’13 साल पहले यानी साल 2013 में भी बदमाशों ने जानलेवा हमला कर मुझसे 5 लाख रुपए की ज्वेलरी लूटी थी। उस वक्त पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा था, लेकिन बाद में पता नहीं क्याा हुआ, मामला आज तक ठंडे बस्ते में है। मुझे आज तक पुलिस ने कुछ नहीं बताया, न रिकवरी में ज्वेलरी मिली। अब एक बार फिर बदमाशों ने मुझ पर फायरिंग कर 45 लाख रुपए की लूट की वारदात को अंजाम दिया है। एसएसपी ने मुझसे बात की है, लग रहा है कि इस बार पुलिस तेजी से कार्रवाई करेगी।’ गयाजी के गुरुआ में बुधवार की देर शाम बदमाशों की फायरिंग में घायल गोल्ड कारोबारी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही है। दरअसल, 60 साल के गोल्ड कारोबारी प्रभाकर वर्णवाल से हथिायरबंद बदमाशों ने उस समय लूट की थी, जब वे शाम को दुकान बंद कर 100 मीटर दूर अपने घर जा रहे थे। लूट के विरोध पर बदमाशों ने उनके पैर में गोली मारकर घायल कर दिया था और घटनास्थल से फरार हो गए थे। फिलहाल, गोल्ड कारोबारी को मगध मेडिकल अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वे घर चले गए हैं। कारोबारी की हालत सामान्य है। उनके दाहिने पैर के जांघ में गोली लगी थी। गोली जांघ के आरपार हो गई थी। वहीं घटना के विरोध में गुरुआ बाजार गुरुवार को बंद रखा गया। कोई भी दुकान नहीं खुली। दैनिक भास्कर से बातचीत में घटना को लेकर गोल्ड कारोबारी ने क्या बताया? 13 साल पहले लूट की कहानी क्या है? क्या सिर्फ लूट हुई है या फिर वारदात को पुरानी किसी रंजिश में अंजाम दिया गया है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले घटना से जुड़ी 4 तस्वीरें देखिए अब पहले जानिए 13 साल पहले गोल्ड कारोबारी के साथ क्या हुआ था? मगध मेडिकल कॉलेज में एडमिट गोल्ड कारोबारी प्रभाकर ने बताया कि 13 साल पहले यानी 2013 में मैं कार से शेरघाटी जा रहा था। रास्ते मे पचमा गांव के पास सामने से बदमाशों ने कार के आगे वाले दोनों पहिए पर गोली चलाई थी। इससे टायर पंचर हो गया था। इसके बाद बदमाशों ने मुझे घेर लिया था और मुझसे 5 लाख रुपए की लूट की वारदात को अंजाम दिया था। उस मामले में एक अपराधी पकड़े जाने की बात सामने आई थी, लेकिन रिकवरी अब तक नहीं हुई है। मामला अब तक ठंडा पड़ा है। प्रभाकर वर्णवाल ने बताया कि 13 साल बाद अब बुधवार की देर शाम मुझसे करीब 45 लाख रुपए की लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। प्रभाकर ने कहा कि एसएसएपी सुशील कुमार ने बुधवार की शाम घटना स्थल का जायजा लेने के बाद मुझसे मुलाकात की और करीब 20 मिनट तक उनसे बातचीत की। इस दौरान एसएसपी ने अपराधियों के हुलिए की जानकारी ली। बदमाश ऐसा क्यों बोल रहे थे- जमीन की रजिस्ट्री क्यों नहीं कर रहे हो? जब कारोबारी से ये पूछा गया कि जब लूट की वारदात को अपराधी अंजाम दे रहे थे तब वे ऐसा क्यों कह रहे थे कि जमीन रजिस्ट्री क्यों नहीं कर रहे हो? इस पर उन्होंने कहा कि दो साल पहले एक आदमी को मैंने अपने हिस्से की जमीन का एग्रीमेंट किया था। जमीन एग्रीमेंट कराने वाले ने करार के तहत पैसा नहीं दिया है। इस वजह से रजिस्ट्री नहीं कि गई है, लेकिन लूट की वारदात को अंजाम देने आए अपराधी ऐसा क्यों बोल रहे थे, ये मुझे भी समझ में नहीं आया। प्रभाकर ने बताया कि हम लोग 5 भाई हैं। मेरी तीन बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है और तीनों अपने ससुराल में खुश हैं। उन्होंने बताया कि मेरे दुकान और घर की दूरी महज 100 मीटर है। मैं पिछले 34 साल से दुकान चला रहे हैं। ये दुकान मेरे पिता ने स्टेबलिश किया था। उन्होंने बताया कि सभी भाई का अपना अलग-अलग कारोबार है। अब पढ़िए, बुधवार की शाम हुई घटना को लेकर प्रभाकर ने क्या बताया? प्रभाकर वर्णवाल ने बताया कि बुधवार की दोपहर 12 बजे दुकान खोली थी। शाम को करीब साढ़े छह से सात बजे दुकान बढ़ा रहा था। दुकान का एक शटर लॉक किया था। दूसरा लॉक कर ही रहा था कि 5 की संख्या में बाइक से बदमाश आए। सभी के हाथ में हथियार थे। अचानक बदमाशों ने मेरे पास मौजूद चारों बैग पर झपटा मारा तो मैंने इसका विरोध किया और उनसे एक बैग छीन लिया। बैग छीनते ही बदमाश और एग्रेसिव हो गए। उन्होंने गोली चलाना शुरू कर दिया। एक गोली मेरी जांघ में लगी, जिसके बाद मैं घायल होकर दुकान के सामने ही सड़क पर गिर गया। उन्होंने बताया कि फायरिंग और मेरे चिल्लाने के बाद पास के एक दुकानदार ने लाठी लेकर बदमाशों को डराने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों ने उस दुकानदार की ओर ही पिस्टल तान दिया, जिसके बाद दुकानदार सहम गया। इसके बाद बदमाशों ने चारों बैग को मुझसे छीन लिया और हवाई फायरिंग करते हुए गुरारू की ओर भाग गए। उन्होंने बताया कि घर पास में रहने के कारण मैं रोजाना ज्वेलरी लाता और ले जाता था। फायरिंग और लूट के अपराधियों की एक बाइक जब्त बाइक चोरी की गोल्ड कारोबारी से 45 लाख रुपए की हुई लूट के मामले में घटनास्थल से एक बाइक को पुलिस ने जब्त किया है। बताया जा रहा है कि जब्त की गई बाइक अपराधियों की है। पुलिस की जांच में बाइक चोरी की निकली है। इसके अलावा पुलिस को अब तक कोई ठोस सुराग हासिल नहीं हुए हैं। पुलिस की 4 टीम अपराधियों को पकड़ने में जुट गई है। वहीं, गोल्ड कारोबारी से लूट मामले में मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने बताया कि पुलिस घटना की पड़ताल कर रही है और अपराधियों तक पहुंचने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। एसआईटी का गठन किया गया है। आसपास के इलाकों में ऐसी जितनी भी घटनाएं हुई है, उसकी समीक्षा की जा रही है ताकि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से पहले रोका जा सके। गोल्ड कारोबारियों से बातचीत हुई है, सुरक्षा बढ़ाने के लिए जो भी जरूरी कदम होंगे, उसे अपनाया जाएगा। वहीं, 45 लख रुपए की लूट मामले में शेरघाटी डीएसपी 1- संदीप कुमार ने बताया कि इस मामले में कुछ लोगों को डिटेन किया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है लीड तलाश किया जा रहे हैं उनकी कड़ियां जोड़ी जा रही है शीघ्र वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों को पुलिस गिरफ्तार कर लेगी। ‘बदमाश आए तो बिजली कटी, फरार होने के 5 मिनट बाद आई’ जब अपराधी वारदात को अंजाम देना शुरू किया तो अचानक बिजली चली गई। वारदात को अंजाम देकर जब अपराधी भाग निकले तो उनके जाने के करीब 5 मिनट बाद बिजली आई। बिजली के आने और जाने के समय को लेकर भी लोगों के बीच काफी चर्चा है। गुरुआ के लोगों का कहना है कि घटनास्थल पर गुरुआ पुलिस घटना के बीत जाने के 15 से 20 मिनट बाद पहुंची थी जबकि थाने से घटना स्थल की दूरी महज 4 मिनट की है। वहीं दूसरी ओर इस मसले पर बुलियन एसोसिएशन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। प्रभाकर ने बताया कि अबतक उनकी बात एसोसिएशन से नहीं हुई है। एसोसिएशन के लोग जैसा कहेंगे वैसा ही आगे हम करेंगे। ’13 साल पहले यानी साल 2013 में भी बदमाशों ने जानलेवा हमला कर मुझसे 5 लाख रुपए की ज्वेलरी लूटी थी। उस वक्त पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा था, लेकिन बाद में पता नहीं क्याा हुआ, मामला आज तक ठंडे बस्ते में है। मुझे आज तक पुलिस ने कुछ नहीं बताया, न रिकवरी में ज्वेलरी मिली। अब एक बार फिर बदमाशों ने मुझ पर फायरिंग कर 45 लाख रुपए की लूट की वारदात को अंजाम दिया है। एसएसपी ने मुझसे बात की है, लग रहा है कि इस बार पुलिस तेजी से कार्रवाई करेगी।’ गयाजी के गुरुआ में बुधवार की देर शाम बदमाशों की फायरिंग में घायल गोल्ड कारोबारी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही है। दरअसल, 60 साल के गोल्ड कारोबारी प्रभाकर वर्णवाल से हथिायरबंद बदमाशों ने उस समय लूट की थी, जब वे शाम को दुकान बंद कर 100 मीटर दूर अपने घर जा रहे थे। लूट के विरोध पर बदमाशों ने उनके पैर में गोली मारकर घायल कर दिया था और घटनास्थल से फरार हो गए थे। फिलहाल, गोल्ड कारोबारी को मगध मेडिकल अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वे घर चले गए हैं। कारोबारी की हालत सामान्य है। उनके दाहिने पैर के जांघ में गोली लगी थी। गोली जांघ के आरपार हो गई थी। वहीं घटना के विरोध में गुरुआ बाजार गुरुवार को बंद रखा गया। कोई भी दुकान नहीं खुली। दैनिक भास्कर से बातचीत में घटना को लेकर गोल्ड कारोबारी ने क्या बताया? 13 साल पहले लूट की कहानी क्या है? क्या सिर्फ लूट हुई है या फिर वारदात को पुरानी किसी रंजिश में अंजाम दिया गया है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले घटना से जुड़ी 4 तस्वीरें देखिए अब पहले जानिए 13 साल पहले गोल्ड कारोबारी के साथ क्या हुआ था? मगध मेडिकल कॉलेज में एडमिट गोल्ड कारोबारी प्रभाकर ने बताया कि 13 साल पहले यानी 2013 में मैं कार से शेरघाटी जा रहा था। रास्ते मे पचमा गांव के पास सामने से बदमाशों ने कार के आगे वाले दोनों पहिए पर गोली चलाई थी। इससे टायर पंचर हो गया था। इसके बाद बदमाशों ने मुझे घेर लिया था और मुझसे 5 लाख रुपए की लूट की वारदात को अंजाम दिया था। उस मामले में एक अपराधी पकड़े जाने की बात सामने आई थी, लेकिन रिकवरी अब तक नहीं हुई है। मामला अब तक ठंडा पड़ा है। प्रभाकर वर्णवाल ने बताया कि 13 साल बाद अब बुधवार की देर शाम मुझसे करीब 45 लाख रुपए की लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। प्रभाकर ने कहा कि एसएसएपी सुशील कुमार ने बुधवार की शाम घटना स्थल का जायजा लेने के बाद मुझसे मुलाकात की और करीब 20 मिनट तक उनसे बातचीत की। इस दौरान एसएसपी ने अपराधियों के हुलिए की जानकारी ली। बदमाश ऐसा क्यों बोल रहे थे- जमीन की रजिस्ट्री क्यों नहीं कर रहे हो? जब कारोबारी से ये पूछा गया कि जब लूट की वारदात को अपराधी अंजाम दे रहे थे तब वे ऐसा क्यों कह रहे थे कि जमीन रजिस्ट्री क्यों नहीं कर रहे हो? इस पर उन्होंने कहा कि दो साल पहले एक आदमी को मैंने अपने हिस्से की जमीन का एग्रीमेंट किया था। जमीन एग्रीमेंट कराने वाले ने करार के तहत पैसा नहीं दिया है। इस वजह से रजिस्ट्री नहीं कि गई है, लेकिन लूट की वारदात को अंजाम देने आए अपराधी ऐसा क्यों बोल रहे थे, ये मुझे भी समझ में नहीं आया। प्रभाकर ने बताया कि हम लोग 5 भाई हैं। मेरी तीन बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है और तीनों अपने ससुराल में खुश हैं। उन्होंने बताया कि मेरे दुकान और घर की दूरी महज 100 मीटर है। मैं पिछले 34 साल से दुकान चला रहे हैं। ये दुकान मेरे पिता ने स्टेबलिश किया था। उन्होंने बताया कि सभी भाई का अपना अलग-अलग कारोबार है। अब पढ़िए, बुधवार की शाम हुई घटना को लेकर प्रभाकर ने क्या बताया? प्रभाकर वर्णवाल ने बताया कि बुधवार की दोपहर 12 बजे दुकान खोली थी। शाम को करीब साढ़े छह से सात बजे दुकान बढ़ा रहा था। दुकान का एक शटर लॉक किया था। दूसरा लॉक कर ही रहा था कि 5 की संख्या में बाइक से बदमाश आए। सभी के हाथ में हथियार थे। अचानक बदमाशों ने मेरे पास मौजूद चारों बैग पर झपटा मारा तो मैंने इसका विरोध किया और उनसे एक बैग छीन लिया। बैग छीनते ही बदमाश और एग्रेसिव हो गए। उन्होंने गोली चलाना शुरू कर दिया। एक गोली मेरी जांघ में लगी, जिसके बाद मैं घायल होकर दुकान के सामने ही सड़क पर गिर गया। उन्होंने बताया कि फायरिंग और मेरे चिल्लाने के बाद पास के एक दुकानदार ने लाठी लेकर बदमाशों को डराने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों ने उस दुकानदार की ओर ही पिस्टल तान दिया, जिसके बाद दुकानदार सहम गया। इसके बाद बदमाशों ने चारों बैग को मुझसे छीन लिया और हवाई फायरिंग करते हुए गुरारू की ओर भाग गए। उन्होंने बताया कि घर पास में रहने के कारण मैं रोजाना ज्वेलरी लाता और ले जाता था। फायरिंग और लूट के अपराधियों की एक बाइक जब्त बाइक चोरी की गोल्ड कारोबारी से 45 लाख रुपए की हुई लूट के मामले में घटनास्थल से एक बाइक को पुलिस ने जब्त किया है। बताया जा रहा है कि जब्त की गई बाइक अपराधियों की है। पुलिस की जांच में बाइक चोरी की निकली है। इसके अलावा पुलिस को अब तक कोई ठोस सुराग हासिल नहीं हुए हैं। पुलिस की 4 टीम अपराधियों को पकड़ने में जुट गई है। वहीं, गोल्ड कारोबारी से लूट मामले में मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने बताया कि पुलिस घटना की पड़ताल कर रही है और अपराधियों तक पहुंचने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। एसआईटी का गठन किया गया है। आसपास के इलाकों में ऐसी जितनी भी घटनाएं हुई है, उसकी समीक्षा की जा रही है ताकि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से पहले रोका जा सके। गोल्ड कारोबारियों से बातचीत हुई है, सुरक्षा बढ़ाने के लिए जो भी जरूरी कदम होंगे, उसे अपनाया जाएगा। वहीं, 45 लख रुपए की लूट मामले में शेरघाटी डीएसपी 1- संदीप कुमार ने बताया कि इस मामले में कुछ लोगों को डिटेन किया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है लीड तलाश किया जा रहे हैं उनकी कड़ियां जोड़ी जा रही है शीघ्र वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों को पुलिस गिरफ्तार कर लेगी। ‘बदमाश आए तो बिजली कटी, फरार होने के 5 मिनट बाद आई’ जब अपराधी वारदात को अंजाम देना शुरू किया तो अचानक बिजली चली गई। वारदात को अंजाम देकर जब अपराधी भाग निकले तो उनके जाने के करीब 5 मिनट बाद बिजली आई। बिजली के आने और जाने के समय को लेकर भी लोगों के बीच काफी चर्चा है। गुरुआ के लोगों का कहना है कि घटनास्थल पर गुरुआ पुलिस घटना के बीत जाने के 15 से 20 मिनट बाद पहुंची थी जबकि थाने से घटना स्थल की दूरी महज 4 मिनट की है। वहीं दूसरी ओर इस मसले पर बुलियन एसोसिएशन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। प्रभाकर ने बताया कि अबतक उनकी बात एसोसिएशन से नहीं हुई है। एसोसिएशन के लोग जैसा कहेंगे वैसा ही आगे हम करेंगे।


