मुजफ्फरपुर में हत्या के 3 महीने के बाद दंपती के कंकाल मिले हैं। प्रॉपर्टी के लिए आरोपी ने भाई-भाभी को मार डाला था। लाश को अपनी गाड़ी में डालकर घर से करीब 12 किमी दूर ले जाकर ठिकाने लगा दिया था। 23 अगस्त को पुलिस ने फरार आरोपी अनुज (35) को वाराणसी से गिरफ्तार किया। उससे कड़ी पूछताछ की। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने दंपती के कंकाल बरामद किए। मृतक लैपटॉप कारोबारी मनोज भगत (48) और उनकी पत्नी मीनू देवी (45) है। जिनकी हत्या 19 मई की देर रात ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में हुई थी। दंपती की हत्या कैसे हुई, कितनी प्रॉपर्टी है, पुलिस आरोपी तक कैसे पहुंची, दंपती की बेटी ने क्या कहा, पढ़ें रिपोर्ट… घटनास्थल से कुछ तस्वीरें… पहले भाभी और फिर भाई को मारा पुलिस के अनुसार 19 मई की रात आरोपी अनुज दंपती के घर पहुंचा था। उसने सबसे पहले भाभी मीनू का गला दबाया। तब तक पति मनोज भगत भी पहुंच गए। उन्होंने देखा कि भाई ने उनकी पत्नी का गला दबाकर रखा है। उन्होंने भाई का विरोध किया, लेकिन मीनू की तबतक मौत हो चुकी थी। दोनों भाइयों में मारपीट हुई। इसी दौरान आरोपी अनुज ने कमरे में रखी एक मूर्ति से मनोज के सिर पर वार किया। सिर में गंभीर चोट लगने की वजह से मनोज की भी मौके पर मौत हो गई। कार से लाशों को ठिकाने लगाया घर में दंपती के अलावा कोई नहीं था। दंपती की बेटी है, जिसकी शादी पिछले साल हो गई थी। वो अपने ससुराल में थी। अनुज ने दोनों लाशों को अपनी कार में रखा और दरभंगा रोड स्थित बोचहां थाना क्षेत्र में ले जाकर ठिकाने लगा दिया। अगले दिन 20 मई की सुबह दंपती के घर आसपास के पड़ोसी पहुंचे। पड़ोसी ने दोनों को नहीं देखा। काफी देर होने के बाद भी दंपती का पता नहीं चला, तब पड़ोसियों ने दंपती की बेटी शेफाली को फोन पर बताया तुम्हारे मां-पिता लापता हैं। कमरे से खून के धब्बे मिलने के बाद पुलिस ने जांच तेज की बेटी शेफाली ने अपने मां-पिता को फोन किया, पर मोबाइल भी बंद था। इसके बाद उसे अनहोनी की आशंका होने लगी। शेफाली ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान पुलिस दंपती के घर पहुंची। पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम भी पहुंची थी। कमरे में खून के धब्बे मिले। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया। बेटी ने चाचा पर संदेह जताया था घटना के बाद से ही कारोबारी की बेटी शेफाली अपने चाचा अनुज पर लगातार संदेह जता रही थी। उसने आरोप लगाया था कि संपत्ति हड़पने के इरादे से उसके माता-पिता को नुकसान पहुंचाया गया है। जांच के दौरान आरोपी अनुज भी अचानक लापता हो गया, जिससे पुलिस का शक हुआ। कार में भी मिले खून के निशान पुलिस की जांच में अनुज की कार में भी दंपती के खून के निशान मिले थे। ये वही कार है जिससे अनुज ने लाशों को ठिकाने लगाया था। पुलिस ने कमरे में मिले खून के निशान से मैच किया तो दोनों एक ही निकले। जिसके बाद पुलिस अनुज को खोजने लगी। जांच-पड़ताल में पता चला कि अनुज वाराणसी में है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी वाराणसी से की। मुजफ्फपुर के पॉश इलाके में प्रॉपर्टी दंपती का घर मुजफ्फरपुर के पॉश इलाके में ब्रह्मपुरा में है। बिल्डिंग में ऊपर परिवार रहता था और नीचे मार्केट है। जिसमें करीब 12 दुकानें रेंट पर चलती है। रेंट के पैसे दंपती के पास जमा होते थे। इसी खुन्नस में आरोपी भाई अनुज ने हत्या की। डीएनए टेस्ट कराया जाएगा वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा और एसडीपीओ टाउन-2 बिनीता सिन्हा ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर शव के अवशेष बरामद कर पोस्टमॉर्टम और डीएनए टेस्ट के लिए भेज दिए गए हैं। डीएनए रिपोर्ट और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर साक्ष्य मजबूत किए जाएंगे। फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस उसे रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ करेगी। मुजफ्फरपुर में हत्या के 3 महीने के बाद दंपती के कंकाल मिले हैं। प्रॉपर्टी के लिए आरोपी ने भाई-भाभी को मार डाला था। लाश को अपनी गाड़ी में डालकर घर से करीब 12 किमी दूर ले जाकर ठिकाने लगा दिया था। 23 अगस्त को पुलिस ने फरार आरोपी अनुज (35) को वाराणसी से गिरफ्तार किया। उससे कड़ी पूछताछ की। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने दंपती के कंकाल बरामद किए। मृतक लैपटॉप कारोबारी मनोज भगत (48) और उनकी पत्नी मीनू देवी (45) है। जिनकी हत्या 19 मई की देर रात ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में हुई थी। दंपती की हत्या कैसे हुई, कितनी प्रॉपर्टी है, पुलिस आरोपी तक कैसे पहुंची, दंपती की बेटी ने क्या कहा, पढ़ें रिपोर्ट… घटनास्थल से कुछ तस्वीरें… पहले भाभी और फिर भाई को मारा पुलिस के अनुसार 19 मई की रात आरोपी अनुज दंपती के घर पहुंचा था। उसने सबसे पहले भाभी मीनू का गला दबाया। तब तक पति मनोज भगत भी पहुंच गए। उन्होंने देखा कि भाई ने उनकी पत्नी का गला दबाकर रखा है। उन्होंने भाई का विरोध किया, लेकिन मीनू की तबतक मौत हो चुकी थी। दोनों भाइयों में मारपीट हुई। इसी दौरान आरोपी अनुज ने कमरे में रखी एक मूर्ति से मनोज के सिर पर वार किया। सिर में गंभीर चोट लगने की वजह से मनोज की भी मौके पर मौत हो गई। कार से लाशों को ठिकाने लगाया घर में दंपती के अलावा कोई नहीं था। दंपती की बेटी है, जिसकी शादी पिछले साल हो गई थी। वो अपने ससुराल में थी। अनुज ने दोनों लाशों को अपनी कार में रखा और दरभंगा रोड स्थित बोचहां थाना क्षेत्र में ले जाकर ठिकाने लगा दिया। अगले दिन 20 मई की सुबह दंपती के घर आसपास के पड़ोसी पहुंचे। पड़ोसी ने दोनों को नहीं देखा। काफी देर होने के बाद भी दंपती का पता नहीं चला, तब पड़ोसियों ने दंपती की बेटी शेफाली को फोन पर बताया तुम्हारे मां-पिता लापता हैं। कमरे से खून के धब्बे मिलने के बाद पुलिस ने जांच तेज की बेटी शेफाली ने अपने मां-पिता को फोन किया, पर मोबाइल भी बंद था। इसके बाद उसे अनहोनी की आशंका होने लगी। शेफाली ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान पुलिस दंपती के घर पहुंची। पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम भी पहुंची थी। कमरे में खून के धब्बे मिले। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया। बेटी ने चाचा पर संदेह जताया था घटना के बाद से ही कारोबारी की बेटी शेफाली अपने चाचा अनुज पर लगातार संदेह जता रही थी। उसने आरोप लगाया था कि संपत्ति हड़पने के इरादे से उसके माता-पिता को नुकसान पहुंचाया गया है। जांच के दौरान आरोपी अनुज भी अचानक लापता हो गया, जिससे पुलिस का शक हुआ। कार में भी मिले खून के निशान पुलिस की जांच में अनुज की कार में भी दंपती के खून के निशान मिले थे। ये वही कार है जिससे अनुज ने लाशों को ठिकाने लगाया था। पुलिस ने कमरे में मिले खून के निशान से मैच किया तो दोनों एक ही निकले। जिसके बाद पुलिस अनुज को खोजने लगी। जांच-पड़ताल में पता चला कि अनुज वाराणसी में है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी वाराणसी से की। मुजफ्फपुर के पॉश इलाके में प्रॉपर्टी दंपती का घर मुजफ्फरपुर के पॉश इलाके में ब्रह्मपुरा में है। बिल्डिंग में ऊपर परिवार रहता था और नीचे मार्केट है। जिसमें करीब 12 दुकानें रेंट पर चलती है। रेंट के पैसे दंपती के पास जमा होते थे। इसी खुन्नस में आरोपी भाई अनुज ने हत्या की। डीएनए टेस्ट कराया जाएगा वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा और एसडीपीओ टाउन-2 बिनीता सिन्हा ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर शव के अवशेष बरामद कर पोस्टमॉर्टम और डीएनए टेस्ट के लिए भेज दिए गए हैं। डीएनए रिपोर्ट और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर साक्ष्य मजबूत किए जाएंगे। फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस उसे रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ करेगी।

