बहुचर्चित कांग्रेस नेता और हिस्ट्रीशीटर संजू त्रिपाठी हत्याकांड में शुक्रवार को बड़ा फैसला आया। अतिरिक्त दशम सत्र न्यायाधीश आदित्य जोशी की अदालत ने मामले में मुकदमे का सामना कर रहे सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया। इनमें हत्या की साजिश रचने का आरोपी संजू का भाई कपिल त्रिपाठी भी शामिल है। पुलिस हत्या का षड्यंत्र और आरोपियों की भूमिका अदालत में साबित नहीं कर सकी। करीब 350 पेज के फैसले में जांच की कई खामियां सामने आई हैं। 14 दिसंबर 2022 को सकरी बाइपास पर दिनदहाड़े संजू त्रिपाठी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने जांच में संपत्ति विवाद को हत्या की वजह बताया था। आरोप था कि छोटे भाई कपिल त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश के शूटरों को सुपारी देकर हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने इस मामले में कुल 24 लोगों को आरोपी बनाया था। इनमें 22 गिरफ्तार हुए, जबकि दो फरार हैं। जांच में ये बड़ी खामियां आईं सामने एसएसपी बोले- हाईकोर्ट में करेंगे अपील
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि कोर्ट के फैसले का विस्तृत अध्ययन कर नियमानुसार हाईकोर्ट में अपील की जाएगी। जांच में जिन कर्मचारियों और अधिकारियों ने लापरवाही या त्रुटि की है, उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। केस पर एक नजर

