृतकों में शिव कुमार मांझी (43), उनकी पत्नी रूबी देवी (38), बेटियां सोनी कुमारी (13) और सोहानी कुमारी (12), ससुर कृत मांझी (60) और कृत मांझी का पोता प्रेम कुमार (10) शामिल हैं। ये लोग गयाजी के आमस थाना क्षेत्र के तेतरिया और मसूरी गांव के रहने वाले हैं। अनुकंपा पर मिली थी नौकरी पैक्स अध्यक्ष उदय यादव के अनुसार, शिव कुमार झरिया की कोलियरी में काम करते थे। बीएसएनएल में उन्हें अनुकंपा पर नौकरी मिली थी। वे धनबाद से अपने बीमार ससुर कृत मांझी को आमस छोड़ने आ रहे थे। ससुर पिछले 2 महीने से इलाज के लिए उनके पास रह रहे थे। ठीक होने के बाद उन्हें गांव को लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में हादसा हो गया। शिव कुमार को ससुर को छोड़ने के बाद गुरुआ के बरवाडीह गांव में अपनी फुआ के घर शादी समारोह में भी शामिल भी होना था। गयाजी के 6 लोगों की शनिवार शाम हजारीबाग में कार एक्सीडेंट में मौत हुई थी। सभी एक ही परिवार के थे। तेतरिया गांव में रविवार को झारखंड से 4 की लाशें पहुंची। जिसमें 2 बेटियां और उनके मां-पिता शामिल हैं। परिवार में बस अब सिर्फ एक 14 साल का बेटा रंजीत ही बचा है। घर से चारों की अर्थियां एक साथ उठी और उनका अंतिम संस्कार हुआ। रंजीत ने अपनी 2 छोटी बहनें सोनी-सोहानी और मां रूबी देवी-पिता शिव कुमार मांझी को मुखाग्नि दी। मुखाग्नि देते वक्त रंजीत के हाथ कांप रहे थे और आंसू रुक नहीं रहे थे। जिसने भी यह दृश्य देखा, उसकी भी आंखें भर आईं। लोगों के पास ढाढस बंधाने के लिए शब्द नहीं थे। वहीं, 2 लाशें मसूरी बाग गांव में पहुंची। इनमें एक शिव कुमार भुइयां के ससुर कृत मांझी हैं और दूसरा कृत मांझी का पोता प्रेम है। इनका भी अंतिम संस्कार हुआ है। तेतरिया और मसूरी बाग दोनों आमस थाना क्षेत्र में पड़ते हैं। 12 साल का बेटा रंजीत कार में सवार नहीं था जब हादसा हुआ था तब 12 साल का रंजीत धनबाद में था, वो अपने परिवार के साथ कार में सवार नहीं था। हादसे के बाद उसे काफी देर तक उसे सच्चाई नहीं बताई गई थी। अंत में परिजन ने किसी तरह उसे पूरी बात बताई। उसे जैसे ही पता चला कि उसकी बहनें और मां-पिता नहीं रहे, वो खुद को संभाल नहीं पा रहा था। रंजीत अभी अपनी दादी के पास है। 9वीं क्लास में पढ़ाई करता है।
सरकार से हर सहायता का भरोसा मृतक शिव कुमार भुइया की मां बुधनी देवी अपने बेटे-बहू और पोतियों की मौत से बदहवास है। बधुनी देवी से बात करने की कोशिश की गई, पर वो कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थीं। घटना की सूचना मिलते ही शेरघाटी विधायक की पत्नी बबिता देवी गांव पहुंचीं। परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने सरकार की ओर से हर संभव सहायता दिलाने का भरोसा भी दिया। वहीं, पूर्व मंत्री संतोष सुमन ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह बेहद हृदय विदारक घटना है। पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी।
कार 30 फीट गहरी खाई में गिरी थी कार 30 फीट गहरी खाई में गिर गई थी। हादसे का पता तब चला, जब एक राहगीर की नजर नीचे गाड़ी पर पड़ी। इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। तब तक कार सवारों ने दम तोड़ दिया था। शादी समारोह में रिश्तेदार के घर जाना था, लेकिन इससे पहले ही कार अनियंत्रित हो गई। और हजारीबाग के चौपारण थाना क्षेत्र दनुआ जंगल-घाटी के पास खाई में गिर गई। मृतकों में शिव कुमार मांझी (43), उनकी पत्नी रूबी देवी (38), बेटियां सोनी कुमारी (13) और सोहानी कुमारी (12), ससुर कृत मांझी (60) और कृत मांझी का पोता प्रेम कुमार (10) शामिल हैं। ये लोग गयाजी के आमस थाना क्षेत्र के तेतरिया और मसूरी गांव के रहने वाले हैं। अनुकंपा पर मिली थी नौकरी पैक्स अध्यक्ष उदय यादव के अनुसार, शिव कुमार झरिया की कोलियरी में काम करते थे। बीएसएनएल में उन्हें अनुकंपा पर नौकरी मिली थी। वे धनबाद से अपने बीमार ससुर कृत मांझी को आमस छोड़ने आ रहे थे। ससुर पिछले 2 महीने से इलाज के लिए उनके पास रह रहे थे। ठीक होने के बाद उन्हें गांव को लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में हादसा हो गया। शिव कुमार को ससुर को छोड़ने के बाद गुरुआ के बरवाडीह गांव में अपनी फुआ के घर शादी समारोह में भी शामिल भी होना था।


