बुलडोजर कार्रवाई रोकने की मांग पर अधिकारियों से मिले ग्रामीण:डीएम ने कहा आंदोलन छोड़ कानूनी प्रक्रिया का पालन कर मकानों को बचाने का करें प्रयास

बुलडोजर कार्रवाई रोकने की मांग पर अधिकारियों से मिले ग्रामीण:डीएम ने कहा आंदोलन छोड़ कानूनी प्रक्रिया का पालन कर मकानों को बचाने का करें प्रयास

मेरठ के उल्देपुर गांव में बसी कॉलोनियों में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर विरोध बढ़ रहा है। संयुक्त मेरठ बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर समेत उल्देपुर के ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिला जहां उन्होंने कॉलोनियों में बने मकानों पर कार्रवाई रोकने की मांग की। करीब 30 मिनट तक डीएम से बातचीत हुई। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से प्लॉट खरीदे और मकान बनाए हैं। अब इन मकानों पर कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीण सुरेश पाल ने बताया कि उन्होंने एक कॉलोनी में प्लॉट खरीदकर मकान बनाया था। प्राधिकरण की टीम ने मकान पर बुलडोजर चलाया। उस समय उनकी बीमार पत्नी घर में मौजूद थीं। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसी कई अन्य कॉलोनियों में भी कार्रवाई की तैयारी है। डीएम बोले- सुप्रीम कोर्ट का आदेश सर्वोपरि ग्रामीणों ने डीएम से कहा कि वे अपने घरों पर बुलडोजर नहीं चलने देंगे। इसके लिए बड़ा आंदोलन करना पड़ा तो वह भी करेंगे। इस पर डीएम ने कहा कि आंदोलन से समाधान नहीं निकलेगा। मामले का समाधान कानूनी प्रक्रिया से ही होगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश सर्वोपरि है। जिसे आदेश पर आपत्ति है, वह न्यायालय की शरण ले सकता है। दो महीने तक कार्रवाई नहीं होने का दावा बैठक के बाद रविंद्र गुर्जर ने दावा किया कि डीएम ने दो महीने तक बुलडोजर कार्रवाई नहीं होने का आश्वासन दिया है। इसके बाद ग्रामीण वहां से लौट गए। हालांकि प्रशासन की ओर से इस आश्वासन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। समिति ने कहा कि यदि मेडा की टीम उल्देपुर में कार्रवाई के लिए पहुंचती है तो उसका विरोध किया जाएगा। पहले कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके बाद जरूरत पड़ी तो आंदोलन किया जाएगा। समिति अध्यक्ष ने कहा कि मेरठ में किसी का मकान नहीं टूटने दिया जाएगा। बैठक में पूर्व जिला पंचायत सदस्य बाबूराम जाटव, शीतल चौहान, उपेंद्र प्रधान, ओतणार सिंह और अशोक जागर सहित अन्य लोग मौजूद रहे। इस दौरान डीएम के साथ एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना और एडीएम सिटी बृजेश सिंह भी मौजूद रहे।

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