RBI Bank Rules: अगर आपका कोई बैंक अकाउंट ऐसा है जिसे आपने सालों से इस्तेमाल नहीं किया है, तो हो सकता है वह निष्क्रिय (Inactive) हो गया हो। ऐसे खाते से फ्रॉड होने के चांस ज्यादा होते है और समय पर जानकारी भी नहीं मिलती है। RBI के नियमों के मुताबिक, अगर 2 साल से ज्यादा समय तक खाताधारक की तरफ से कोई लेनदेन नहीं किया जाता, तो बैंक अकाउंट इनएक्टिव हो सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि खाते में रखा आपका पैसा अब वापस नहीं मिलेगा। पैसा वापस पाने और अकाउंट को दोबारा इस्तेमाल करने के लिए बैंक की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है।
खाता इनएक्टिव होने से होने वाले नुकसान
इनएक्टिव खाते से पैसा तुरंत निकालने या उसे सामान्य तरीके से इस्तेमाल करने में परेशानी तो होती ही है। इसके अलावा चॉइस वेल्थ के सीईओ अतीश जैन इस मामले पर बताते है कि डॉर्मेंट बैंक अकाउंट भारत के फाइनेंशियल सिस्टम में एक बढ़ती हुई समस्या है। अगर इन पर नजर न रखी जाए, तो ऐसे अकाउंट मनी म्यूल नेटवर्क और फ्रॉड के लिए आसान निशाना बन जाते हैं। लंबे समय तक खाते पर नजर न रखने से मोबाइल नंबर, ईमेल और KYC जैसी जानकारी पुरानी हो जाती है। जिससे खाते में किसी तरह की असामान्य गतिविधि होने पर उसका समय पर पता नहीं चलता।
एक्टिव होने के बाद ही मिलता है पैसा
किसी बैंक अकाउंट के इनएक्टिव होने का यह मतलब नहीं है कि उसमें जमा पैसा बैंक का हो गया या पैसा अब आपको नहीं मिलेगा। हालांकि, ऐसे खाते से पैसा निकालने या उसे सामान्य रूप से इस्तेमाल करने से पहले बैंक की रीएक्टिवेशन प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है। ऐसे में अकाउंट को दोबारा एक्टिव कराने के लिए बैंक से संपर्क करके KYC और जरूरी दस्तावेज जमा कराने होंगे। बैंक के नियमों के अनुसार KYC को बैंक शाखा में या वीडियो KYC सुविधा के जरिए अपडेट किया जा सकता है। इसके बाद अकाउंट को दोबारा एक्टिव किया जा सकता है, जिसके बाद आपको पैसा वापस मिल जाता है।
नौकरी बदलने वालों को खास ध्यान देना चाहिए
कई लोग नौकरी बदलने के बाद नया सैलरी अकाउंट खोल लेते हैं और पुराना अकाउंट इस्तेमाल करना बंद कर देते हैं। इसी तरह बिजनेस या दूसरे कारणों से कई बैंक अकाउंट रखने वाले लोगों को भी पुराने खातों का स्टेटस समय-समय पर चेक करना चाहिए।


