हांसदा स्थित कचरा डंपिंग यार्ड में लगातार जमा हो रहे कचरे और फैलती दुर्गंध की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन के निर्देश पर हंसदा कलिजान में अवैध रूप से बने करीब 20 से 25 घरों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध भी जताया, जबकि कई लोगों ने खुद ही अपने आशियाने हटा लिए। मौके पर नगर आयुक्त अनिरुद्ध पांडेय, सदर एसडीओ विग्नेश टीए सहित नगर निगम और पुलिस प्रशासन के तमाम अधिकारी मौजूद रहे। सदर एसडीओ विग्नेश टीए ने बताया कि हंसदा में कचरे के वैज्ञानिक निष्पादन के लिए एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) और कंपोस्ट प्लांट स्थापित किया जाना है। इस प्लांट के लिए जमीन की सख्त आवश्यकता थी, जिसके चलते यह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है। नगर निगम के उप नगर आयुक्त ने बताया कि हांसदा डंपिंग यार्ड में भारी मात्रा में कचरा जमा होने से आसपास के इलाकों में भीषण दुर्गंध फैल रही है। इसके स्थायी समाधान के लिए वैज्ञानिक निष्पादन प्लांट लगाया जा रहा है। इसके जरिए कचरे का पृथक्करण कर उपयोगी सामग्री को अलग किया जाएगा और जैविक कचरे से कंपोस्ट तैयार होगी। इससे कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के साथ ही स्थानीय लोगों को दुर्गंध से पूरी तरह निजात मिलेगी। हांसदा स्थित कचरा डंपिंग यार्ड में लगातार जमा हो रहे कचरे और फैलती दुर्गंध की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन के निर्देश पर हंसदा कलिजान में अवैध रूप से बने करीब 20 से 25 घरों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध भी जताया, जबकि कई लोगों ने खुद ही अपने आशियाने हटा लिए। मौके पर नगर आयुक्त अनिरुद्ध पांडेय, सदर एसडीओ विग्नेश टीए सहित नगर निगम और पुलिस प्रशासन के तमाम अधिकारी मौजूद रहे। सदर एसडीओ विग्नेश टीए ने बताया कि हंसदा में कचरे के वैज्ञानिक निष्पादन के लिए एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) और कंपोस्ट प्लांट स्थापित किया जाना है। इस प्लांट के लिए जमीन की सख्त आवश्यकता थी, जिसके चलते यह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है। नगर निगम के उप नगर आयुक्त ने बताया कि हांसदा डंपिंग यार्ड में भारी मात्रा में कचरा जमा होने से आसपास के इलाकों में भीषण दुर्गंध फैल रही है। इसके स्थायी समाधान के लिए वैज्ञानिक निष्पादन प्लांट लगाया जा रहा है। इसके जरिए कचरे का पृथक्करण कर उपयोगी सामग्री को अलग किया जाएगा और जैविक कचरे से कंपोस्ट तैयार होगी। इससे कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के साथ ही स्थानीय लोगों को दुर्गंध से पूरी तरह निजात मिलेगी।

