बक्सर में गंगा का जलस्तर घटने के बाद रामरेखा घाट दलदल और मुसीबत बन गया है। बाढ़ का पानी तो उतर गया, लेकिन घाटों पर सिल्ट (मिट्टी) की कई फीट मोटी परत जम गई है। धूप खिलने के साथ ही इस सिल्ट में गहरी और चौड़ी दरारें उभर आई हैं, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही हैं। अब यह प्रमुख घाट श्रद्धालुओं के स्नान और आवाजाही के लायक बिल्कुल नहीं बचा है।नगर परिषद प्रशासन की सुस्ती बरकरार है। सिल्ट हटाने और घाट की सफाई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। बक्सर में गंगा का जलस्तर घटने के बाद रामरेखा घाट दलदल और मुसीबत बन गया है। बाढ़ का पानी तो उतर गया, लेकिन घाटों पर सिल्ट (मिट्टी) की कई फीट मोटी परत जम गई है। धूप खिलने के साथ ही इस सिल्ट में गहरी और चौड़ी दरारें उभर आई हैं, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही हैं। अब यह प्रमुख घाट श्रद्धालुओं के स्नान और आवाजाही के लायक बिल्कुल नहीं बचा है।नगर परिषद प्रशासन की सुस्ती बरकरार है। सिल्ट हटाने और घाट की सफाई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

