होमगार्ड बहाली प्रक्रिया पूरी, पर ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला:अभ्यर्थियों ने डीएम ऑफिस के बाहर किया प्रोटेस्ट, कहा- दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे

होमगार्ड बहाली प्रक्रिया पूरी, पर ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला:अभ्यर्थियों ने डीएम ऑफिस के बाहर किया प्रोटेस्ट, कहा- दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे

बिहार गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) में बहाली की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। बेगूसराय में नाराज चयनित अभ्यर्थियों ने DM ऑफिस के पास प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की। ​अभ्यर्थियों का कहना है कि री-फिजिकल (पुनः शारीरिक दक्षता परीक्षा), मूल कागजातों की जांच और संबंधित थानों की ओर से पुलिस चरित्र सत्यापन प्रतिवेदन अनुकूल प्राप्त होने के बाद भी उनकी जॉइनिंग लटकाकर रखी गई है। बहाली से जुड़ी सभी प्रशासनिक और विभागीय प्रक्रियाएं शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुकी हैं। इसके बावजूद जिला समादेष्टा कार्यालय की ओर से बुनियादी प्रशिक्षण के लिए तिथि और योगदान सूची जारी नहीं की जा रही है, जिससे अभ्यर्थी गहरी मानसिक और आर्थिक अनिश्चितता झेलने को मजबूर हैं। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि पहले जब भी वे अधिकारियों के पास पहुंचे, उन्हें केवल प्रक्रिया पूर्ण होने का आश्वासन दिया गया। ​हम लोग पिछले कई महीनों से दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। पूर्व डीएम कहते थे कि आपकी सारी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। लेकिन जब हम अपनी गुहार लेकर पटना के गर्दनीबाग जाते हैं, तो वहां कहा जाता है कि बेगूसराय डीएम कार्यालय से सही तरीके से पूरा प्रूफ और कागजात ही नहीं भेजा गया है। ‘DM से हमें पूरी उम्मीद है कि वे हमारे साथ न्याय करेंगे’ ​गुलशन कुमार ने समादेष्टा (Commandant) कार्यालय की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अभ्यर्थी समाधान के लिए समादेष्टा से मिलने कार्यालय पहुंचते हैं, तो वे मिलने से परहेज करते हैं। जैसे ही उन्हें पता चलता है कि अभ्यर्थी आ रहे हैं, वे किसी न किसी बहाने से अनुपस्थित हो जाते हैं। गुलशन कुमार ने कहा कि हमें कानून पर पूरा भरोसा है। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। नए DM से हमें पूरी उम्मीद है कि वे हमारे साथ न्याय करेंगे।
ऑफिस के चक्कर काट रहे अभ्यर्थी अंजलि कुमारी ने बताया कि शारीरिक दक्षता परीक्षा और री-फिजिकल पास करने के बाद सभी सफल अभ्यर्थियों का नाम मेधा सूची में शामिल किया गया था। इसके बाद थाना स्तर से चरित्र सत्यापन रिपोर्ट भी अनुकूल पाई गई और जिला समादेष्टा कार्यालय को समय पर भेज दी गई। शारीरिक परीक्षा, री-फिजिकल और पुलिस वेरिफिकेशन सब कुछ होने के बाद भी हमें जॉइनिंग नहीं दी जा रही है। कभी इस दफ्तर तो कभी उस दफ्तर दौड़ाया जा रहा है। हम रोज-रोज चक्कर काटकर थक चुके हैं। चयनित सूची अविलंब जारी किया जाए आज हम सब नए डीएम को आवेदन पत्र सौंपने आए हैं, जिससे हमारी सुध ली जा सके। सभी री-फिजिकल सफल अभ्यर्थियों की फाइल और संबंधित थानों से प्राप्त पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट की जिला स्तर पर त्वरित समीक्षा की जाए। जिला समादेष्टा को बुनियादी प्रशिक्षण के लिए योगदान की तिथि और अंतिम चयनित सूची अविलंब जारी करने का निर्देश दिया जाए। ​अभ्यर्थियों का कहना है कि 2025 के विज्ञापन की बहाली प्रक्रिया को पूरा होने में लंबा समय लग गया। अब अंतिम रूप से चयनित होने के बाद भी योगदान पत्र नहीं मिलने के कारण वे कोई दूसरा रोजगार नहीं कर पा रहे हैं। कई युवाओं की उम्र सीमा समाप्त होने की कगार पर है। उनके परिवारों पर आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। यदि जिला प्रशासन जल्द प्रशिक्षण तिथि घोषित नहीं करता है, तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। बिहार गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) में बहाली की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। बेगूसराय में नाराज चयनित अभ्यर्थियों ने DM ऑफिस के पास प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की। ​अभ्यर्थियों का कहना है कि री-फिजिकल (पुनः शारीरिक दक्षता परीक्षा), मूल कागजातों की जांच और संबंधित थानों की ओर से पुलिस चरित्र सत्यापन प्रतिवेदन अनुकूल प्राप्त होने के बाद भी उनकी जॉइनिंग लटकाकर रखी गई है। बहाली से जुड़ी सभी प्रशासनिक और विभागीय प्रक्रियाएं शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुकी हैं। इसके बावजूद जिला समादेष्टा कार्यालय की ओर से बुनियादी प्रशिक्षण के लिए तिथि और योगदान सूची जारी नहीं की जा रही है, जिससे अभ्यर्थी गहरी मानसिक और आर्थिक अनिश्चितता झेलने को मजबूर हैं। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि पहले जब भी वे अधिकारियों के पास पहुंचे, उन्हें केवल प्रक्रिया पूर्ण होने का आश्वासन दिया गया। ​हम लोग पिछले कई महीनों से दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। पूर्व डीएम कहते थे कि आपकी सारी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। लेकिन जब हम अपनी गुहार लेकर पटना के गर्दनीबाग जाते हैं, तो वहां कहा जाता है कि बेगूसराय डीएम कार्यालय से सही तरीके से पूरा प्रूफ और कागजात ही नहीं भेजा गया है। ‘DM से हमें पूरी उम्मीद है कि वे हमारे साथ न्याय करेंगे’ ​गुलशन कुमार ने समादेष्टा (Commandant) कार्यालय की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अभ्यर्थी समाधान के लिए समादेष्टा से मिलने कार्यालय पहुंचते हैं, तो वे मिलने से परहेज करते हैं। जैसे ही उन्हें पता चलता है कि अभ्यर्थी आ रहे हैं, वे किसी न किसी बहाने से अनुपस्थित हो जाते हैं। गुलशन कुमार ने कहा कि हमें कानून पर पूरा भरोसा है। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। नए DM से हमें पूरी उम्मीद है कि वे हमारे साथ न्याय करेंगे।
ऑफिस के चक्कर काट रहे अभ्यर्थी अंजलि कुमारी ने बताया कि शारीरिक दक्षता परीक्षा और री-फिजिकल पास करने के बाद सभी सफल अभ्यर्थियों का नाम मेधा सूची में शामिल किया गया था। इसके बाद थाना स्तर से चरित्र सत्यापन रिपोर्ट भी अनुकूल पाई गई और जिला समादेष्टा कार्यालय को समय पर भेज दी गई। शारीरिक परीक्षा, री-फिजिकल और पुलिस वेरिफिकेशन सब कुछ होने के बाद भी हमें जॉइनिंग नहीं दी जा रही है। कभी इस दफ्तर तो कभी उस दफ्तर दौड़ाया जा रहा है। हम रोज-रोज चक्कर काटकर थक चुके हैं। चयनित सूची अविलंब जारी किया जाए आज हम सब नए डीएम को आवेदन पत्र सौंपने आए हैं, जिससे हमारी सुध ली जा सके। सभी री-फिजिकल सफल अभ्यर्थियों की फाइल और संबंधित थानों से प्राप्त पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट की जिला स्तर पर त्वरित समीक्षा की जाए। जिला समादेष्टा को बुनियादी प्रशिक्षण के लिए योगदान की तिथि और अंतिम चयनित सूची अविलंब जारी करने का निर्देश दिया जाए। ​अभ्यर्थियों का कहना है कि 2025 के विज्ञापन की बहाली प्रक्रिया को पूरा होने में लंबा समय लग गया। अब अंतिम रूप से चयनित होने के बाद भी योगदान पत्र नहीं मिलने के कारण वे कोई दूसरा रोजगार नहीं कर पा रहे हैं। कई युवाओं की उम्र सीमा समाप्त होने की कगार पर है। उनके परिवारों पर आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। यदि जिला प्रशासन जल्द प्रशिक्षण तिथि घोषित नहीं करता है, तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।  

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