हूती विद्रोहियों ने फिर किया सऊदी अरब पर हमला, एयरबेस पर दागीं मिसाइलें और ड्रोन्स

हूती विद्रोहियों ने फिर किया सऊदी अरब पर हमला, एयरबेस पर दागीं मिसाइलें और ड्रोन्स

यमन (Yemen) के हूती विद्रोहियों (Houthis) और सऊदी अरब (Saudi Arabia) के बीच हालात बिगड़ते ही जा रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच स्थिति काफी गंभीर हो चुकी है। हमलों की वजह से तनाव काफी बढ़ गया है। हूती समय-समय पर सऊदी अरब को निशाना बना रहे हैं और अब एक बार फिर हूतियों ने सऊदी अरब पर हमला किया है।

किंग खालिद एयरबेस पर दागीं मिसाइलें और ड्रोन्स

हूतियों ने आज सऊदी अरब के किंग खालिद एयरबेस (King Khalid Airbase) पर हमला किया है। हूती मिलिट्री के प्रवक्ता याह्या सरी (Yahya Saree) ने वीडियो मैसेज शेयर करते हुए बयान जारी किया कि उनकी सेना ने किंग खालिद एयरबेस पर मिसाइलों और ड्रोन्स से हमला किया है। सारी ने कहा कि इस हमले में एयरबेस पर फाइटर-जेट हैंगर, रडार सिस्टम, रनवे, एम्युनिशन डिपो और दूसरी सैन्य जगहों को निशाना बनाया गया।

हुआ काफी नुकसान

सरी ने दावा किया कि सऊदी अरब के किंग खालिद एयरबेस पर किया हमला सटीक और सीधा था और इससे उन्हें काफी नुकसान हुआ। फिलहाल इस बात की जानकारी सामने नहीं आई है कि इस हमले में कोई हताहत हुआ या नहीं।

और बड़े हमलों की दी चेतावनी

सरी ने कहा कि यह हमला सऊदी अरब के उस हवाई हमले के जवाब में किया गया, जिसे सऊदी की सेना ने यमन में और तेज़ होता हुआ बताया है। सरी ने दावा किया कि हाल के दिनों में सऊदी ने फाइटर जेट्स से यमन के कई प्रांतों में 300 से ज़्यादा हवाई हमले किए हैं। ऐसे में हूतियों के सैन्य प्रवक्ता सरी ने यह चेतावनी दी कि अगर यमन में सऊदी अरब की कार्रवाई जारी रहे, तो उस पर और बड़े हमले किए जाएंगे।

क्या है दोनों पक्षों के बीच तनाव की वजह?

यमन में संघर्ष 2014 के आखिर में तब शुरू हुआ जब हूतियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मार्च 2015 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में दखल दिया। तभी से दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। हूतियों को ईरान (Iran) का समर्थन प्राप्त है तो वहीँ यमन की सेना को सऊदी अरब का समर्थन प्राप्त है।

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