भगवान श्री सांवलिया सेठ के दरबार में इस बार जन्माष्टमी का पर्व पहले से कहीं ज्यादा भव्य तरीके से मनाया जाएगा। मंदिर परिसर को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जा रहा है। रात 8 बजे ड्रोन शो होगा, जबकि रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के साथ विशेष आरती, पंजेरी प्रसाद वितरण और आतिशबाजी होगी। जन्माष्टमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए मंदिर मंडल ने दर्शन, सुरक्षा, पार्किंग और यातायात को लेकर विशेष तैयारी की है। रात 12 बजे विशेष आरती, इसके बाद पंजेरी प्रसाद और आतिशबाजी जन्माष्टमी पर हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु सांवलियाजी पहुंचते हैं। इसे देखते हुए इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा पर खास फोकस रखा गया है, ताकि भीड़ के बावजूद दर्शन व्यवस्था सुचारू बनी रहे। मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव ने बताया कि 4 सितंबर को VIP दर्शन की सुविधा पूरी तरह बंद रहेगी और सभी श्रद्धालु सामान्य व्यवस्था से ही दर्शन करेंगे। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर विशेष आरती होगी। इसके बाद श्रद्धालुओं को पंजेरी का प्रसाद वितरित किया जाएगा और भव्य आतिशबाजी के साथ जन्मोत्सव का उत्साह चरम पर पहुंचेगा। फूलों की सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी के साथ होगा ड्रोन शो जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर परिसर को विशेष फूलों की सजावट और आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया जाएगा। शाम होते ही पूरा मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठेगा। इस बार मंदिर मंडल ने श्रद्धालुओं के लिए रात 8 बजे विशेष ड्रोन शो का आयोजन भी रखा है। आधुनिक तकनीक से होने वाला यह शो जन्माष्टमी का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहा है। इसकी खास बात यह है कि ड्रोन शो को इस तरह तैयार किया गया है कि श्रद्धालु पार्किंग क्षेत्र से भी इसे आसानी से देख सकेंगे। इससे मंदिर परिसर में अतिरिक्त भीड़ नहीं बढ़ेगी और ज्यादा से ज्यादा लोग इस कार्यक्रम का आनंद ले सकेंगे। मीरा सर्किल के निर्धारित गेट से मिलेगा मंदिर में प्रवेश जन्माष्टमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए मंदिर मंडल ने प्रवेश और पार्किंग की व्यवस्था में बदलाव किया है। श्रद्धालुओं को केवल मीरा सर्किल स्थित पार्किंग की ओर बने निर्धारित प्रवेश द्वार से ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए जिग-जैग लाइन और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। अलग-अलग मार्गों से आने वाले वाहनों के लिए अलग पार्किंग तय की गई है। भादसोड़ा चौराहा फोरलेन की ओर से आने वाली गाड़ियों के लिए महाविद्यालय, छात्रावास और रेफरल हॉस्पिटल परिसर में पार्किंग रहेगी। बानसेन मार्ग से आने वाले वाहन कुरेठा चौराहा स्थित पार्किंग में खड़े किए जाएंगे। भदेसर मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग पार्किंग बनाई गई है, जबकि निम्बाहेड़ा और आवरी माताजी मार्ग से आने वाले वाहनों के लिए गोकुल विश्रांति गृह के पास पार्किंग तय की गई है। बसों और बड़े वाहनों के लिए राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मंडफिया के खेल मैदान में पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। मंदिर मंडल की ओर से वरिष्ठ नागरिकों और वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क बस सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उन्हें मंदिर तक पहुंचने में परेशानी न हो। साथ ही चौपहिया और बड़े वाहनों का मंडफिया गांव में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। VIP दर्शन बंद, केक और कीमती सामान लाने पर भी रोक मंदिर मंडल ने स्पष्ट किया है कि 4 सितंबर को जन्माष्टमी के दिन VIP दर्शन की सुविधा पूरी तरह बंद रहेगी। सभी श्रद्धालुओं को सामान्य कतार से ही दर्शन करने होंगे, ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो और व्यवस्था सुचारू बनी रहे। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे मंदिर में केक लेकर नहीं आएं, क्योंकि मंदिर परिसर में केक लाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा जूते-चप्पल सिर्फ निर्धारित जूता स्टैंड पर ही रखें और अपने साथ मोबाइल, कैमरा, बैग या अन्य कीमती सामान लाने से बचें। मंदिर मंडल ने जेबकतरी और चैन स्नेचिंग जैसी घटनाओं से सावधान रहने की भी सलाह दी है। श्रद्धालुओं से मंदिर की व्यवस्थाओं में सहयोग करने की अपील की गई है, ताकि सभी लोग आसानी और सुरक्षित तरीके से भगवान सांवलिया सेठ के दर्शन कर सकें। मंदिर परिसर में सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, दर्शन व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की जा रही है। मंदिर मंडल का कहना है कि उद्देश्य यही है कि देशभर से आने वाले श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान श्री सांवलिया सेठ के दर्शन कर सकें और जन्माष्टमी का यह पर्व उनके लिए यादगार बन सके। 368 पुलिसकर्मियों का रहेगा जाब्ता, 5 सेक्टर में बांटी सुरक्षा व्यवस्था श्री सांवरिया जी (मंडफिया) में कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए कुल 368 पुलिसकर्मियों का जाब्ता तैनात किया गया है। इस सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख के लिए 9 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जिनमें 2 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) और 7 पुलिस उप-अधीक्षक/वृत्ताधिकारी (Dy. SP) तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 20 CI/SI, 62 सहायक ASI/HC, 189 कांस्टेबल, 32 महिला कांस्टेबल और 56 MBC/DGP रिजर्व के जवान तैनात रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए पूरे क्षेत्र को 5 मुख्य सेक्टरों में बांटा गया है। सेक्टर 1, 2 और 3 का पर्यवेक्षण ASP सिकाउ तथा सेक्टर 4 और 5 का पर्यवेक्षण ASP त्वरित अनुसंधान सेल द्वारा किया जाएगा। सेक्टर 1 में मुख्य मंदिर परिसर और सिंहद्वार/प्रवेश मार्गों की सुरक्षा रहेगी। सेक्टर 2 मुख्य मंदिर के बाहरी क्षेत्र और मेला ग्राउंड के नियंत्रण के लिए गठित किया गया है। सेक्टर 3 सांस्कृतिक कार्यक्रमों, मटकी फोड़ और अखाड़ा प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा प्रदान करेगा। सेक्टर 4 यातायात नियंत्रण, विभिन्न नाकों, डायवर्जन पॉइंटों और पार्किंग स्थलों की व्यवस्था संभालेगा। सेक्टर 5 भादसोड़ा चौराहा, प्राकट्य स्थल और अमरपुरा रोड नाका पर शांति व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। 12-12 घंटे की दो पारियों में ड्यूटी, 5 जगह ड्रोन कैमरे सुरक्षा पैटर्न के तहत पूरी ड्यूटी को 12-12 घंटे की दो पारियों में नियोजित किया गया है। पहली पारी शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक और दूसरी पारी सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक रहेगी। भीड़ नियंत्रण और निगरानी के लिए 5 अलग-अलग लोकेशनों- मंदिर परिसर, कंट्रोल रूम, मीरा सर्किल, मेला ग्राउंड और मुस्लिम मोहल्ला में ड्रोन कैमरे तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए मेला ग्राउंड, कंट्रोल रूम और थाना मंडफिया पर रिजर्व पुलिस बल और QRT तैनात की गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सादा वस्त्रों में पुलिसकर्मी और जिला विशेष शाखा (DSB) के जवान तैनात रहेंगे। वहीं, सभी वृत्ताधिकारी बॉडी वॉर्म कैमरों और उप-निरीक्षक या उससे उच्च स्तर के अधिकारी सर्विस रिवॉल्वर से लैस रहेंगे।

