शेखपुरा में जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में जिला नीलामपत्र वाद (सर्टिफिकेट केस) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के अंतर्गत लंबित बकाया वसूली मामलों, उनके निष्पादन की स्थिति और वारंट तामिला की प्रगति का विस्तार से जायजा लिया गया। जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने समीक्षा के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि बकायेदारों पर सख्ती बरती जाए और पुराने नीलामपत्र मुकदमों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाए। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को वारंट तामिला कराने की कार्यवाही में तेजी लाने और त्वरित तामिला सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया। तुरंत सामाधान निकालने के लिए दिया निर्देश साथ ही, जिले के बड़े बकायेदारों तथा लंबे समय से लंबित (पुराने) मामलों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया। निष्पादन की गति बढ़ाने के उद्देश्य से सभी नीलामपत्रवाद पदाधिकारियों को सप्ताह में अनिवार्य रूप से दो दिन कोर्ट संचालित करने का निर्देश दिया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी या व्यावहारिक समस्या आने पर संबंधित विभागीय पदाधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर त्वरित समाधान निकालने हेतु भी निर्देशित किया गया। मौके पर मौजूद रहे अधिकारी इस समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता, जिला लोक एवं अनुमंडल शिकायत निवारण पदाधिकारी, भू-अर्जन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, वरीय उपसमाहर्ता सह जिला गोपनीय प्रभारी पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला विकास पदाधिकारी सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, समस्त जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी और जिले के सभी थाना थानाध्यक्ष सहित कई प्रमुख प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने ताकीद किया कि राजस्व वसूली और विधिक प्रक्रियाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शेखपुरा में जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में जिला नीलामपत्र वाद (सर्टिफिकेट केस) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के अंतर्गत लंबित बकाया वसूली मामलों, उनके निष्पादन की स्थिति और वारंट तामिला की प्रगति का विस्तार से जायजा लिया गया। जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने समीक्षा के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि बकायेदारों पर सख्ती बरती जाए और पुराने नीलामपत्र मुकदमों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाए। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को वारंट तामिला कराने की कार्यवाही में तेजी लाने और त्वरित तामिला सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया। तुरंत सामाधान निकालने के लिए दिया निर्देश साथ ही, जिले के बड़े बकायेदारों तथा लंबे समय से लंबित (पुराने) मामलों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया। निष्पादन की गति बढ़ाने के उद्देश्य से सभी नीलामपत्रवाद पदाधिकारियों को सप्ताह में अनिवार्य रूप से दो दिन कोर्ट संचालित करने का निर्देश दिया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी या व्यावहारिक समस्या आने पर संबंधित विभागीय पदाधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर त्वरित समाधान निकालने हेतु भी निर्देशित किया गया। मौके पर मौजूद रहे अधिकारी इस समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता, जिला लोक एवं अनुमंडल शिकायत निवारण पदाधिकारी, भू-अर्जन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, वरीय उपसमाहर्ता सह जिला गोपनीय प्रभारी पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला विकास पदाधिकारी सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, समस्त जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी और जिले के सभी थाना थानाध्यक्ष सहित कई प्रमुख प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने ताकीद किया कि राजस्व वसूली और विधिक प्रक्रियाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

