100% टैरिफ की तैयारी और फिर छूट! अमरीका के फैसले पर प्रियंका चतुर्वेदी ने उठाए सवाल

100% टैरिफ की तैयारी और फिर छूट! अमरीका के फैसले पर प्रियंका चतुर्वेदी ने उठाए सवाल

India US Trade Deal: रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगने का खतरा फिलहाल टल गया है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए आदेश के बाद शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अमरीका की नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत और चीन जैसे देशों पर रूस से तेल खरीदने के लिए इतना भारी शुल्क लगाने का फैसला गलत था। उनके मुताबिक, अमरीका का यह रुख दोहरे मापदंड दिखाता है।

पहले 100 फीसदी टैरिफ की तैयारी, फिर छूट

अमरीका ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर दबाव बनाने के लिए एक नए कानून में 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का प्रावधान किया था। इससे भारत के सामान पर भी भारी शुल्क लगने की आशंका थी। भारत के लिए यह चिंता की बात थी, क्योंकि अमरीका भारतीय सामान का बड़ा बाजार है। टैरिफ बढ़ने पर वहां भारतीय उत्पाद महंगे हो सकते थे और निर्यात करने वाली कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ सकता था।

16 अक्टूबर को ट्रंप ने इस कानून के तहत टैरिफ और कुछ प्रतिबंधों पर छूट देने का आदेश जारी किया। इससे भारत पर तत्काल 100 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगने का खतरा टल गया। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि भविष्य में अमरीका फिर से ऐसे शुल्क नहीं लगा सकता।

प्रियंका चतुर्वेदी ने अमरीका को घेरा

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भारत और चीन जैसे देशों पर रूस से तेल खरीदने के कारण 100 फीसदी टैरिफ लगाने की नीति शुरू से ही गलत थी। उन्होंने इसे अमरीका का दोहरा रवैया बताया।

भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा दूसरे देशों से खरीदकर पूरा करता है। ऐसे में रूस से तेल खरीदने पर भारी शुल्क लगाने की कोशिश का असर केवल तेल कारोबार तक सीमित नहीं रहता। इससे भारत के दूसरे कारोबार और अमरीका को होने वाले निर्यात पर भी असर पड़ सकता है।

भारत-अमरीका ट्रेड डील पर भी नजर

प्रियंका चतुर्वेदी ने भारत और अमरीका के बीच व्यापार समझौते यानी ट्रेड डील को लेकर उम्मीद जताई है। दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन अभी किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है।

अमरीका के ताजा कदम से भारत को फिलहाल राहत मिली है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता कब तक आगे बढ़ता है और आने वाले समय में अमरीकी टैरिफ नीति क्या रहती है।

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