बख्तियारपुर-बिहारशरीफ फोरलेन पर धोवापुल के पास रविवार सुबह सड़क हादसे में एक युवक की मौके मौत हो गई। मृतक नालंदा जिले के हरनौत थाना क्षेत्र अंतर्गत फलहनवा गांव का रहने वाला दुखन सिंह का बेटा शैलेंद्र कुमार (34) है। घटना से आक्रोशित परिजन और स्थानीय ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर फोरलेन को करीब 4 घंटे तक जाम रखा, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मृतक के पिता ने बताया कि शैलेंद्र कुमार रोज की तरह साइकिल से मजदूरी करने के लिए बख्तियारपुर जा रहे थे। इसी दौरान सुबह करीब 4:00 से 4:30 बजे के बीच धोवापुल के समीप एक अज्ञात अनियंत्रित वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। अंधेरे और सुबह का वक्त होने के कारण ड्राइवर फरार हो गया।
मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन रोते-बिलखते परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और शव को सड़क पर रखकर बख्तियारपुर-बिहारशरीफ फोरलेन को पूरी तरह जाम कर दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि पीड़ित परिवार बेहद गरीब है, इसलिए उन्हें तुरंत उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए। जाम की सूचना मिलते ही बख्तियारपुर थानाध्यक्ष देवानंद शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों को ढाढस बंधाया और काफी समझाने-बुझाने का प्रयास किया। थानाध्यक्ष ने कहा कि यह एक बेहद दुखद घटना है। सरकार के नियमानुसार सड़क दुर्घटना में मिलने वाले मुआवजे का प्रावधान है। बख्तियारपुर-बिहारशरीफ फोरलेन पर धोवापुल के पास रविवार सुबह सड़क हादसे में एक युवक की मौके मौत हो गई। मृतक नालंदा जिले के हरनौत थाना क्षेत्र अंतर्गत फलहनवा गांव का रहने वाला दुखन सिंह का बेटा शैलेंद्र कुमार (34) है। घटना से आक्रोशित परिजन और स्थानीय ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर फोरलेन को करीब 4 घंटे तक जाम रखा, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मृतक के पिता ने बताया कि शैलेंद्र कुमार रोज की तरह साइकिल से मजदूरी करने के लिए बख्तियारपुर जा रहे थे। इसी दौरान सुबह करीब 4:00 से 4:30 बजे के बीच धोवापुल के समीप एक अज्ञात अनियंत्रित वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। अंधेरे और सुबह का वक्त होने के कारण ड्राइवर फरार हो गया।
मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन रोते-बिलखते परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और शव को सड़क पर रखकर बख्तियारपुर-बिहारशरीफ फोरलेन को पूरी तरह जाम कर दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि पीड़ित परिवार बेहद गरीब है, इसलिए उन्हें तुरंत उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए। जाम की सूचना मिलते ही बख्तियारपुर थानाध्यक्ष देवानंद शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों को ढाढस बंधाया और काफी समझाने-बुझाने का प्रयास किया। थानाध्यक्ष ने कहा कि यह एक बेहद दुखद घटना है। सरकार के नियमानुसार सड़क दुर्घटना में मिलने वाले मुआवजे का प्रावधान है।


