अमेठी में सूफी संत और महान कवि मलिक मोहम्मद जायसी की विरासत को संरक्षित करने के लिए एक पार्क विकसित किया जा रहा है। योगी सरकार द्वारा 10.36 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस स्मारक और पार्क का 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। यह परियोजना अक्टूबर तक पूरी होने की उम्मीद है और यह सूफी-कबीर सर्किट का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बनेगी। पर्यटन विभाग अमेठी जिले में मलिक मोहम्मद जायसी स्मारक एवं पार्क को एक आधुनिक पर्यटन और साहित्यिक केंद्र के रूप में विकसित कर रहा है।10.36 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए अब तक 9.15 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।अधिकारियों के अनुसार, परियोजना का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है और इसे अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार उन महान संतों और कवियों की विरासत को संरक्षित कर रही है, जिन्होंने भारत की सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना मलिक मोहम्मद जायसी की साहित्यिक विरासत को संरक्षित करेगी और युवा पीढ़ी को देश की समृद्ध साहित्यिक परंपराओं से जोड़ेगी। इस परियोजना के तहत पार्क को अमृत उद्यान की तर्ज पर लैंडस्केप डिजाइन के साथ विकसित किया जा रहा है। परिसर में स्थित मौजूदा शोध संस्थान को एक आधुनिक लाइब्रेरी में परिवर्तित किया जा रहा है, जो विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए एक प्रमुख केंद्र बनेगा। इसके अतिरिक्त, 120 सीटों वाला एक ऑडिटोरियम भी बनाया जा रहा है, जहाँ सांस्कृतिक कार्यक्रम और लाइट एंड साउंड शो आयोजित किए जा सकेंगे। परिसर में दो सामुदायिक पार्क, एक ओपन जिम, वॉकिंग और मेडिटेशन जोन, कंकड़ वाले मार्ग, पार्किंग सुविधा, प्रवेश द्वार और बच्चों के लिए खेल क्षेत्र भी विकसित किए जा रहे हैं। स्मारक का निर्माण लाल बलुआ पत्थर से किया गया है, और इसकी दीवारों पर मलिक मोहम्मद जायसी के जीवन तथा उनकी कालजयी रचना ‘पद्मावत’ को दर्शाते भित्तिचित्र बनाए गए हैं। मंत्री जयवीर सिंह ने यह भी बताया कि जायसी का 16वीं सदी का शोध संस्थान, जो कभी अस्तबल के रूप में इस्तेमाल होता था, अब एक आकर्षक पर्यटन केंद्र में बदल रहा है।

