1000 मीटर से कम विजिबिलिटी में चरमराया हवाई यातायात:रनवे छूने ही वाला था प्लेन, हवा में खींचा; पटना में मौसम बिगड़ा

1000 मीटर से कम विजिबिलिटी में चरमराया हवाई यातायात:रनवे छूने ही वाला था प्लेन, हवा में खींचा; पटना में मौसम बिगड़ा

शनिवार को अचानक बदले मौसम, तेज हवाओं और कम विजिबिलिटी के कारण पटना एयरपोर्ट पर हवाई सेवाएं चरमरा गईं। दिल्ली-पटना रूट की 2 उड़ानें (एक जोड़ी) रद्द करनी पड़ीं, जबकि 4 फ्लाइट्स को बिना लैंडिंग डायवर्ट किया गया। दिनभर में 21 उड़ानें लेट हुईं। इससे 500 से अधिक यात्री एयरपोर्ट पर घंटों परेशान रहे। कई यात्रियों की फ्लाइट छूट गईं। सबसे खराब अनुभव एयर इंडिया की दिल्ली-पटना फ्लाइट के यात्रियों का रहा। विमान रनवे छूने ही वाला था कि तेज हवा और कम दृश्यता के कारण पायलट ने गो-अराउंड करते हुए प्लेन को हवा में ऊपर उठा लिया। इसे वाराणसी भेजा गया, जहां यात्री करीब डेढ़ घंटे प्लेन के भीतर ही बैठे रहे। एयर इंडिया की मुंबई-पटना फ्लाइट भी वाराणसी डायवर्ट हुई, जिसमें मशहूर कवि शैलेश लोढ़ा सवार थे। कौन-कौन सी फ्लाइट्स फंसीं? रद्द उड़ानें: इंडिगो की 6E 2486 (दिल्ली-पटना) और 6E 6046 (पटना-दिल्ली)।
वाराणसी डायवर्ट: एयर इंडिया की मुंबई-पटना और दिल्ली-पटना (गो-अराउंड) फ्लाइट्स।
कोलकाता वापस लौटीं: इंडिगो की 6E 713 और 6E 2373 (कोलकाता-पटना) लैंड न कर सकीं और वापस मोड़ी गईं। क्यों भटकते हैं जहाज?
1. छोटा रनवे: पटना एयरपोर्ट का रनवे लगभग 6800 फीट का है।
2. कैट-I आईएलएस की सीमा: यहां कैट-I स्तर का सिस्टम है। जिसमें सुरक्षित लैंडिंग को 1000 मीटर विजिबिलिटी जरूरी है।
3. गो-अराउंड और डायवर्जन: विजिबिलिटी गिरने या तेज क्रॉसविंड पर प्लेन को वाराणसी या कोलकाता भेजा जाता है। शनिवार को अचानक बदले मौसम, तेज हवाओं और कम विजिबिलिटी के कारण पटना एयरपोर्ट पर हवाई सेवाएं चरमरा गईं। दिल्ली-पटना रूट की 2 उड़ानें (एक जोड़ी) रद्द करनी पड़ीं, जबकि 4 फ्लाइट्स को बिना लैंडिंग डायवर्ट किया गया। दिनभर में 21 उड़ानें लेट हुईं। इससे 500 से अधिक यात्री एयरपोर्ट पर घंटों परेशान रहे। कई यात्रियों की फ्लाइट छूट गईं। सबसे खराब अनुभव एयर इंडिया की दिल्ली-पटना फ्लाइट के यात्रियों का रहा। विमान रनवे छूने ही वाला था कि तेज हवा और कम दृश्यता के कारण पायलट ने गो-अराउंड करते हुए प्लेन को हवा में ऊपर उठा लिया। इसे वाराणसी भेजा गया, जहां यात्री करीब डेढ़ घंटे प्लेन के भीतर ही बैठे रहे। एयर इंडिया की मुंबई-पटना फ्लाइट भी वाराणसी डायवर्ट हुई, जिसमें मशहूर कवि शैलेश लोढ़ा सवार थे। कौन-कौन सी फ्लाइट्स फंसीं? रद्द उड़ानें: इंडिगो की 6E 2486 (दिल्ली-पटना) और 6E 6046 (पटना-दिल्ली)।
वाराणसी डायवर्ट: एयर इंडिया की मुंबई-पटना और दिल्ली-पटना (गो-अराउंड) फ्लाइट्स।
कोलकाता वापस लौटीं: इंडिगो की 6E 713 और 6E 2373 (कोलकाता-पटना) लैंड न कर सकीं और वापस मोड़ी गईं। क्यों भटकते हैं जहाज?
1. छोटा रनवे: पटना एयरपोर्ट का रनवे लगभग 6800 फीट का है।
2. कैट-I आईएलएस की सीमा: यहां कैट-I स्तर का सिस्टम है। जिसमें सुरक्षित लैंडिंग को 1000 मीटर विजिबिलिटी जरूरी है।
3. गो-अराउंड और डायवर्जन: विजिबिलिटी गिरने या तेज क्रॉसविंड पर प्लेन को वाराणसी या कोलकाता भेजा जाता है।  

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