स्वास्थ्य कर्मियों ने CMO कार्यालय के बाहर दिया धरना:नियमितीकरण और समान वेतन समेत 6 मांगें, लखनऊ में धरने की चेतावनी

स्वास्थ्य कर्मियों ने CMO कार्यालय के बाहर दिया धरना:नियमितीकरण और समान वेतन समेत 6 मांगें, लखनऊ में धरने की चेतावनी

एटा में नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन समेत छह मांगों को लेकर NHM संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने गुरुवार दोपहर 2 बजे CMO कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया। सैकड़ों कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। धरना शाम 4 बजे समाप्त हुआ। 18 साल से सेवा दे रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि संगठन की दो प्रमुख मांगें नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन हैं। कर्मचारियों ने मांग की कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 18 साल से अधिक समय से लगातार सेवा दे रहे संविदाकर्मियों का नियमितीकरण किया जाए। उन्होंने दूसरे राज्यों में लंबे समय से सेवा दे रहे NHM संविदाकर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया का भी हवाला दिया। 10 लाख रुपए का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा मांगा कर्मचारियों ने खुद और आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए कम से कम 10 लाख रुपए का फैमिली फ्लोटर कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस देने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में काम करने के दौरान वे लगातार मरीजों के संपर्क में रहते हैं। ऐसे में संक्रमण और बीमारी का खतरा बना रहता है। DA, EPF, HRA और ग्रेच्युटी की मांग संविदाकर्मियों ने महंगाई भत्ता, EPF, HRA और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से सेवा कर रहे संविदाकर्मियों को सेवा अवधि और पद के अनुसार इन सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए। स्थानांतरण और अनुकम्पा नियुक्ति की मांग कर्मचारियों ने गैर जनपद स्थानांतरण नीति बहाल करने की मांग की। उन्होंने रिक्त पदों पर म्यूचुअल और स्वयं के अनुरोध पर स्थानांतरण की सुविधा देने की मांग की। संगठन ने कहा कि 2017 में ऐसी व्यवस्था लागू थी। इसके अलावा सेवाकाल के दौरान किसी संविदाकर्मी की मृत्यु होने पर उसके पात्र आश्रित को योग्यता के आधार पर अनुकम्पा नियुक्ति देने के लिए नीति बनाने की मांग की गई। आउटसोर्स कर्मियों के समायोजन और 25% कोटा की मांग संगठन ने MCTS, IDSP और HMIS डाटा ऑपरेटरों समेत कोविड-19 के दौरान आउटसोर्स के माध्यम से तैनात कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने की मांग की। नियमित पदों पर होने वाली भर्तियों में NHM संविदाकर्मियों के लिए कम से कम 25% सीटों का कोटा निर्धारित करने की भी मांग की गई। 12 अक्टूबर को लखनऊ में धरने की चेतावनी जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान ने कहा कि सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। कर्मचारी सरकार को अपनी मांगों के प्रति जागरूक करने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 23 तारीख को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। उन्होंने कहा कि 5, 6 और 7 तारीख को सांकेतिक हड़ताल की गई थी। 8, 9 और 10 अक्टूबर को धरना दिया जाएगा। इसके बाद 12 अक्टूबर को लखनऊ के ईको गार्डन में धरना प्रस्तावित है।

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