हौद में डूबने से 2 साल की बच्ची की मौत:अंबाला के सोंढा गांव का मामला,पानी भरने के लिए खोला था टैंक, खेलते समय गिरी

हौद में डूबने से 2 साल की बच्ची की मौत:अंबाला के सोंढा गांव का मामला,पानी भरने के लिए खोला था टैंक, खेलते समय गिरी

अंबाला सिटी के गांव सोंढा में पानी के टैंक में डूबने से 2 साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की पहचान चंदा कुमारी के रूप में हुई है। वह अपने परिवार के साथ गांव में किराये के मकान में रहती थी। परिवार मूल रूप से बिहार के बेगूसराय का रहने वाला है। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। जानकारी के अनुसार, चंदा के पिता छोटूराम दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। घटना के समय बच्ची घर के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान खेलते-खेलते वह घर के बाहर बने पानी के हौद के पास पहुंच गई और उसमें गिर गई। बताया जा रहा है कि हौद का इस्तेमाल किरायेदार पानी भरने के लिए करते हैं। पानी भरने के दौरान इसे खोला जाता है और बाद में बंद कर दिया जाता है। बच्ची नहीं मिली तो मां ने आसपास तलाशा बच्ची की मां के अनुसार, चंदा घर के आंगन में खेल रही थी। कुछ देर बाद जब वह दिखाई नहीं दी तो मां ने उसकी तलाश शुरू कर दी। काफी देर तक बच्ची का पता नहीं चला। इसके बाद मां को शक हुआ और आसपास के लोगों को बुलाया। इसी दौरान हौद में बच्ची दिखाई दी। स्थानीय लोगों की मदद से बच्ची को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। एक राहगीर युवक को बुलाकर हौद से बच्ची को बाहर निकाला गया। इसके बाद पड़ोस में रहने वाली एक महिला बच्ची को पहले नजदीकी डॉक्टर के पास लेकर गई। वहां से उसे सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पड़ोसियों ने बताया- मां ने शोर मचाकर मदद मांगी स्थानीय महिला ने बताया कि बच्ची की मां ने आकर कहा था कि उसकी बेटी नहीं मिल रही है। कुछ देर बाद रोने की आवाज सुनकर वे मौके पर पहुंचे। मां ने बताया कि बच्ची पानी के अंदर है। पहले हौद में बच्ची दिखाई नहीं दी, लेकिन बाद में देखने पर वह पानी में मिली। इसके बाद राहगीर युवक की मदद से बच्ची को बाहर निकाला गया। पड़ोसियों के अनुसार, परिवार को गांव में किराये पर रहते हुए अभी करीब एक महीना ही हुआ था। बच्ची के पिता मजदूरी करते हैं, जबकि मां घर पर रहती हैं। परिवार में एक बेटा और एक बेटी है। पानी भरने के लिए खोला जाता था हौद स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह हौद आमतौर पर बंद रहता है, लेकिन पानी भरने के लिए इसे खोला जाता है। जरूरत के अनुसार लोग इसमें से पानी निकालते हैं और फिर ढक्कन बंद कर देते हैं। हादसे के समय हौद खुला था। हालांकि, बच्ची कितनी देर तक पानी में रही और हौद की वास्तविक गहराई कितनी थी, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

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