बेतिया शहर में सावन के पवित्र महीने में रविवार को आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। मारवाड़ी युवा मंच, बेतिया द्वारा एक विशेष बाल कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छोटे-छोटे बच्चों ने उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया। नन्हे कांवड़ियों के हाथों में कांवड़ और मुख पर भगवान शिव के जयकारे वातावरण में गूंज रहे थे। जोड़ा शिवालय मंदिर से यात्रा की शुरुआत बाल कांवड़ यात्रा की शुरुआत जोड़ा शिवालय मंदिर के प्रांगण से हुई। यहां नन्हे कांवड़ियों ने विधि-विधान के साथ जल ग्रहण किया और उसके बाद पैदल सागर पोखरा स्थित शिव मंदिर के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान बच्चों में भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था और उत्साह स्पष्ट दिखाई दे रहा था। नन्हे कांवड़िए पूरे रास्ते ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। बच्चों के साथ उनके अभिभावक और आयोजन से जुड़े सदस्य भी मौजूद थे। यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया। सड़क से गुजर रहे राहगीर भी बच्चों की इस अनोखी कांवड़ यात्रा को देखकर आकर्षित हुए और कई लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया। नन्हे कांवड़ियों ने भोलेनाथ का जलाभिषेक किया सागर पोखरा स्थित शिव मंदिर पहुंचने के बाद सभी नन्हे कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। जलाभिषेक के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। बच्चों ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। मारवाड़ी युवा मंच द्वारा आयोजित इस विशेष बाल कांवड़ यात्रा का मुख्य उद्देश्य बच्चों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना और उनमें भारतीय संस्कारों एवं संस्कृति के प्रति जागरूकता पैदा करना था। बच्चों को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना लक्ष्य आयोजकों का कहना है कि बचपन से ही बच्चों को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने से उनमें संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। शहरवासियों ने मारवाड़ी युवा मंच के इस आयोजन की सराहना की। लोगों ने कहा कि नन्हे बच्चों की श्रद्धा, उत्साह और अनुशासन ने सावन की धार्मिक भावना को और अधिक जीवंत बना दिया। इस बाल कांवड़ यात्रा ने बेतिया शहर में सावन के माहौल को भक्तिमय कर दिया। बेतिया शहर में सावन के पवित्र महीने में रविवार को आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। मारवाड़ी युवा मंच, बेतिया द्वारा एक विशेष बाल कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छोटे-छोटे बच्चों ने उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया। नन्हे कांवड़ियों के हाथों में कांवड़ और मुख पर भगवान शिव के जयकारे वातावरण में गूंज रहे थे। जोड़ा शिवालय मंदिर से यात्रा की शुरुआत बाल कांवड़ यात्रा की शुरुआत जोड़ा शिवालय मंदिर के प्रांगण से हुई। यहां नन्हे कांवड़ियों ने विधि-विधान के साथ जल ग्रहण किया और उसके बाद पैदल सागर पोखरा स्थित शिव मंदिर के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान बच्चों में भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था और उत्साह स्पष्ट दिखाई दे रहा था। नन्हे कांवड़िए पूरे रास्ते ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। बच्चों के साथ उनके अभिभावक और आयोजन से जुड़े सदस्य भी मौजूद थे। यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया। सड़क से गुजर रहे राहगीर भी बच्चों की इस अनोखी कांवड़ यात्रा को देखकर आकर्षित हुए और कई लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया। नन्हे कांवड़ियों ने भोलेनाथ का जलाभिषेक किया सागर पोखरा स्थित शिव मंदिर पहुंचने के बाद सभी नन्हे कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। जलाभिषेक के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। बच्चों ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। मारवाड़ी युवा मंच द्वारा आयोजित इस विशेष बाल कांवड़ यात्रा का मुख्य उद्देश्य बच्चों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना और उनमें भारतीय संस्कारों एवं संस्कृति के प्रति जागरूकता पैदा करना था। बच्चों को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना लक्ष्य आयोजकों का कहना है कि बचपन से ही बच्चों को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने से उनमें संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। शहरवासियों ने मारवाड़ी युवा मंच के इस आयोजन की सराहना की। लोगों ने कहा कि नन्हे बच्चों की श्रद्धा, उत्साह और अनुशासन ने सावन की धार्मिक भावना को और अधिक जीवंत बना दिया। इस बाल कांवड़ यात्रा ने बेतिया शहर में सावन के माहौल को भक्तिमय कर दिया।

