कोटा के सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की क्वालिटी कंट्रोल खंड (विंग) में 15 लाख के गबन के मामले में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। कई ठेकेदारों को मटेरियल टेस्टिंग के लिए काटे गए ऑनलाइन चालान की ओरिजिनल ओरिजिनल चालान की रसीदी नहीं दी गई। बल्कि ATO विजय सक्सेना के सील साइन वाली जॉब मिक्स लेटर ( मटेरियल जांच के लिए XEN द्वारा भेजे लेटर ) की अटेस्टेड फोटो कॉपी दी गईं। इस अटेस्टेड फोटो कॉपी पर फर्जी सरकारी रसीद नंबर (GRN नंबर ) व मैटेरियल टेस्टिंग अमाउंट लिखा हुआ है। भास्कर के पास जॉब मिक्स की प्रतियां (लेटर) है। पेन से अमाउंट व GRN नंबर लिखें जॉब मिक्स (लेटर ) को ATO विनय सक्सेना द्वारा अटेस्टेड किया हुआ है। ऐसे में सवाल उठ रहा है क्या विभाग के रिकॉर्ड में अटेस्टेड कॉपी जमा की गईं? जबकि नियमों के अनुसार जॉब मिक्स लेटर के साथ चालान की ओरिजिनल रसीद विभाग में जमा होती है। एक कॉपी ठेकेदार के पास रहती है। जब विभाग व ठेकदार के पास रसीद की कॉपी रहती है तो जॉब मिक्स लेटर को अटेस्टेड क्यों किया गया?विभागीय जानकारों का कहना है कि किसी भी जॉब मिक्स पर अंकित राशि और GRN नंबर का सत्यापन किए बिना उसे अटेस्ट करना संभव नहीं है। बिना स्वीकृति दो लैब अटेंडेंट से कैसे लिया जा रहा काम? PWD क्वालिटी कंट्रोल विंग में दो लैब अटेंडेंट की नियुक्ति को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार क्वालिटी कंट्रोल लैब PWD जोन कोटा में कार्यरत लैब अटेंडेंट राहुल और कन्हैया लाल प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए लगे हुए थे। जिनकी कार्य अवधि 31 मार्च 2026 तक स्वीकृत थी। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से नई प्रशासनिक स्वीकृति जारी नहीं होने के कारण एजेंसी ने दोनों कर्मियों को हटा दिया था। इसके बावजूद दोनों व्यक्ति आज भी उसी प्रयोगशाला (लैब )में लगातार काम कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बिना वैध स्वीकृति के किसके आदेश पर इन्हे काम पर रखा गया। दोनों के कार्य का भुगतान कौन करेगा? क्या भुगतान विभागीय मद से किया जाएगा या फिर किसी अन्य व्यवस्था से? विभागीय हलकों में अधीक्षण अभियंता, अधिशाषी अभियंता और सहायक परीक्षण अधिकारी (ATO) की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इधर जांच के बाद टीम गुरुवार को जयपुर लौट गईं। इससे पहले टीम ने गुरुवार दिनभर जांच की और ठेकेदारों के बयान दर्ज किए। आज यानी शुक्रवार को जांच कमेटी, चीफ इंजीनियर क्वालिटी कंट्रोल जयपुर को रिपोर्ट देगी। ——————————————————— 15 लाख के गबन से जुड़ी ये खबरें भी पढ़े 15 लाख गबन मामले में जांच तेज:ठेकेदारों और कर्मचारियों से पूछताछ, फर्जी हस्ताक्षरों और चालान घोटाले के नए खुलासे सामने आए PWD में 15 लाख गबन मामला,ATO पर लगे गंभीर आरोप:शिकायतों में फर्जी चालान और ठेकेदारों को धमकाने के आरोप; जांच भी कटघरे में PWD में 15 लाख गबन,जयपुर से आई जांच टीम:लैब सहायक रोने लगे, बोले- ATO सर के कहने पर लिए पैसे अधिकारियों के पास नहीं 15 लाख के गबन का जवाब:भास्कर का सवाल-चालान किसने वेरिफाई किए, SE कुर्सी से उठकर भागने लगे कोटा में PWD में 15 लाख के फर्जी चालान काटे:मटेरियल टेस्टिंग का पैसा लिया, खाते में जमा नहीं करवाया; भास्कर के हाथ लगे 59 फर्जी रसीद नंबर सरकारी अकाउंट से 15 लाख रुपए गायब:कोटा में PWD के क्वालिटी कंट्रोल के 59 चालान फर्जी; अफसर बोले- तकनीकी खामी हो सकती है


