राजधानी रांची के 21 परीक्षा केंद्रों पर रविवार को नीट-यूजी परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकल रहे अधिकांश छात्रों ने बताया कि पिछली बार की तुलना में इस बार प्रश्न सुलझे हुए थे। इससे पहले सुबह 10 बजे से पहले ही छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। इस बार रांची में करीब 10 हजार परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। केंद्र में प्रवेश से पहले छात्रों की सघन जांच की गई। जूते तक उतरवाकर जांच की गई। केवल एडमिट कार्ड, पहचान पत्र और पारदर्शी पानी की बोतल ही अंदर ले जाने की अनुमति दी गई। परीक्षा के बाद प्रश्न पत्र को लेकर छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई। अधिकांश छात्रों ने फिजिक्स को कठिन, केमिस्ट्री को औसत और बायोलॉजी को अपेक्षाकृत आसान बताया। छात्रों के अनुसार, फिजिक्स में कॉन्सेप्ट आधारित और समय लेने वाले प्रश्न अधिक थे, जबकि केमिस्ट्री में स्टेटमेंट बेस्ड और लॉजिकल प्रश्नों की संख्या ज्यादा रही। वहीं बायोलॉजी में अधिकतर प्रश्न एनसीईआरटी आधारित थे, जिससे यह सेक्शन अपेक्षाकृत आसान लगा। कुल मिलाकर पेपर को मध्यम से कठिन स्तर का माना जा रहा है। लंबे प्रश्नों ने छात्रों के सामने समय प्रबंधन की चुनौती भी दी। पंकज सिंह, डायरेक्टर, बायोम इंस्टीट्यूट केंद्रों के बाहर परीक्षा खत्म होने तक अभिभावकों की भीड़ रही। कई अभिभावकों ने कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर बच्चों में काफी दबाव रहता है, लेकिन बेहतर व्यवस्था वे काफी संतुष्ट हैं। परीक्षा केंद्रों पर पुख्ता व्यवस्था की गई थी। ^पेपर ओवरऑल मॉडरेट था, लेकिन फिजिक्स काफी कठिन लगा। बायोलॉजी में समय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण रहा। – आलिया परवीन ^फिजिक्स आसान लगा, लेकिन प्रश्न लंबे थे। केमिस्ट्री में स्टेटमेंट आधारित प्रश्नों के कारण समय अधिक लगा। – सृष्टि ^बायोलॉजी अपेक्षाकृत काफी आसान था। लेकिन, लेकिन फिजिक्स में कुछ प्रश्न छूट गए। – रुकसार परवीन स्टेटमेंट और मैचिंग प्रश्नों ने छात्र-छात्राओं को उलझाया इस बार प्रश्नपत्र में स्टेटमेंट बेस्ड और ‘मैच द फॉलोइंग’ प्रकार के सवालों की संख्या अधिक रही। बायोलॉजी में मल्टी-स्टेटमेंट प्रश्न और फिजिक्स में ग्राफिकल सवालों ने छात्रों को उलझाया। वहीं डीएनए, फिंगर प्रिंटिंग और श्वसन प्रक्रिया के क्रम से जुड़े सवालों ने सटीक समझ की परीक्षा ली।


