होर्मुज पर किसका दावा सही? ट्रंप बोले- ‘स्ट्रेट खुला है’, ईरान ने शर्तों के साथ बंद रखने की कही बात

होर्मुज पर किसका दावा सही? ट्रंप बोले- ‘स्ट्रेट खुला है’, ईरान ने शर्तों के साथ बंद रखने की कही बात

US Iran Tensions: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरान के रुख का खंडन किया। उन्होंने कहा कि नौसैनिक नाकेबंदी (naval blockade) “पूरी तरह से लागू” है, जबकि रणनीतिक जलमार्ग “खुला और चालू” है। ठीक इसके उलट, तेहरान का कहना है कि जब तक 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत उसकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक यह बंद रहेगा।

ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि तेहरान के साथ अभी कोई बातचीत या चर्चा नहीं हो रही है, जिससे संकेत मिलता है कि वॉशिंगटन और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रक्रिया रुकी हुई है। पोस्ट में लिखा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ कोई बातचीत या चर्चा नहीं हो रही है और न ही कोई तय है। नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह से लागू है। होर्मुज जलडमरूमध्य खुला और चालू है। सभी पानी के नीचे बिछाई गई बारूदी सुरंगों (water mines) को हटा दिया गया है या नष्ट कर दिया गया है।”

समझौते के उल्लंघन का जवाब देने की अपील

ट्रंप की यह टिप्पणी ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर घालीबाफ के उस बयान के ठीक बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को तब तक नहीं खोलेगा, जब तक अमेरिका समझौता ज्ञापन के तहत किए गए वादों को पूरा नहीं करता। इन वादों में नाकेबंदी हटाना, ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को जारी करना और तेल पर लगे प्रतिबंधों को हटाना शामिल है।

ईरान की 12वीं संसद के 180वें खुले सत्र को संबोधित करते हुए घालीबाफ ने कहा कि अब समय आ गया है कि ईरान की सैन्य और कूटनीतिक प्रक्रियाएं मिलकर काम करें और अमेरिका द्वारा किए गए “समझौते के उल्लंघन” का जवाब दें।

ईरान सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार

ईरानी संसद के स्पीकर घालीबाफ ने यह भी चेतावनी दी थी कि ईरान संघर्ष-विराम समझौते के अमेरिकी उल्लंघन के जवाब में नई सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि किसी भी उल्लंघन का जवाब देने के लिए सैन्य और कूटनीतिक प्रक्रियाएं मिलकर काम करेंगी।

इन विरोधाभासी बयानों से दोनों देशों, खासकर पश्चिम एशिया क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति को लेकर बनी अनिश्चितता बरकरार है। घालीबाफ ने यह भी कहा कि ईरान किसी भी और कार्रवाई या आक्रामकता के जवाब में अमेरिका को और भी बुरी हार देने के लिए तैयार है, जिससे मौजूदा हालात की नाजुक स्थिति का पता चलता है।

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