सऊदी अरब के मदीना इलाके में करीब 11 करोड़ टन यूरेनियम वाला खनिज मिला है। यहां यूरेनियम के साथ रेयर अर्थ मिनरल्स भी पाए गए हैं। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने वियना में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सम्मेलन में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह खोज मदीना के जबल सैयद प्रोजेक्ट में हुई है। यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु ऊर्जा और हथियार बनाने में होता है। सऊदी अरब पहले से ही परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है। तेल से परमाणु ऊर्जा की तरफ बढ़ रहा सऊदी सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था लंबे समय से तेल पर निर्भर रही है। अब वह तेल के साथ परमाणु, सौर और पवन ऊर्जा जैसे दूसरे स्रोतों को भी बढ़ावा दे रहा है। सऊदी परमाणु बिजलीघर लगाने और देश में मिले यूरेनियम का इस्तेमाल करने की योजना पर काम कर रहा है। ऐसे में मदीना में यूरेनियम वाला खनिज मिलना उसके लिए अहम हो सकता है। अगर आगे की जांच में यहां से यूरेनियम निकालना फायदेमंद साबित हुआ, तो सऊदी परमाणु ऊर्जा के लिए अपनी जरूरत का कुछ हिस्सा देश में ही पूरा कर सकेगा। इससे दूसरे देशों से यूरेनियम खरीदने पर उसकी निर्भरता घट सकती है। हालांकि, खनिज मिलने के बाद सीधे परमाणु ईंधन तैयार नहीं होता। पहले यूरेनियम को निकालना और फिर उसे इस्तेमाल लायक बनाना पड़ता है। रेयर अर्थ मटेरियल भी मिला, अभी चीन का दबदबा मदीना में मिले खनिज में हेवी रेयर अर्थ मटेरियल भी पाए गए हैं। इनका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन चक्कियों, रोबोट, ड्रोन और आधुनिक रक्षा उपकरणों में लगने वाले शक्तिशाली चुंबक बनाने में होता है। इन खनिजों की खनन और प्रोसेसिंग पर चीन का बड़ा दबदबा है। चीन इन खनिजों को निकालने के साथ उन्हें इस्तेमाल लायक बनाने और चुंबक बनाने में भी दुनिया में सबसे आगे है। ऐसे में सऊदी में इन संसाधनों की खोज अहम है। अगर सऊदी आगे चलकर इनका खनन और प्रोसेसिंग शुरू करता है, तो वह चीन पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे देशों के लिए एक नया स्रोत बन सकता है।
सऊदी अरब में 11 करोड़ टन यूरेनियम वाला खनिज मिला:मदीना में रेयर अर्थ मिनरल्स भी मिले; परमाणु ऊर्जा पर बढ़ा सऊदी का फोकस

