मुंगेर में मंगलवार से जिले के सभी 1600 आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय ‘आंगन मिलन समारोह’ शुरू हुआ। बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम की निगरानी डीएम निखिल धनराज की देखरेख में की जा रही है। आईसीडीएस की जिला प्रभारी रश्मि सिन्हा के नेतृत्व में शहर, ग्रामीण और दियारा क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका की ओर से बच्चों और लाभार्थियों के लिए विभिन्न गतिविधियां कराई जा रही हैं। बेहतर कार्य करने वाली सेविका-सहायिका को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं की देखभाल, समय पर टीकाकरण और बच्चों के नियमित टीकाकरण में सहयोग करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया जाएगा। जीविका के माध्यम से लाभार्थियों को भी सम्मानित करने की तैयारी है। पहले दिन बच्चों को खिलाए गए विशेष व्यंजन तीन दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन मंगलवार को आंगनबाड़ी केंद्रों पर पढ़ने वाले बच्चों के लिए विशेष भोजन और विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए गए। बच्चों को सामूहिक रूप से भोजन कराया गया। इसका उद्देश्य बच्चों के बीच आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रति आकर्षण बढ़ाने के साथ पोषण को लेकर जागरूकता पैदा करना रहा। दूसरे दिन अन्नप्राशन, गुरुवार को गोदभराई कार्यक्रम के दूसरे दिन बुधवार को जिले के सभी 1600 आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष अन्नप्राशन समारोह आयोजित किया गया। वहीं गुरुवार को तीन दिवसीय आयोजन के अंतिम दिन गर्भवती महिलाओं के लिए गोदभराई की रस्म निभाई जाएगी। आईसीडीएस की जिला प्रभारी, सीडीपीओ और अन्य अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यक्रमों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। रतनपुर के केंद्र पर गुब्बारे और रंगोली से सजा आंगनबाड़ी केंद्र बरियारपुर प्रखंड की रतनपुर पंचायत के चिरैयाबाद गांव के वार्ड नंबर-2 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 111 पर भी आंगन मिलन समारोह को उत्सव के रूप में मनाया गया। सेविका प्रियदर्शनी कुमारी और सहायिका चंदा देवी ने केंद्र को गुब्बारों से सजाया और रंगोली बनाई। केंद्र पर बच्चों के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। आंगनबाड़ी केंद्र पर इस तरह का आयोजन देखकर ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के अभिभावकों में भी खुशी देखी गई। स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों के साथ-साथ महिलाओं को भी आंगनबाड़ी केंद्र की सेवाओं और पोषण संबंधी योजनाओं से जोड़ने में मदद मिलती है। मुंगेर में मंगलवार से जिले के सभी 1600 आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय ‘आंगन मिलन समारोह’ शुरू हुआ। बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम की निगरानी डीएम निखिल धनराज की देखरेख में की जा रही है। आईसीडीएस की जिला प्रभारी रश्मि सिन्हा के नेतृत्व में शहर, ग्रामीण और दियारा क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका की ओर से बच्चों और लाभार्थियों के लिए विभिन्न गतिविधियां कराई जा रही हैं। बेहतर कार्य करने वाली सेविका-सहायिका को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं की देखभाल, समय पर टीकाकरण और बच्चों के नियमित टीकाकरण में सहयोग करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया जाएगा। जीविका के माध्यम से लाभार्थियों को भी सम्मानित करने की तैयारी है। पहले दिन बच्चों को खिलाए गए विशेष व्यंजन तीन दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन मंगलवार को आंगनबाड़ी केंद्रों पर पढ़ने वाले बच्चों के लिए विशेष भोजन और विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए गए। बच्चों को सामूहिक रूप से भोजन कराया गया। इसका उद्देश्य बच्चों के बीच आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रति आकर्षण बढ़ाने के साथ पोषण को लेकर जागरूकता पैदा करना रहा। दूसरे दिन अन्नप्राशन, गुरुवार को गोदभराई कार्यक्रम के दूसरे दिन बुधवार को जिले के सभी 1600 आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष अन्नप्राशन समारोह आयोजित किया गया। वहीं गुरुवार को तीन दिवसीय आयोजन के अंतिम दिन गर्भवती महिलाओं के लिए गोदभराई की रस्म निभाई जाएगी। आईसीडीएस की जिला प्रभारी, सीडीपीओ और अन्य अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यक्रमों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। रतनपुर के केंद्र पर गुब्बारे और रंगोली से सजा आंगनबाड़ी केंद्र बरियारपुर प्रखंड की रतनपुर पंचायत के चिरैयाबाद गांव के वार्ड नंबर-2 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 111 पर भी आंगन मिलन समारोह को उत्सव के रूप में मनाया गया। सेविका प्रियदर्शनी कुमारी और सहायिका चंदा देवी ने केंद्र को गुब्बारों से सजाया और रंगोली बनाई। केंद्र पर बच्चों के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। आंगनबाड़ी केंद्र पर इस तरह का आयोजन देखकर ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के अभिभावकों में भी खुशी देखी गई। स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों के साथ-साथ महिलाओं को भी आंगनबाड़ी केंद्र की सेवाओं और पोषण संबंधी योजनाओं से जोड़ने में मदद मिलती है।

