Singur Election Results 2026: टाटा आंदोलन वाली सिंगूर सीट पर TMC-BJP में महासंग्राम, आज परीक्षा की घड़ी

Singur Election Results 2026: टाटा आंदोलन वाली सिंगूर सीट पर TMC-BJP में महासंग्राम, आज परीक्षा की घड़ी

Singur Election Results 2026: टीएमसी उम्मीदवार बेचाराम मान्ना और भाजपा के अरूप दास के बीच सिंगूर में तगड़ी टक्कर है। यहां जानें नतीजों का हाल। 

पश्चिम बंगाल में सिंगूर का नाम सुनते ही आंखों के सामने वो तस्वीरें घूम जाती हैं जब किसान लाठियां लेकर सड़कों पर उतरे थे।

2006-08 का वो आंदोलन आज भी बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जाता है। लेकिन 2026 के चुनाव में सिंगूर की कहानी थोड़ी अलग है। यहां पुरानी यादें नई उम्मीदों से टकरा रही हैं।

सिंगूर क्यों है हमेशा सुर्खियों में?

यह हुगली जिले की वो सीट है जहां टाटा नैनो प्लांट के लिए जमीन अधिग्रहण हुआ था। किसानों ने जमकर विरोध किया। इसके चलते वाम मोर्चे की लंबी सरकार बंगाल से चली गई और ममता बनर्जी सत्ता में आईं।

आज भी कई परिवार कहते हैं कि मुआवजा तो मिल गया लेकिन नौकरियां कहां हैं? बच्चे आज भी कोलकाता और हावड़ा में मजदूरी करके गुजर बसर कर रहे हैं।

टीएमसी की उम्मीद और पुरानी जीत

टीएमसी ने इस बार फिर बेचाराम मान्ना पर भरोसा जताया है। 2021 में उन्होंने अच्छे मार्जिन से जीत हासिल की थी। पार्टी वाले दावा करते हैं कि पिछले पांच साल में यहां सड़कें बनीं, स्कूल-कॉलेज बेहतर हुए और महिलाओं को लखपति दीदी जैसी योजनाओं से फायदा मिला। ममता बनर्जी कई बार यहां आईं और बोलीं कि सिंगूर अब विकास का उदाहरण बनेगा।

भाजपा की रणनीति और हिंदू वोटों का जोर

दूसरी तरफ भाजपा ने अरूप कुमार दास को मैदान में उतारा है। दास स्थानीय हैं और पिछले चुनाव में भी मजबूत लड़ाई लड़े थे। भाजपा का आरोप है कि टीएमसी के राज में भ्रष्टाचार बढ़ा है और विकास सिर्फ कागजों में है। पार्टी यहां हिंदू वोटों को एकजुट करने की कोशिश कर रही थी।

कांग्रेस और सीपीआई से कौन मैदान में?

वहीं, कांग्रेस के बरुन कुमार मलिक और सीपीआई(एम) के देबाशीष चटर्जी भी इस सीट से लड़ रहे हैं। सिंगूर सिर्फ एक सीट नहीं, पूरे हुगली-हावड़ा इलाके के लिए सिग्नल है। माना जा रहा है कि सिंगूर का फैसला बंगाल की सियासत को नई दिशा दे सकता है।

  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *