वैशाली के हाजीपुर में ठेकेदार रामनरेश राय हत्याकांड में पुलिस ने चौथे आरोपी नीतीश कुमार उर्फ क्रिमिनल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या का सौदा 1 लाख रुपए में तय हुआ था, जिसमें से आरोपी को 40 हजार रुपए मिल चुके थे। नीतीश दिग्घी नया टोला का रहने वाला है। उस पर 13 अगस्त की सुबह हुई हत्या में शूटरों को रामनरेश राय की पहचान कराने का आरोप है। पुलिस जांच में सामने आया कि स्थानीय होने के कारण उसने शूटरों की मदद की थी। आरोपी ने बताया कि छोटू राणा के कहने पर आदित्य प्रकाश उर्फ ढोलू ने उसे हत्या के लिए 1 लाख रुपए देने का वादा किया था। 12 अगस्त की रात उसने आदित्य के साथ मॉल से कपड़े और जूते खरीदे थे, ताकि पहचान छिपाई जा सके। वारदात के बाद नीतीश बनारस भाग गया था। बाद में गांव वालों का विश्वास जीतने के लिए वह मृतक के कैंडल मार्च में भी शामिल हुआ था। पुलिस के अनुसार, आरोपी का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है, उसके खिलाफ मोबाइल लूट और छिनैती के मामले दर्ज हैं। अन्य आरोपियों की भूमिका भी आई सामने
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में नीतीश ने बताया कि दानापुर पुलिस टीम द्वारा पकड़ा गया आरोपी आदित्य प्रकाश उर्फ ढोलू भी घटना के दिन बाइक चला रहा था, जबकि रमेश यादव ने शूटर की भूमिका निभाई थी। मामले में छोटू राणा की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। एसएसपी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की
वैशाली के एसएसपी शुभांक मिश्रा ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना के दिन चार अपराधी घटनास्थल पर पहुंचे थे, जिनमें नीतीश कुमार भी शामिल था। उसे गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एसएसपी ने कहा कि हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। वैशाली के हाजीपुर में ठेकेदार रामनरेश राय हत्याकांड में पुलिस ने चौथे आरोपी नीतीश कुमार उर्फ क्रिमिनल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या का सौदा 1 लाख रुपए में तय हुआ था, जिसमें से आरोपी को 40 हजार रुपए मिल चुके थे। नीतीश दिग्घी नया टोला का रहने वाला है। उस पर 13 अगस्त की सुबह हुई हत्या में शूटरों को रामनरेश राय की पहचान कराने का आरोप है। पुलिस जांच में सामने आया कि स्थानीय होने के कारण उसने शूटरों की मदद की थी। आरोपी ने बताया कि छोटू राणा के कहने पर आदित्य प्रकाश उर्फ ढोलू ने उसे हत्या के लिए 1 लाख रुपए देने का वादा किया था। 12 अगस्त की रात उसने आदित्य के साथ मॉल से कपड़े और जूते खरीदे थे, ताकि पहचान छिपाई जा सके। वारदात के बाद नीतीश बनारस भाग गया था। बाद में गांव वालों का विश्वास जीतने के लिए वह मृतक के कैंडल मार्च में भी शामिल हुआ था। पुलिस के अनुसार, आरोपी का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है, उसके खिलाफ मोबाइल लूट और छिनैती के मामले दर्ज हैं। अन्य आरोपियों की भूमिका भी आई सामने
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में नीतीश ने बताया कि दानापुर पुलिस टीम द्वारा पकड़ा गया आरोपी आदित्य प्रकाश उर्फ ढोलू भी घटना के दिन बाइक चला रहा था, जबकि रमेश यादव ने शूटर की भूमिका निभाई थी। मामले में छोटू राणा की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। एसएसपी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की
वैशाली के एसएसपी शुभांक मिश्रा ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना के दिन चार अपराधी घटनास्थल पर पहुंचे थे, जिनमें नीतीश कुमार भी शामिल था। उसे गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एसएसपी ने कहा कि हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

