अलवर में परिचितों के क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने के बाद भुगतान बंद करने का मामला सामने आया है। कालाकुआं निवासी परिवादी ने आरोपी हेमंत गुप्ता और उसकी पत्नी श्वेता खंडेलवाल के खिलाफ धोखाधड़ी का कोर्ट में परिवाद पेश किया है। अब अरावली विहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिवाद के अनुसार, हेमंत ने व्यवसाय के लिए पैसों की जरूरत बताकर परिचितों के क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने के लिए लिए थे। शुरुआत में वह समय पर भुगतान करता रहा, लेकिन जुलाई 2026 से भुगतान बंद कर दिया। शिकायतकर्ता का दावा है कि क्रेडिट कार्ड से करीब 92.19 लाख रुपए इस्तेमाल किए गए। इसके अलावा पत्नी के इलाज के नाम पर 10 लाख रुपए भी बैंक खाते में ट्रांसफर करवाए गए। न्यायालय के निर्देश पर अरावली विहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। व्यवसाय के लिए मांगे थे क्रेडिट कार्ड रिपोर्ट में परिवादी ने बताया कि हेमंत गुप्ता से उसकी पुरानी जान-पहचान थी। दोनों के बीच विश्वास के संबंध थे। वर्ष 2020 में हेमंत ने अपने व्यवसाय के लिए कुछ समय के लिए पैसों की जरूरत बताते हुए परिवादी और उसकी पत्नी के क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने के लिए मांगे थे। उसने कार्ड से खर्च की गई राशि समय पर चुकाने और इसके बदले 1 प्रतिशत लाभ देने की बात कही थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, शुरुआत में हेमंत क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि का भुगतान समय पर करता रहा। इससे उसका विश्वास बढ़ गया। बाद में हेमंत ने अनूप से उसके दोस्तों, परिवार के सदस्यों और स्टाफ के लोगों के क्रेडिट कार्ड भी इस्तेमाल के लिए दिलवाने को कहा। इसके बाद कई लोगों के क्रेडिट कार्ड उसे इस्तेमाल करने के लिए दिए गए। अलग-अलग लोगों के कार्ड से 92.19 लाख रुपए इस्तेमाल करने का आरोप परिवाद में क्रेडिट कार्ड से इस्तेमाल की गई राशि का अलग-अलग विवरण दिया गया है। इसके अनुसार, अनूप के 27 क्रेडिट कार्ड से करीब 33.03 लाख रुपए, उसकी पत्नी के चार कार्ड से करीब 3.85 लाख रुपए और दोस्त निखिल जैन के 13 कार्ड से करीब 33.65 लाख रुपए इस्तेमाल किए गए। इसी तरह एक दोस्त के छह क्रेडिट कार्ड से करीब 6.71 लाख रुपए और परिवार के सदस्यों व स्टाफ के लोगों के कार्ड से करीब 14.93 लाख रुपए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है। परिवाद में इन सभी कार्ड से इस्तेमाल की गई कुल राशि करीब 92.19 लाख रुपए बताई गई है। पत्नी के इलाज के नाम पर 10 लाख रुपए लेने का आरोप परिवादी ने आरोप लगाया कि हेमंत ने अपनी पत्नी की बीमारी का इलाज कराने के लिए 10 लाख रुपए की जरूरत बताई थी। इस पर उसने ऑनलाइन माध्यम से हेमंत के बैंक खाते में 10 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। शिकायतकर्ता का कहना है कि क्रेडिट कार्ड से इस्तेमाल की गई राशि और बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए रुपयों को मिलाकर कुल 1.02 करोड़ रुपए से अधिक का लेन-देन हुआ। परिवाद के अनुसार, जुलाई 2026 से हेमंत ने क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि का भुगतान करना बंद कर दिया। इसके बाद परिवादी और उसके परिचितों को बैंकों की ओर से बकाया राशि चुकाने के लिए कहा जाने लगा। परिवादी ने दावा किया कि उसे बैंकों की बकाया न्यूनतम राशि के रूप में करीब 5 लाख रुपए भी जमा कराने पड़े। फोन बंद मिले, परिवार के साथ घर से जाने का आरोप परिवादी का आरोप है कि जब उसने हेमंत से रकम वापस मांगी तो वह पहले टालमटोल करता रहा। बाद में उसने फोन उठाना बंद कर दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार, हेमंत के कई मोबाइल नंबर बंद आने लगे। उसकी पत्नी का मोबाइल नंबर भी बंद मिला। परिवाद में यह भी आरोप लगाया गया है कि हेमंत अपने परिवार के साथ घर से फरार हो गया है। फिलहाल अरावली विहार थाना पुलिस पूरे मामले की जांच करने में जुटी है।

