IAS एकेडमी डायरेक्टर को किडनैप करने 2 महीने की प्लानिंग:मास्टरमाइंड ने मरने की एक्टिंग सिखाई, भोपाल पुलिस से बोला- कोचिंग में बर्बाद हो गया

IAS एकेडमी डायरेक्टर को किडनैप करने 2 महीने की प्लानिंग:मास्टरमाइंड ने मरने की एक्टिंग सिखाई, भोपाल पुलिस से बोला- कोचिंग में बर्बाद हो गया

दिल्ली की IAS एकेडमी की डायरेक्टर को भोपाल में बदमाशों ने किडनैप कर लिया था। बुधवार दोपहर (29 अप्रैल) को 9 बदमाशों ने उन्हें 4 घंटे बंधक बनाकर रखा। पिस्टल अड़ाकर 1 करोड़ 89 लाख रुपए ट्रांसफर भी करा लिए। इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड प्रियंक शर्मा है। वह भोपाल में UPSC की कोचिंग चलाता था। 2019 तक उसने लगातार तीन बार यूपीएससी के लिए अटेम्प्ट दिए। तीनों बार सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसने कोचिंग संचालन का प्लान बनाया। वह दिल्ली में रहकर आईएएस कोचिंग में पढ़ चुका था, लिहाजा डायरेक्टर शुभ्रा रंजन और अन्य स्टाफ से उसके अच्छे संबंध थे। कोविड के चलते कोचिंग बंद हो गई। उसका काफी पैसा डूब गया था, जिसे वह एकेडमी की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन से वसूलना चाहता था। ऐसे में उसने दो महीने तक प्लानिंग की। साजिश में शामिल हर किरदार की स्क्रिप्ट तैयार की। एक साथी दीपक को मृत होने का नाटक करने की ट्रेनिंग तक दी। बार-बार रिहर्सल भी कराई, जिससे कोई चूक न हो। इसके बाद शुभ्रा को बहाने से भोपाल बुलाकर किडनैप कर लिया। पुलिस ने रविवार (3 मई) को मामले का खुलासा कर दिया। 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 3 फरार हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कई खुलासे किए हैं। उसने कहा कि कोचिंग में बर्बाद हो गया था। पढ़िए, यह रिपोर्ट… कोविड के चलते बंद करनी पड़ी कोचिंग आरोपी प्रियंक ने दिल्ली में शुभ्रा को प्रपोजल दिया कि भोपाल में उनके संस्थान आईएएस एकेडमी की फ्रेंचाइजी नहीं है। अगर वह उसे फ्रेंचाइजी दें, तो संस्थान का विस्तार होने के साथ अच्छी कमाई भी होगी। शुभ्रा उसकी बातों में आ गईं और उसे फ्रेंचाइजी दे दी। इसके इनोग्रेशन में शामिल होने वह भोपाल भी आई थीं। इसके 7 महीने बाद ही कोविड का दौर शुरू हो गया। प्रियंक को कोचिंग पर ताला लगाना पड़ा। इसमें इन्वेस्ट की बड़ी रकम वह खो बैठा था। तब से उसके दिमाग में सिर्फ एक ही सनक सवार थी। वह किसी भी तरह डूबी रकम शुभ्रा से वसूलना चाहता था। वह जानता था कि आईएएस एकेडमी प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है और शुभ्रा को इससे अच्छी कमाई होती है। इसी के चलते उसने शुभ्रा के अपहरण से लेकर फिरौती वसूलने तक का पूरा प्लान बनाया। इसकी स्क्रिप्ट भी तैयार की। सबसे पहले उसने अपनी साजिश में भरोसेमंद विक्की, दीपक और रोहित को शामिल कर लिया। हर हाल में बुलाना चाहता था भोपाल प्रियंक ने दो महीने तक पूरी प्लानिंग की। वह हर हाल में शुभ्रा को भोपाल बुलाना चाहता था। उसी ने होटल ताज में शुभ्रा और उनके साथ आए दो अन्य लोगों के ठहरने की व्यवस्था की। प्लानिंग के तहत उन्हें होटल से पिक कर बागसेवनिया स्थित फ्लैट तक ले गया। उसने अन्य सहयोगियों को भी पूरी प्लानिंग पहले से बता रखी थी। इसके चलते शुभ्रा और उनके दोनों सहयोगियों के फ्लैट में पहुंचते ही उन्हें एक कमरे में बंधक बना लिया गया। सभी पर पिस्टल तान दी गई। पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने चेहरों पर नकाब पहन रखे थे। जिस फ्लैट में शुभ्रा को बंधक बनाया गया, उसे दो दिन पहले ही किराए पर पूरी लिखा-पढ़ी के साथ लिया था। प्रियंक ने पहले से ही हर किरदार को उसकी भूमिका समझा दी थी। इसकी बाकायदा रिहर्सल भी कराई गई थी। दो महीने से पूरी प्लानिंग की जा रही थी, ताकि चूक की संभावना कम से कम रहे। लाश को बॉक्स में रखने का नाटक किया प्रियंक ने प्लान के तहत दीपक भगत को एक्टिंग सिखाई। इसकी बाकायदा रिहर्सल भी कराई गई। जब शुभ्रा और उनके साथियों को बंधक बनाया गया, तब दीपक पहले से उसी कमरे में मौजूद था। वह मरा हुआ होने की एक्टिंग कर रहा था। शुभ्रा को कमरे में लाते ही दीपक को शव बताकर एक बॉक्स में बंद किया गया। आरोपी आपस में बात करते रहे कि समय पर इसने बात मान ली होती, तो आज जिंदा होता। इसकी लाश को कहीं जंगल में ले जाकर ठिकाने लगा दो। यह सब करने के पीछे आरोपियों का मकसद था कि बिना किसी बल प्रयोग के पीड़िता और उनके साथियों में डर बैठाया जा सके। यह नजारा देखने के बाद ही पीड़िता घबरा गईं और तीन बार में प्रियंक के दो अलग-अलग खातों में 1 करोड़ 87 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। एम्स के ICU से मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी प्रियंक वारदात के बाद विदेश भागने की तैयारी में था। इसके लिए वह कई एजेंट्स के संपर्क में था। शिकायत के बाद पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी। उसके रिश्तेदारों की निगरानी शुरू की। गिरफ्तारी के डर से वह भोपाल में एम्स अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हो गया। क्राइम ब्रांच को भनक लगते ही टीम ने अस्पताल पहुंचकर आईसीयू से ही उसे गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान उसकी मां और पत्नी ने गिरफ्तारी का विरोध किया, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई जारी रखते हुए उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने अन्य 5 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। यह खबर भी पढ़ें… दिल्ली की IAS एकेडमी डायरेक्टर का अपहरण भोपाल में 9 बदमाशों ने बुधवार दोपहर दिल्ली की IAS एकेडमी की डायरेक्टर को किडनैप कर लिया। 4 घंटे बंधक बनाकर रखा। कनपटी पर पिस्टल सटाकर करीब 1 करोड़ 89 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। पूरी खबर यहां पढ़ें…

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *